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फसलों के अवशेषों को न जलाएं किसान
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2017 12:01 AM IST
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Agriculture
- फोटो : DEMO PHOTO
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शामली। कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठी एवं प्रशिक्षण में सहारनपुर से आए उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा इकाई जयप्रकाश चौधरी ने किसानों को फसलों के अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित किया। किसानों को फसल अवशेषों से कंपोस्ट विधि से गला सड़ाकर जैविक खाद बनाने की जानकारी दी।
बुधवार को कृषि भवन में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए फसलों के अवशेषों को न जलाएं। अवशेषों को कंपोस्ट विधि से गला सड़ाकर जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। सहारनपुर के वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक ओपी राठी ने किसानों को जैविक खेती और मृदा सुधार के बारे में जानकारी दी।
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ कृषि रक्षा पर्यवेक्षक सतेंद्र सिंह ने मित्र और शत्रु कीट की जानकारी दी। प्रशिक्षण में एनएस बादल ने वायोपेस्टीसाइड्स का लाभ और जैविक खेती पर प्रकाश डाला। उन्होंने ट्राईकोडरमा, व्यूवेरिया, बेसियाना, मेटाराइजियम, स्यूडोमोनाश, वर्टीसीलियम, एनपीवी की उपयोगिता और प्रयोग की विधि बताई।
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प्रगतिशील किसान देशराज सिंह की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के किसानों ने हिस्सा लिया। उपनिदेशक कृषि आनंद त्रिपाठी ने कृषि विभाग की ओर से जिले में संचालित होने वाली कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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बुधवार को कृषि भवन में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए फसलों के अवशेषों को न जलाएं। अवशेषों को कंपोस्ट विधि से गला सड़ाकर जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। सहारनपुर के वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक ओपी राठी ने किसानों को जैविक खेती और मृदा सुधार के बारे में जानकारी दी।
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मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ कृषि रक्षा पर्यवेक्षक सतेंद्र सिंह ने मित्र और शत्रु कीट की जानकारी दी। प्रशिक्षण में एनएस बादल ने वायोपेस्टीसाइड्स का लाभ और जैविक खेती पर प्रकाश डाला। उन्होंने ट्राईकोडरमा, व्यूवेरिया, बेसियाना, मेटाराइजियम, स्यूडोमोनाश, वर्टीसीलियम, एनपीवी की उपयोगिता और प्रयोग की विधि बताई।
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प्रगतिशील किसान देशराज सिंह की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के किसानों ने हिस्सा लिया। उपनिदेशक कृषि आनंद त्रिपाठी ने कृषि विभाग की ओर से जिले में संचालित होने वाली कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी।