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Shamli News: आठवें वेतन आयोग गठन की मांग के लिए प्रदर्शन
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कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे सेवानिवृत कर्मचारी । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। फाइनेंशियल बिल में पेंशनरी नियमों में बदलाव, आठवें वेतन आयोग के गठन में देरी और पेंशनरों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर मंगलवार को कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों ने कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह ने कहा कि साल की शुरुआत में आठवें वेतन आयोग की संभावित घोषणा से सभी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों में उत्साह था, लेकिन अब तक आयोग का गठन नहीं हुआ है। इसी बीच वित्त विधेयक (फाइनेंशियल बिल) में किए गए संशोधनों ने पेंशनरों के बीच असमानता और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया जाएगा, जिससे करोड़ों पेंशनभोगी प्रभावित होंगे। इस निर्णय के खिलाफ देशभर में आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों ने फाइनेंशियल बिल के विवादित पेंशन संशोधनों को वापस लेने, केंद्रीय आठवें वेतन आयोग का गठन शीघ्र किया जाए, पेंशनरों की महंगाई राहत का शासनादेश कर्मचारियों के भत्तों की तिथि के साथ जारी किया जाए, एनपीएस (नई पेंशन योजना) की जगह ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) को बहाल किया जाए, पेंशन राशिकरण की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष की जाए, कोरोना काल में रोके गए 16 महीने के डीए एरियर का भुगतान किया जाए, प्राथमिक विद्यालयों को किसी अन्य संस्था में विलय न किया जाए और न ही बंद किया जाए आदि मांगे उठाई।
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मौके पर शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
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शामली। फाइनेंशियल बिल में पेंशनरी नियमों में बदलाव, आठवें वेतन आयोग के गठन में देरी और पेंशनरों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर मंगलवार को कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों ने कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह ने कहा कि साल की शुरुआत में आठवें वेतन आयोग की संभावित घोषणा से सभी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों में उत्साह था, लेकिन अब तक आयोग का गठन नहीं हुआ है। इसी बीच वित्त विधेयक (फाइनेंशियल बिल) में किए गए संशोधनों ने पेंशनरों के बीच असमानता और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है।
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उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया जाएगा, जिससे करोड़ों पेंशनभोगी प्रभावित होंगे। इस निर्णय के खिलाफ देशभर में आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों ने फाइनेंशियल बिल के विवादित पेंशन संशोधनों को वापस लेने, केंद्रीय आठवें वेतन आयोग का गठन शीघ्र किया जाए, पेंशनरों की महंगाई राहत का शासनादेश कर्मचारियों के भत्तों की तिथि के साथ जारी किया जाए, एनपीएस (नई पेंशन योजना) की जगह ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) को बहाल किया जाए, पेंशन राशिकरण की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष की जाए, कोरोना काल में रोके गए 16 महीने के डीए एरियर का भुगतान किया जाए, प्राथमिक विद्यालयों को किसी अन्य संस्था में विलय न किया जाए और न ही बंद किया जाए आदि मांगे उठाई।
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मौके पर शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।