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ग्लोबल इंवेस्टर समिट में जिले का 500 करोड़ निवेश का लक्ष्य
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शामली। कैबिनेट की बैठक में बृहस्पतिवार को नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी गई। निवेश को आकर्षित करने के लिए फरवरी के दूसरे सप्ताह में लखनऊ में ग्लोबल इंवेस्टर मीट का आयोजन किया जाएगा। जिसमें जिले से 500 करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में उद्यमियों को कई बड़ी छूट की घोषणा की गई है। जिससे जिले में बेहतर निवेश की उम्मीद है।
नई नीति में एमएसएमई नीति 2017 की तरह कई प्रोत्साहन के बिंदु शामिल किए गए हैं। उद्योग स्थापना के लिए भूमि क्रय किए जाने के लिए 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट और महिला उद्यमियों को 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के विकास के अंतर्गत 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि पर एमएसएमई पार्क, औद्योगिक स्टेट, फ्लैटेड फैक्टरी कांपलेक्स (न्यूनतम 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल) के निजी औद्योगिक आस्थान विकसित किए जाने के लिए स्वीकृत परियोजना लागत में 50 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज की प्रतिपूर्ति सात वर्ष तक अधिकतम दो करोड़ दिए जाएंगे। इसके लिए विकासकर्ता को स्टांप शुल्क पर 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों के स्थापना के लिए स्थाई पूंजी निवेश के आधार पर निवेश प्रोत्साहन सहायता के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। जिसमें सूक्ष्म इकाई के लिए 20 प्रतिशत लघु इकाई के लिए 15 प्रतिशत एवं मध्यम इकाई के लिए 10 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए पूंजीगत ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत वार्षिक ब्याज का 50 प्रतिशत अधिकतम रुपये 25 लाख (5 वर्षों तक), अनुसूचित जाति व अनुसूचित जाति व महिला उद्यमियों के लिए 60 प्रतिशत पूंजीगत ब्याज सब्सिडी मिलेगी। तकनीकी उन्नयन योजना के अंतर्गत इकाई में उत्पाद गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण सुधार, ऊर्जा दक्षता आदि के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों को सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
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टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग को ये मिलेगा
एमएसएमई और टेक्सटाइल एवं गारमेंट पॉलिसी 2022 के तहत निवेशकों के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। जिसमें पर्यावरण संरचना के लिए 10 करोड़ रुपये की छूट, भूमि खरीद पर 25 प्रतिशत छूट। अवस्थापना व्यय में 50 प्रतिशत सब्सिडी 3 करोड़ रुपये तक। टेक्सटाइल इकाई के लिए कैपिटल सब्सिडी 100 करोड़ रुपये तक मिलेगी।
मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर किए जा सकते हैं स्थापित
इस नीति के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाए जाएंगे। पीपीपी मोड पर मेडिकल डिवाइस पार्क, टेक्सटाइल पार्क, फूड प्रोसेसिंग पार्क आईटी पार्क स्थापित किए जाएंगे। जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा है। जबकि अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है। ऐसे में यह नीति जिले के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाली साबित होगी।
कोट
प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति से जिले में निवेश की संभावनाएं जरुर बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेंगे और जिला तरक्की करेगा। अनुज गर्ग, अध्यक्ष आईआईए।
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नई औद्योगिक नीति में उद्यमियों के लिए काफी घोषणाएं की गई हैं। कई रियायतें दी गई हैं। जिससे निश्चित रुप से जिले में निवेश बढ़ेगा। अंकित गोयल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन।
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उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य ने बताया नई औद्योगिक नीति उद्यमियों को आकर्षित करने वाली है। निश्चित तौर पर जिले में निवेश बढ़ेगा।
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नई नीति में एमएसएमई नीति 2017 की तरह कई प्रोत्साहन के बिंदु शामिल किए गए हैं। उद्योग स्थापना के लिए भूमि क्रय किए जाने के लिए 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट और महिला उद्यमियों को 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के विकास के अंतर्गत 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि पर एमएसएमई पार्क, औद्योगिक स्टेट, फ्लैटेड फैक्टरी कांपलेक्स (न्यूनतम 4000 वर्गमीटर क्षेत्रफल) के निजी औद्योगिक आस्थान विकसित किए जाने के लिए स्वीकृत परियोजना लागत में 50 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज की प्रतिपूर्ति सात वर्ष तक अधिकतम दो करोड़ दिए जाएंगे। इसके लिए विकासकर्ता को स्टांप शुल्क पर 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों के स्थापना के लिए स्थाई पूंजी निवेश के आधार पर निवेश प्रोत्साहन सहायता के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। जिसमें सूक्ष्म इकाई के लिए 20 प्रतिशत लघु इकाई के लिए 15 प्रतिशत एवं मध्यम इकाई के लिए 10 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना के लिए पूंजीगत ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत वार्षिक ब्याज का 50 प्रतिशत अधिकतम रुपये 25 लाख (5 वर्षों तक), अनुसूचित जाति व अनुसूचित जाति व महिला उद्यमियों के लिए 60 प्रतिशत पूंजीगत ब्याज सब्सिडी मिलेगी। तकनीकी उन्नयन योजना के अंतर्गत इकाई में उत्पाद गुणवत्ता सुधार, पर्यावरण सुधार, ऊर्जा दक्षता आदि के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों को सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
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टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग को ये मिलेगा
एमएसएमई और टेक्सटाइल एवं गारमेंट पॉलिसी 2022 के तहत निवेशकों के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। जिसमें पर्यावरण संरचना के लिए 10 करोड़ रुपये की छूट, भूमि खरीद पर 25 प्रतिशत छूट। अवस्थापना व्यय में 50 प्रतिशत सब्सिडी 3 करोड़ रुपये तक। टेक्सटाइल इकाई के लिए कैपिटल सब्सिडी 100 करोड़ रुपये तक मिलेगी।
मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर किए जा सकते हैं स्थापित
इस नीति के तहत एक्सप्रेसवे के किनारे मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाए जाएंगे। पीपीपी मोड पर मेडिकल डिवाइस पार्क, टेक्सटाइल पार्क, फूड प्रोसेसिंग पार्क आईटी पार्क स्थापित किए जाएंगे। जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा है। जबकि अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है। ऐसे में यह नीति जिले के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाली साबित होगी।
कोट
प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति से जिले में निवेश की संभावनाएं जरुर बढ़ेंगी। इससे रोजगार भी बढ़ेंगे और जिला तरक्की करेगा। अनुज गर्ग, अध्यक्ष आईआईए।
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नई औद्योगिक नीति में उद्यमियों के लिए काफी घोषणाएं की गई हैं। कई रियायतें दी गई हैं। जिससे निश्चित रुप से जिले में निवेश बढ़ेगा। अंकित गोयल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन।
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उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्य ने बताया नई औद्योगिक नीति उद्यमियों को आकर्षित करने वाली है। निश्चित तौर पर जिले में निवेश बढ़ेगा।