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पैदावार में आगे, गेहूं खरीद में पिछड़ गया जिला
Sun, 05 May 2019 11:55 PM IST
Deepak Sharma
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 05 May 2019 11:55 PM IST
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शामली। पिछले साल की तुलना में इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होने के बावजूद सरकारी केंद्रों पर गेहूं खरीद बेहद कम है। 1.45 लाख क्विंटल खरीद की तुलना में केवल 30 हजार क्विंटल गेहूं खरीद हुई है। जिले में गेहूं कटाई का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। ऐसे में अफसर चिंतित हैं कि लक्ष्य कैसे पूरा होगा। किसानों का हरियाणा की ओर रुख देख उनकी चिंता ओर बढ़ रही है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस बार करीब 50 हजार 480 हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल बोई गई थी, जबकि पिछले साल ये आंकड़ा करीब 50 हजार हेक्टेयर था। मगर इस बार पिछले साल की तुलना में प्रति हेक्टेयर उत्पादन काफी अधिक हुआ है। कृषि उपनिदेशक शिव कुमार केसरी के अनुसार बीते साल गेहूं की उत्पादकता 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। मगर इस साल मौसम अच्छा होने से ये बढ़कर 48 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। जाहिर है कि इस बार जिले में गेहूं उत्पादन पिछले साल से काफी अधिक होगा। मगर जिले में गेहूं खरीद की हालत बेहद खराब है। जिले में एक अप्रैल से 27 खरीद केंद्रों पर किसानों का गेहूं लिया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में तीन मई तक केवल 30 हजार 803 क्विंटल गेहूं अब तक खरीदा गया है। जबकि पिछले साल तीन मई तक जिले में 47 हजार क्विंटल गेहूं खरीद हो चुकी थी। इस बार उत्पादन बढ़ने के बावजूद खरीद काफी कम है। कुल मिलाकर खरीद का आंकड़ा देेखा जाए तो पिछले साल जनपद में कुल 6216 किसानों ने एक लाख 41 हजार 800 क्विंटल गेहूं खरीदा था। इस साल जिले को 1.45 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। इस बार खरीद की रफ्तार देख खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को भी पसीने छूट रहे हैं कि वे लक्ष्य कैसे पूरा करेंगे।
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किस एजेंसी ने कितना खरीदा
खाद्य विभाग 8541 क्विंटल
पीसीएफ 20 हजार 295 क्विंटल
पीसीयू 1864 क्विंटल
एफसीआई 99 क्विंटल
ये है शहर के सेंटर का हाल
शामली मंडी स्थित खाद्य विभाग के खरीद केंद्र पर अभी तक मात्र 1600 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। शनिवार को मात्र बीस क्विंटल गेहूं टपराना के किसान नासिर का आया था। खरीद केंद्र संचालक भी परेशान है कि उनका लक्ष्य कैसे पूरा हो।
ये है कम खरीद की बड़ी वजह
दरअसल हरियाणा का करनाल जिला जनपद से सटा है। वहां करनाल में बड़ी मंडी है। वहां सरकार द्वारा आढ़तियों से ही गेेहूं खरीदती है। ऐसे में वहां के बड़े आढ़ती जनपद के हरियाणा से सटे गांव के किसानों के संपर्क में रहते हैं और उन्हें कुछ रुपये एडवांस दे देते हैं। फसल तैयार होने पर ये किसान वहां जाकर आढ़तियों को अपने गेेहूं बेचते हैं, जबकि यूपी में सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने को रजिस्ट्रेेशन के अलावा भुगतान में भी वक्त लगता है। इस साल बड़ी संख्या में झिंझाना, चौसाना आदि क्षेत्र के किसानों ने हरियाणा के किसानों से एडवांस लेकर वहां गेेहूं दिया है।
कोट
इस साल गेहूं खरीद लक्ष्य का 21 प्रतिशत पूरा हुआ है। फिलहाल प्रतिदिन जिले के सभी खरीद केंद्रों पर करीब 3500 क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वो अपने यहां के क्रय केंद्रों पर ही गेहूं दें। उनका भुगतान भी 48 से 72 घंटे के अंदर कराने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। - निहारिका डिप्टी आरएमओ
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कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस बार करीब 50 हजार 480 हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल बोई गई थी, जबकि पिछले साल ये आंकड़ा करीब 50 हजार हेक्टेयर था। मगर इस बार पिछले साल की तुलना में प्रति हेक्टेयर उत्पादन काफी अधिक हुआ है। कृषि उपनिदेशक शिव कुमार केसरी के अनुसार बीते साल गेहूं की उत्पादकता 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी। मगर इस साल मौसम अच्छा होने से ये बढ़कर 48 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। जाहिर है कि इस बार जिले में गेहूं उत्पादन पिछले साल से काफी अधिक होगा। मगर जिले में गेहूं खरीद की हालत बेहद खराब है। जिले में एक अप्रैल से 27 खरीद केंद्रों पर किसानों का गेहूं लिया जा रहा है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में तीन मई तक केवल 30 हजार 803 क्विंटल गेहूं अब तक खरीदा गया है। जबकि पिछले साल तीन मई तक जिले में 47 हजार क्विंटल गेहूं खरीद हो चुकी थी। इस बार उत्पादन बढ़ने के बावजूद खरीद काफी कम है। कुल मिलाकर खरीद का आंकड़ा देेखा जाए तो पिछले साल जनपद में कुल 6216 किसानों ने एक लाख 41 हजार 800 क्विंटल गेहूं खरीदा था। इस साल जिले को 1.45 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। इस बार खरीद की रफ्तार देख खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को भी पसीने छूट रहे हैं कि वे लक्ष्य कैसे पूरा करेंगे।
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किस एजेंसी ने कितना खरीदा
खाद्य विभाग 8541 क्विंटल
पीसीएफ 20 हजार 295 क्विंटल
पीसीयू 1864 क्विंटल
एफसीआई 99 क्विंटल
ये है शहर के सेंटर का हाल
शामली मंडी स्थित खाद्य विभाग के खरीद केंद्र पर अभी तक मात्र 1600 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। शनिवार को मात्र बीस क्विंटल गेहूं टपराना के किसान नासिर का आया था। खरीद केंद्र संचालक भी परेशान है कि उनका लक्ष्य कैसे पूरा हो।
ये है कम खरीद की बड़ी वजह
दरअसल हरियाणा का करनाल जिला जनपद से सटा है। वहां करनाल में बड़ी मंडी है। वहां सरकार द्वारा आढ़तियों से ही गेेहूं खरीदती है। ऐसे में वहां के बड़े आढ़ती जनपद के हरियाणा से सटे गांव के किसानों के संपर्क में रहते हैं और उन्हें कुछ रुपये एडवांस दे देते हैं। फसल तैयार होने पर ये किसान वहां जाकर आढ़तियों को अपने गेेहूं बेचते हैं, जबकि यूपी में सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने को रजिस्ट्रेेशन के अलावा भुगतान में भी वक्त लगता है। इस साल बड़ी संख्या में झिंझाना, चौसाना आदि क्षेत्र के किसानों ने हरियाणा के किसानों से एडवांस लेकर वहां गेेहूं दिया है।
कोट
इस साल गेहूं खरीद लक्ष्य का 21 प्रतिशत पूरा हुआ है। फिलहाल प्रतिदिन जिले के सभी खरीद केंद्रों पर करीब 3500 क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वो अपने यहां के क्रय केंद्रों पर ही गेहूं दें। उनका भुगतान भी 48 से 72 घंटे के अंदर कराने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। - निहारिका डिप्टी आरएमओ