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बकाया गन्ना भुगतान के लिए कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन
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शामली कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे किसान
- फोटो : SHAMLI
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बकाया भुगतान के लिए कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
शामली। पिछले साल के बकाया गन्ना भुगतान के लिए सोमवार को किसान यूनियन, सपा और रालोद नेताओं ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। गन्ना भुगतान को लेकर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। चीनी मिलों के प्रतिनिधियों से भी भुगतान को लेकर वार्ता की।
धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक, सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, जिला पंचायत सदस्य उमेश मलिक ने कहा कि गन्ना मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के किसानों से गन्ना भुगतान के सभी वादे झूठे निकले हैं। अब तो गन्ना मंत्री ने भुगतान पर बात करना ही बंद कर दिया है। किसान गन्ना भुगतान न होने से परेशान हैं। घर चलाना मुश्किल हो रहा है। रबी की फसलों की बुवाई कर्ज लेकर करनी पड़ रही है।
सरकार को किसानों की समस्याओं की कोई परवाह नहीं है। इसका खामियाजा सरकार को आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। धरने में महिपाल सिंह मलिक, रविंद्र मलिक, मांगेराम मलिक, सच्चू प्रधान, संजीव राझड़, कंवरपाल मालैंड़ी, देवेंद्र वालिया, किरणपाल मलिक, अकरम सैफी, रणकुमार आदि नेता उपस्थित रहे।
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तीनों मिलों का दिसंबर तक पूरा भुगतान का किया लिखित आश्वासन
शामली चीनी मिल की ओर से महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने कहा कि बकाया 97 करोड़ के भुगतान में से 30 करोड़ का भुगतान 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा। बाकी भुगतान दिसंबर में होगा। ऊन मिल के महाप्रबंधक अनिल सहरावत ने कहा कि बकाया भुगतान 19 करोड़ नवंबर माह में कर दिया जाएगा। बाकी 15 दिसंबर तक भुगतान किया जाएगा। थानाभवन चीनी मिल के सहायक महाप्रबंधक ने सरकार से बिजली का भुगतान मिलने पर समस्त भुगतान नवंबर माह में कर दिया जाएगा। इसके बाद वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान किया जाएगा। सभी अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया है। जिस पर जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह के भी हस्ताक्षर हैं। डीसीओ का कहना है कि समझौते के अनुसार भुगतान न करने पर चीनी मिलों पर विधिक कार्रवाई के लिए गन्ना आयुक्त को प्रस्ताव भेजेंगे। संवाद
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शामली। पिछले साल के बकाया गन्ना भुगतान के लिए सोमवार को किसान यूनियन, सपा और रालोद नेताओं ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। गन्ना भुगतान को लेकर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। चीनी मिलों के प्रतिनिधियों से भी भुगतान को लेकर वार्ता की।
धरना स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक, सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, जिला पंचायत सदस्य उमेश मलिक ने कहा कि गन्ना मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के किसानों से गन्ना भुगतान के सभी वादे झूठे निकले हैं। अब तो गन्ना मंत्री ने भुगतान पर बात करना ही बंद कर दिया है। किसान गन्ना भुगतान न होने से परेशान हैं। घर चलाना मुश्किल हो रहा है। रबी की फसलों की बुवाई कर्ज लेकर करनी पड़ रही है।
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सरकार को किसानों की समस्याओं की कोई परवाह नहीं है। इसका खामियाजा सरकार को आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। धरने में महिपाल सिंह मलिक, रविंद्र मलिक, मांगेराम मलिक, सच्चू प्रधान, संजीव राझड़, कंवरपाल मालैंड़ी, देवेंद्र वालिया, किरणपाल मलिक, अकरम सैफी, रणकुमार आदि नेता उपस्थित रहे।
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तीनों मिलों का दिसंबर तक पूरा भुगतान का किया लिखित आश्वासन
शामली चीनी मिल की ओर से महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने कहा कि बकाया 97 करोड़ के भुगतान में से 30 करोड़ का भुगतान 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा। बाकी भुगतान दिसंबर में होगा। ऊन मिल के महाप्रबंधक अनिल सहरावत ने कहा कि बकाया भुगतान 19 करोड़ नवंबर माह में कर दिया जाएगा। बाकी 15 दिसंबर तक भुगतान किया जाएगा। थानाभवन चीनी मिल के सहायक महाप्रबंधक ने सरकार से बिजली का भुगतान मिलने पर समस्त भुगतान नवंबर माह में कर दिया जाएगा। इसके बाद वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान किया जाएगा। सभी अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया है। जिस पर जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह के भी हस्ताक्षर हैं। डीसीओ का कहना है कि समझौते के अनुसार भुगतान न करने पर चीनी मिलों पर विधिक कार्रवाई के लिए गन्ना आयुक्त को प्रस्ताव भेजेंगे। संवाद