फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Decision given to pay Rs 6.13 lakh to insurance company and registration officer

Shamli News: बीमा कंपनी और पंजीयन अधिकारी को 6.13 लाख रुपये अदा करने का सुनाया फैसला

Wed, 13 Mar 2024 02:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2024 02:13 AM IST
विज्ञापन
Decision given to pay Rs 6.13 lakh to insurance company and registration officer
शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने ट्रक के क्लेम का भुगतान न देने पर बीमा कंपनी व पंजीयन अधिकारी यमुना नगर हरियाणा पर एक लाख रुपये जुर्माना समेत छह लाख 13 हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

जिला मुजफ्फरनगर की सदर तहसील के गांव सैदपुर कला निवासी शहजाद अली ने तीन जून 2016 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली में परिवाद दायर कराया था कि उसने अपने ट्रक का बीमा 21 जून 2012 को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लि. शाखा कार्यालय मेरठ करनाल रोड शामली से कराया था। साथ ही 25308 रुपये प्रीमियम व सेवा कर 2764 रुपये अदा किए थे। यह बीमा एक साल तक यानी 20 जून 2013 तक प्रभावी था। 26 मई 2013 को थाना दौराला जिला मेरठ क्षेत्र में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और पब्लिक ने उसमें आग लगा दी थी। इससे पूरा ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया था। इस घटना की सूचना परिवादी ने बीमा कंपनी को दी थी। कंपनी के सर्वेयर व अन्वेषक ने घटनास्थल पर जले हुए ट्रक में हुई क्षति का आंकलन कर 453500 रुपये भुगतान के लिए रिपोर्ट बीमा कंपनी को भेजी थी। मगर बीमा कंपनी ने इस धनराशि का भुगतान नहीं किया। बीमा कंपनी ने वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र निरस्त कराने के लिए कहा, जबकि परिवादी पूर्व में ही इस ट्रक की आरसी द्वितीय प्रतिलिपि पंजीयन अधिकारी यमुना नगर के समक्ष सरेंडर कर स्लिप बीमा कंपनी को उपलब्ध करा दी थी। इसके बाद भी बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया और 19 मार्च 2016 को नो क्लेम कर दिया। आयोग ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी व पंजीयन अधिकारी को क्लेम की धनराशि 453000 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज क्लेम निरस्तरीकरण तिथि 19 मार्च 2016 से अंतिम अदायगी तक, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 50 हजार रुपये, परिवाद व्यय दस हजार रुपये आयोग में जमा करने के आदेश दिए। इसके साथ ही बीमा कंपनी द्वारा किए गए अनुचित व्यापार, व्यवहार और पंजीयन अधिकारी द्वारा उपेक्षापूर्ण व्यवहार, सेवा में कमी के लिए उन्हें संयुक्त रूप से एक लाख रुपये के आर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि राजकोष में जमा की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed