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बदहाल स्कूल, बेबस बच्चे, पढ़ाई में कैसे हों अच्छे

Sat, 03 Dec 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Sat, 03 Dec 2016 12:06 AM IST
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Desecrated School, helpless child, who studies how best
education - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जलालाबाद। कहीं स्कूल में 100 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक की तैनाती है, तो किसी स्कूल में शौचालय की सुविधा नहीं है। सरकारी स्कूलों में टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करना ही बच्चों की मजबूरी बना हुआ है। वहीं, ऐसे स्कूल भी हैं, जहां पर मध्याह्न भोजन भी नहीं बांटा जा रहा। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने जलालाबाद क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों का जायजा लिया, तो यही तस्वीर सामने आई। 
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उच्च प्राथमिक विद्यालय सोहजनी उमरपुर ः स्कूल में कक्षा 6 से आठ तक 102 छात्र छात्राओं का दाखिला है, जिनमें से शुक्रवार को 55 बच्चे उपस्थित थे। बैठने के लिए सभी कक्षाओं में टाट पट्टी का प्रबंध है। अध्यापक प्रदीप कुमार बच्चों को विज्ञान विषय पढ़ा रहे थे। वहीं, अध्यापक सुदेश कुमार बीआरसी (खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय) से आकर गणित पढ़ाते हैं। अन्य विषय पढ़ाने के लिए किसी अध्यापक की तैनाती स्कूल में नहीं है। विद्यालय प्रधानाचार्य का कहना है कि अध्यापकों की तैनाती के संबंध में कई बार पत्राचार किया जा चुका है।   
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प्राथमिक विद्यालय सोहजनी 
विद्यालय में पांच महीने से बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा। स्कूल में 239 बच्चों का दाखिला है, जिनमें से शुक्रवार को 146 बच्चे उपस्थित रहे। किताब और ड्रेस का वितरण स्कूल में हो गया है। बच्चों को टाट पट्टी पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ती है। प्रधानाध्यापक अमित भारती ने बताया कि पांच महीने से स्कूल के खाते में पैसा न आने से मध्यान्ह भोजन नहीं बन पाया। 
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प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर
स्कूल में कक्षा एक से पांच तक 87 बच्चों का दाखिला है। शुक्रवार को 38 बच्चे ही स्कूल पहुंचे। विद्यालय की इंचार्ज अध्यापिका मंजू रानी ने एक दिसंबर को ही चार्ज संभाला है। वह अकेली ही स्कूल में मिलीं। विद्यालय में तैनात शिक्षा मित्र रविन्द्र कुमार बीएलओ होने के किसी कार्य से तहसील शामली गए हुए थे। बच्चों को शुक्रवार को तहरी खिलाई गई। बच्चों को अभी तक पुस्तकें नहीं मिलीं हैं। पुरानी पुस्तकों से ही काम चल रहा है । ड्रेस सभी बच्चों को वितरित कर दी गई, जिसमें कुछ बच्चे बिना ड्रेस के ही पहुंचे थे। 

प्राथमिक स्कूल जानीपुर 
विद्यालय में 104 छात्र छात्राओं का दाखिला है, जिनमें 72 बच्चे उपस्थिति मिले। मध्याह्न भोजन में बच्चों को तहरी खिलाई गई। सामान्य वर्ग के 16 बच्चों को छोड़कर सभी को ड्रेस मिल गई है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक के अलावा दो सहायक अध्यापकों की तैनात मिले।


प्राथमिक विद्यालय डेरा सोहजनी उमरपुर
विद्यालय में 126 बच्चों का   दाखिला है, जिनमें से शुक्रवार को 78 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक सुखपाल सिंह और तीन सहायक अध्यापक सूरजवीर सिंह, नेहा  सिंघल और सीमा रानी हैं। बच्चे 126  तथा 78 बच्चे उपस्थित थे। भोजन में तहरी बनी थी। छात्राओं को ड्रेस का वितरण हो चुका है, मगर छात्रों को ड्रेस नहीं मिल सकी। शौचालय की मरम्मत के लिए धन की मांग की जा रही है। बच्चे टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। 
 
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