फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   DNA test exposes fake birth certificate

Shamli News: डीएनए जांच में खुली फर्जी जन्म प्रमाणपत्र की पोल

Mon, 03 Aug 2026 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Mon, 03 Aug 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
DNA test exposes fake birth certificate
शामली। सिलावर गांव की 10वीं की छात्रा ध्वनि की पैतृक संपत्ति विवाद में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है।
विज्ञापन

न्यायालय के आदेश पर गाजियाबाद स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराई गई डीएनए जांच में सामने आया कि मुजफ्फरनगर के दुल्हेरा निवासी नीरज, ध्वनि के पिता नहीं हैं। जिसमें प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर पुलिस ने ध्वनि के चचेरे बाबा शरण को आरोपी बनाया है। हालांकि, 30 बीघा जमीन और मकान के स्वामित्व को लेकर विवाद अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
18 वर्षीय ध्वनि ने पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि जब वह करीब डेढ़ वर्ष की थी, तभी उसके पिता प्रशांत उर्फ गोल्डी की मौत हो गई थी। कुछ समय बाद उसकी मां सोनिया ने दूसरी शादी दुल्हेरा निवासी नीरज से कर ली। इसके बाद ध्वनि अपने नाना जसबीर सिंह के यहां बागपत के कंडेरा गांव में रहकर पढ़ाई करने लगी।
विज्ञापन

ध्वनि का दावा है कि उसके दादा परमजीत ने जीवनकाल में अपनी 30 बीघा कृषि भूमि और मकान उसके नाम वसीयत कर दी थी। वर्ष 2021 में दादी सविता की मौत के बाद पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया। ध्वनि का आरोप है कि संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उसके चचेरे बाबा शरण और अन्य लोगों ने उसे प्रशांत की बेटी मानने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए वर्ष 2010 का एक जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराकर पुलिस और प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें उसे सौतेले पिता नीरज की बेटी दर्शाने का प्रयास किया गया। साथ ही उसकी मां सोनिया, सौतेले पिता नीरज और एक अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया। कहा कि ध्वनि नीरज की बेटी है, मगर आधार कार्ड में धोखाधड़ी करके नीरज और सोनिया ने उसे प्रशांत की बेटी दर्शाया है।
अब पुलिस जांच में यह जन्म प्रमाणपत्र संदिग्ध मिला। जांच के दौरान सामने आया कि नीरज का विवाह वर्ष 2011 में हुआ था, जबकि प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र वर्ष 2010 का था। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर ध्वनि, उसकी मां सोनिया और नीरज के ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए गाजियाबाद स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए थे।

पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में सोनिया ध्वनि की जैविक मां पाई गईं, जबकि नीरज उसके जैविक पिता नहीं निकले। वहीं, जांच में प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया। इन तथ्यों के आधार पर चचेरे बाबा शरण को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया गया है। मामले के अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। पूरी जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जाएगी।
यह होती है डीएनए जांच : एसपी ने बताया कि डीएनए जांच से किसी व्यक्ति के जैविक रिश्तों की पुष्टि की जाती है।
इसमें संबंधित लोगों के रक्त, लार या अन्य जैविक नमूनों का परीक्षण कर डीएनए का मिलान किया जाता है। कोर्ट के आदेश पर ही यह जांच कराई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed