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निजी औद्योगिक पार्क विकसित कराए जाएं
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:54 PM IST
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शामली कैराना रोड पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यक्रम में जानकारी लेते उद्यमी।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति 2017 पर उद्यमियों के सुझाव संकलित करने के लिए सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसमें उद्यमियों ने विभिन्न प्रकार के सुझाव और विचार रखे। उद्यमियों से आह्वान किया कि निजी औद्योगिक पार्क विकसित कर अपने जिले की पहचान को ऊंचाइयों पर ले जाने में उद्यमियों को आगे आना होगा। ताकि नवीन उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होने पर रोजगार के साधन भी बढ़ें।
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शनिवार को शामली में कैराना रोड स्थित एक होटल में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन और शामली इंडस्ट्रियल स्टेट मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया। उसमें प्रदेश सरकार की तरफ से बनाई गई नई उद्योग नीति पर विस्तृत चर्चा हुई। उद्योग नीति निर्माण समिति में शामिल कानपुर से आए पूर्व संयुक्त आयुक्त एनके सिंह ने नई उद्योग नीति की बारीकियां बताईं। कहा कि नई उद्योग नीति का उद्देश्य है कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की अधिकाधिक नवीन इकाइयां खुलें, नवीन इकाइयों में अधिकाधिक रोजगार सृजन तथा पूर्व में स्थापित इकाइयों में विस्तार एवं उन्नयन से रोजगार में 15 प्रतिशत वार्षिक विकास दर के साथ वृद्धि हो। प्रति व्यक्ति आय के मानकों पर क्षेत्रीय असमानताओं को दूर किया जाए। इसके अलावा वर्तमान में चल रही औद्योगिक इकाइयों के विस्तार एवं तकनीकी उन्नयन के लिए संसाधनों की उपलब्धता, अवस्थापना सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं निर्मित उत्पादों के विपणन में सहायता, निवेश के आकर्षण के लिए वित्तीय प्रोत्साहन आदि नई उद्योग नीति में शामिल हैं।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि शामली जिला दिल्ली के करीब है। आवागमन के साधन हैं तथा कच्चे माल की उपलब्धता आसानी से होती है। इस लिहाज से यहां औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां का रिम धुरा उद्योग पहले से देशभर में मशहूर है। ऐसे में उद्यमियों को नए उद्योग स्थापित करने और युवाओं को इस क्षेत्र में गंभीरता से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार अपने स्तर से उद्यमियों को सुविधाएं प्रदान करेगी, लेकिन उद्यमियों को खुद भी सोचना होगा कि यहां निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करके जिले का नाम रोशन किया जा सकता है। पूर्व में उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन खरीदने में भू उपयोग के नियम आड़े आते थे, लेकिन नई उद्योग नीति में उद्यमियों को इसमें कुछ राहत मिल सकती है। उद्यमियों द्वारा जो सुझाव दिए जाएंगे, उन्हें नई उद्योग नीति में शामिल करने के लिए भिजवाया जाएगा। केंद्र सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, मेक इंडिया के जरिये कई अच्छी योजनाएं लागू की हैं। उद्यमियों को जागरूक रहते हुए उनका लाभ लेना चाहिए।
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इस दौरान जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्या, सहायक आयुक्त दीपेंद्र कुमार, आईआईए चैप्टर शामली के चेयरमैन वेदप्रकाश आर्य, संरक्षक जेके जैन, महासचिव आशीष जैन, कोषाध्यक्ष राजीव जैन, शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल, सचिव अनुज गर्ग, कोषाध्यक्ष निखिल ऐरन के अलावा आलोक जैन, आयुष बंसल, प्रवीण जैन, अशोक मित्तल, प्रमोद ऐरन, नरेंद्र कुमार अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
उद्यमियों ने रखे यह सुझाव
उद्यमी आलोक जैन ने कहा कि प्रदेश सरकार अथवा उद्योग केंद्र को वस्तुओं के उत्पादन, उनकी डिमांड और इकाइयों के बारे में विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए। ताकि उत्पाद की डिमांड के अनुरूप उद्यमी नए उद्योग स्थापित कर सकें। वहीं, आशीष जैन ने कहा कि टेक्नोलॉजी विस्तार के लिए योजना बने, ताकि उद्यमियों को आसानी से तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध हो पाएं। एक उद्यमी ने पूछा कि जिला एनसीआर में शामिल हो गया है, तो क्या फैक्ट्री संचालन के नियमों में कोई परिवर्तन होगा। इस पर पूर्व संयुक्त आयुक्त एनके सिंह ने कहा कि फैक्ट्री संचालन के लिए पहले से प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने गाइडलाइन जारी की हुई है और एनजीटी के नियम भी सार्वजनिक है, उसी अनुरूप फैक्ट्री का संचालन किया जाए।
सोलर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने का आह्वान
डीएम ने कहा कि उद्यमी बिजली की दरों को लेकर अक्सर शिकायतें करते हैं, जबकि उन्हें सोलर ऊर्जा की तरफ कदम बढ़ाकर अपनी इस समस्या का समाधान करना चाहिए। क्योंकि एकमुश्त धनराशि खर्च करने के बाद प्रतिमाह होने वाली बिजली खर्च में काफी कमी आ सकती है। ऐसे कई उदाहरण भी हैं, जिन्होंने अपने भवन की छतों पर सोलर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए और बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।
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