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बेटों से कम नहीं बेटियां, माताएं रखती हैं अहोई व्रत
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शामली दयानंद नगर निवासी बबीता देवी अपनी बेटियों के आशि व सृष्टि अग्रवाल
- फोटो : SHAMLI
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शामली। पुत्रों की लंबी आयु और सुख-समृद्घि की कामना को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है, लेकिन जिले की कई महिलाएं अपनी पुत्रियों को भी बेटों से कम नहीं मानतीं। बेटियों की अच्छी परवरिश के साथ ही उनकी लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं।
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माता-पिता रखते हैं बेटी के लिए व्रत
शामली के मोहल्ला खत्रियान निवासी बर्तन व्यापारी प्रतीक गर्ग और उनकी पत्नी अंशिका अपनी छह साल की बेटी प्रनिका के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखते हैं। कहते हैं कि बेटा-बेटी एक समान हैं। बेटी पाकर उनका पूरा परिवार खुश है। अंशिका का कहना है कि बेटी की दीर्घायु और खुशहाली के लिए दोनों अहोई माता का व्रत रखते हैं।
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बेटों से बढ़कर हैं बेटियां
शामली के मोहल्ला दयानंदनगर निवासी पालिका की पूर्व सभासद बबीता देवी पत्नी अरविंद ऐरन का कहना है कि उनके लिए बेटों से बढ़कर बेटियां हैं। बड़ी बेटी 19 वर्षीय आशि अग्रवाल बीटेक कर रही हैं, जबकि छोटी बेटी 17 वर्षीय सृष्टि अग्रवाल 12वीं की छात्रा है। जब बड़ी बेटी पैदा हुई थी, तब से ही वह अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं।
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हमारे लिए बेटियां ही सब कुछ हैं
शामली के मोहल्ला नया बाजार निवासी मंजू मित्तल गृहिणी हैं। उनके पति राजेश मित्तल कपड़ा व्यापारी हैं। उनकी बड़ी बेटी 21 वर्षीय अवलि मित्तल बीए फाइनल की छात्रा है, जबकि छोटी बेटी प्रांजल मित्तल दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम की छात्रा है। मंजू मित्तल 21 साल से अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। उनके लिए बेटियां ही सब कुछ हैं। बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं है। बल्कि वे मानती है कि आज के समय बेटों से बढ़कर बेटियां हैं।
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बेटी की सुख समृद्धि के लिए रखती है व्रत
शामली के मोहल्ला गांधीगंज निवासी गुंजन गोयल के पति रितेश गोयल किरयाना व्यापारी हैं। गुंजन ने बताया कि उनके ढाई साल की बेटी अनवि है। बेटी पैदा होते ही परिवार में बेटे की तरह ही खुशी मनाई गई। उनके यहां बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है। वह बेटी के लिए व्रत रखती हैं।
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चार बेटियों के लिए रखती हैं व्रत
चौसाना। गांव खोड़समा में कृष्णा पत्नी सुल्तान अपनी चार बेटियों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। कृष्णा बताती है कि उनकी बड़ी बेटी 15 साल की है। तीन पुत्रियां उससे छोटी हैं। वह 15 साल से लगातार बेटियों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। उनके लिए बेटियां ही सब कुछ हैं।
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बेटियों को कामयाब बनाना ही उद्देश्य
बाबरी। बनतीखेड़ा चौकी प्रभारी राजकमल की पत्नी गीता देवी अपनी तीन पुत्रियों के लिए अहोई व्रत रखती हैं। पति-पत्नी बताते हैं कि उनकी पांच वर्ष की दो बेटी अवनी व अक्षय जुड़वा हैं तथा छोटी बेटी परी चार माह की है। बेटियां को पढ़ा-लिखकर जीवन में कामयाब बनाना ही उनका उद्देश्य है।
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माता-पिता रखते हैं बेटी के लिए व्रत
शामली के मोहल्ला खत्रियान निवासी बर्तन व्यापारी प्रतीक गर्ग और उनकी पत्नी अंशिका अपनी छह साल की बेटी प्रनिका के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखते हैं। कहते हैं कि बेटा-बेटी एक समान हैं। बेटी पाकर उनका पूरा परिवार खुश है। अंशिका का कहना है कि बेटी की दीर्घायु और खुशहाली के लिए दोनों अहोई माता का व्रत रखते हैं।
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बेटों से बढ़कर हैं बेटियां
शामली के मोहल्ला दयानंदनगर निवासी पालिका की पूर्व सभासद बबीता देवी पत्नी अरविंद ऐरन का कहना है कि उनके लिए बेटों से बढ़कर बेटियां हैं। बड़ी बेटी 19 वर्षीय आशि अग्रवाल बीटेक कर रही हैं, जबकि छोटी बेटी 17 वर्षीय सृष्टि अग्रवाल 12वीं की छात्रा है। जब बड़ी बेटी पैदा हुई थी, तब से ही वह अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं।
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हमारे लिए बेटियां ही सब कुछ हैं
शामली के मोहल्ला नया बाजार निवासी मंजू मित्तल गृहिणी हैं। उनके पति राजेश मित्तल कपड़ा व्यापारी हैं। उनकी बड़ी बेटी 21 वर्षीय अवलि मित्तल बीए फाइनल की छात्रा है, जबकि छोटी बेटी प्रांजल मित्तल दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम की छात्रा है। मंजू मित्तल 21 साल से अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। उनके लिए बेटियां ही सब कुछ हैं। बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं है। बल्कि वे मानती है कि आज के समय बेटों से बढ़कर बेटियां हैं।
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बेटी की सुख समृद्धि के लिए रखती है व्रत
शामली के मोहल्ला गांधीगंज निवासी गुंजन गोयल के पति रितेश गोयल किरयाना व्यापारी हैं। गुंजन ने बताया कि उनके ढाई साल की बेटी अनवि है। बेटी पैदा होते ही परिवार में बेटे की तरह ही खुशी मनाई गई। उनके यहां बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है। वह बेटी के लिए व्रत रखती हैं।
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चार बेटियों के लिए रखती हैं व्रत
चौसाना। गांव खोड़समा में कृष्णा पत्नी सुल्तान अपनी चार बेटियों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। कृष्णा बताती है कि उनकी बड़ी बेटी 15 साल की है। तीन पुत्रियां उससे छोटी हैं। वह 15 साल से लगातार बेटियों के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। उनके लिए बेटियां ही सब कुछ हैं।
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बेटियों को कामयाब बनाना ही उद्देश्य
बाबरी। बनतीखेड़ा चौकी प्रभारी राजकमल की पत्नी गीता देवी अपनी तीन पुत्रियों के लिए अहोई व्रत रखती हैं। पति-पत्नी बताते हैं कि उनकी पांच वर्ष की दो बेटी अवनी व अक्षय जुड़वा हैं तथा छोटी बेटी परी चार माह की है। बेटियां को पढ़ा-लिखकर जीवन में कामयाब बनाना ही उनका उद्देश्य है।

शामली गांधी गंज मंडी में गुंजन अपनी बेटी अनवि के साथ- फोटो : SHAMLI

शामली नया बजार निवासी मंजू मित्तल अपनी बेटी अवलि व प्रांजल के साथ- फोटो : SHAMLI

शामली खत्रियान निवासी प्रतीक गर्ग व अंशिका गर्ग अपनी बेटी प्रनिका के साथ- फोटो : SHAMLI

जलालाबाद निवासी रूबी अग्रवाल- फोटो : SHAMLI

जलालाबाद निवासी योगेश रोहिल्ला अपनी बेटी महिमा रोहिल्ला के साथ- फोटो : SHAMLI

चौसाना के गांव खोडसमा निवासी महिला कृष्णा अपनी चार बेटियो के साथ- फोटो : SHAMLI

शामली में पूर्वी यमुना नहर में रखीं मूर्तियां।- फोटो : SHAMLI