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Shamli News: एक्सप्रेसवे की अधिसूचना का लोगों को इंतजार

Sat, 21 Feb 2026 01:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 01:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, नई दिल्ली से पानीपत-शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की 3-डी अधिसूचना की स्वीकृति का इंतजार है। मंत्रालय से 3-डी की मंजूरी मिलने के बाद सक्षम अधिकारी (एडीएम वित्त एवं राजस्व) संबंधित जिलों, तहसीलों, गांवों और किसानों की भूमि का रिकॉर्ड मिलान व सत्यापन करेंगे। इसके बाद किसानों की भूमि का मुआवजा निर्धारित कर धनराशि की मांग की जाएगी।
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र के गोगवान जलालपुर से शुरू होकर पानीपत तक जाएगा। गोगवान जलालपुर गोलचक्कर का महत्व काफी बढ़ जाएगा। यहां पहले से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, जबकि अंबाला–शामली मार्ग भी यहीं आकर समाप्त होता है। पानीपत-शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह क्षेत्र एक बड़ा जंक्शन बन जाएगा।
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यह एक्सप्रेसवे शामली जिले की सदर तहसील, ऊन और कैराना तहसील से होकर पानीपत पहुंचेगा। साथ ही यह दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे, मेरठ-करनाल हाईवे और पानीपत-खटीमा हाईवे को जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा। गोगवान जलालपुर से गोरखपुर की ओर यह मार्ग शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ होते हुए गोरखपुर के नेपाल सीमा क्षेत्र तक जाएगा।
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गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे एक हाईस्पीड कॉरिडोर होगा, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश को हरियाणा के पानीपत से सीधे जोड़ेगा। इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रुड़की इकाई को सौंपी गई है। रुड़की इकाई 3-ए प्रक्रिया के बाद 3-डी की कार्रवाई पूरी कर प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज चुकी है।

किसानों को अब 3-डी अधिसूचना घोषित होने का इंतजार है। एनएचएआई के क्षेत्रीय प्रबंधक गौतम विशाल (लखनऊ) के अनुसार, एक्सप्रेसवे का निर्माण 11 चरणों में पूरा किया जाएगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होगा। 31 मार्च तक डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। करीब 750 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित यह एक्सप्रेसवे 22 जिलों से होकर गुजरेगा और पूर्वी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तेज, सुरक्षित और कुशल यातायात के साथ औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति देगा। यह एक्सप्रेसवे पर्यटक, उद्योग, व्यापार और आम यात्रियों सभी के लिए लाभकारी साबित होगा।
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