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उफान पर यमुना: बाढ़ में बह गए बेटी की शादी के अरमान, फसलें नष्ट होने पर छलका किसानों का दर्द

Wed, 12 Jul 2023 02:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो प्रदीप वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
प्रदीप वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Wed, 12 Jul 2023 02:40 PM IST
सार

Shamli News : बाढ़ ने पूरे जिले में कहर मचाया हुआ है। फसलें नष्ट होने पर किसानों ने अपना दर्द बयां किया है। वहीं, बेटी की शादी के अरमान भी बाढ़ में बह गए हैं।

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Daughter wedding wishes washed away in flood
किसान ने अपना दर्द बयां किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किसान आढ़ती या बैंकों से ब्याज पर कर्जा लेकर फसलें उगाते हैं। उन फसलों में एक सपना भी होता है। किसी को बेटी अथवा बहन की शादी तो किसी को अपने मकान की मरम्मत करानी होती है। फसल अच्छी होगी, तो अच्छा पैसा मिलेगा। जिससे वह अपने सपनों काे साकार करेगा। लेकिन यमुना में आई बाढ़ ने इन किसानों के सपनों को डूबो दिया।
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गांव मवी निवासी सलेक चंद ने बताया कि तीतरवाडा बैंक से तीन लाख का ऋण लेकर 15 बीघा जमीन में मिर्च, मुली, भिंडी, चरी आदि की फसल लगाई थी। फसल को देख उम्मीद थी कि इस बार अच्छा मुनाफा होगा और बैंक का ऋण भी उतार देगा। बाकी रकम से बेटी की शादी भी कर देगा। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। सारी फसल बाढ़ में बह गई। अब शादी अगले साल ही करनी पड़ेगी।
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मवी के ग्राम प्रधान मित्रसैन ने बताया कि दो लाख रुपये पानीपत के आढ़ती से ब्याज पर लिए थे। 15 बीघा ईंख बाढ़ के पानी में डूबने से नष्ट हो गई। तीन-चार लाख रुपये का नुकसान हो गया है। कहा कि ऐसी मुश्किल में भी आढ़ती का ब्याज तो चलता रहेगा।

मवी निवासी सजाऊद्दीन ने बताया कि मामौर के पास 10 बीघा में धान, ज्वार की फसल बोई थी। सारी फसल बाढ़ के पानी में बह गई। सोचा था कि फसल से फायदा होगा, तो मकान की मरम्मत करा लूंगा, लेकिन लाखों रुपये का नुकसान हो गया है।

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मवी निवासी शोकीन ने बताया कि उसके चार बेटियां शादी लायक हो रही हैं। जैसे-तैसे करके मामौर के पास 10 बीघा धान व ज्वार की फसल उगाई थी। सोचा था कि मुनाफा हुआ तो एक बेटी के हाथ पीले कर दूंगा, लेकिन बेटी की शादी के अरमान भी बाढ़ के पानी में बह गए हैं।

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