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जनपद को मिली सात नई वातानुकूलित एंबुलेंस
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District gets seven new air-conditioned ambulances
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शामली। जनपद शामली को शासन स्तर से नई सात 102 वातानुकूलित एंबुलेंस मिली है। ये एंबुुलेंस पुुुरानी गाड़ियों के स्थान पर लगाई गई है। नई एंबुलेंस में मरीजों की सुविधा को देखते हुए पहले के मुकाबले बढ़ी है।
जनपद शामली में मरीजों के लिए डायल 108 की 11 एंबुलेंस, 102 की 15 एंबुलेंस और दो एएलएस एंबुलेंस है। ये एंबुलेंस पुुरानी हो चुकी है। इस कारण कई महीने से नई एंबुलेंस की मांग शासन से की जा रही थी। एंबुलेंस के जिला प्रभारी ललित मोहन जोशी ने बताया कि शासन स्तर से जनपद के लिए सात नई एंबुलेंस मिली है। रविवार रात आठ बजे सभी नई एंबुलेंस को एक्टीवेट कर दिया गया है। नई एंबुलेंस पुरानी एंबुलेस के स्थान से बदली गई है। इनमें तीन एंबुलेंस थानाभवन ब्लाक से, दो एंबुलेंस शामली ब्लाक से और एक एंबुलेंस ऊन ब्लाक में और एक एंबुलेंस कांधला ब्लाक में बदली गई है। जिला प्रभारी ने बताया कि जनपद में इससे पहले भी एक नई एंबुलेंस मिली है।
इस तरह से जनपद में आठ नई एंबुलेंस आ चुकी है। नई एंबुलेंस वातानुकूलित है और उनका साइज पहली एंबुलेंस से बड़ा है। साथ ही जीपीएस सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक युक्त है। एंबुलेंस में अंदर का स्पेस ज्यादा होने के कारण मरीजों के लिए सुविधाजनक है। इन आठ नई एंबुलेंस को छोड़कर बाकी सभी एंबुलेंस नॉन एसी है। उन्होंने बताया कि जनपद में हटाई गई एंबुलेंस साढ़े तीन से चार लाख किलोमीटर के बीच चल चुकी है जबकि मानक के अनुसार डेढ़ से दो लाख किलोमीटर चलने के बाद नई एंबुलेंस होनी चाहिए। पुरानी एंबुलेंस में बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत का खर्च अधिक आ रहा था। नई एंबुलेंस मिलने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी।
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जनपद शामली में मरीजों के लिए डायल 108 की 11 एंबुलेंस, 102 की 15 एंबुलेंस और दो एएलएस एंबुलेंस है। ये एंबुलेंस पुुरानी हो चुकी है। इस कारण कई महीने से नई एंबुलेंस की मांग शासन से की जा रही थी। एंबुलेंस के जिला प्रभारी ललित मोहन जोशी ने बताया कि शासन स्तर से जनपद के लिए सात नई एंबुलेंस मिली है। रविवार रात आठ बजे सभी नई एंबुलेंस को एक्टीवेट कर दिया गया है। नई एंबुलेंस पुरानी एंबुलेस के स्थान से बदली गई है। इनमें तीन एंबुलेंस थानाभवन ब्लाक से, दो एंबुलेंस शामली ब्लाक से और एक एंबुलेंस ऊन ब्लाक में और एक एंबुलेंस कांधला ब्लाक में बदली गई है। जिला प्रभारी ने बताया कि जनपद में इससे पहले भी एक नई एंबुलेंस मिली है।
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इस तरह से जनपद में आठ नई एंबुलेंस आ चुकी है। नई एंबुलेंस वातानुकूलित है और उनका साइज पहली एंबुलेंस से बड़ा है। साथ ही जीपीएस सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक युक्त है। एंबुलेंस में अंदर का स्पेस ज्यादा होने के कारण मरीजों के लिए सुविधाजनक है। इन आठ नई एंबुलेंस को छोड़कर बाकी सभी एंबुलेंस नॉन एसी है। उन्होंने बताया कि जनपद में हटाई गई एंबुलेंस साढ़े तीन से चार लाख किलोमीटर के बीच चल चुकी है जबकि मानक के अनुसार डेढ़ से दो लाख किलोमीटर चलने के बाद नई एंबुलेंस होनी चाहिए। पुरानी एंबुलेंस में बार-बार तकनीकी खराबी आने के कारण मरम्मत का खर्च अधिक आ रहा था। नई एंबुलेंस मिलने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी।
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