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Shamli News: जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़, कई चिकित्सक रहे नदारद
Tue, 30 Apr 2024 04:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 30 Apr 2024 04:58 AM IST
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शामली जिला अस्पताल में मरिजो की लगी भीड
शामली। छुट्टी के बाद खुले जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी, लेकिन ओपीडी में कई चिकित्सक नदारद रहने से मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे। मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर डाॅक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा।
रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही ओपीडी में मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। नौ बजे तक मरीजों की भारी भीड़ जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंच गई थी, लेकिन उस समय तक ओपीडी में कई चिकित्सक नहीं आए तो कई चिकित्सक दोपहर में समय से पहले ही चले गए। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा या फिर जो चिकित्सक ओपीडी में मौजूद थे, उनके कक्ष के बाहर लंबी लाइन में खड़े रहकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। भीड़ के कारण मरीजों को इलाज के लिए करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लगा। जिला अस्पताल में सोमवार को करीब 1300 मरीज पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे तक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार मौजूद नहीं मिले। उनके कक्ष में प्रशिक्षु मरीज की जांच करते मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार मौजूद नहीं थे। नेत्र चिकित्सक व जनरल सर्जन उस समय ओपीडी कक्ष में मौजूद नहीं मिले।
दिव्यांग जांच शिविर में देर से पहुंचे चिकित्सक
शामली। जिला अस्पताल में सोमवार को दिव्यांग जांच प्रमाण पत्र शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे के बाद ही चिकित्सक शिविर में पहुंचे। उससे पहले कक्ष पर ताला लगा हुआ था। इस दौरान रसूलपुर निवासी रामवीर का कहना है कि वह सुबह दस बजे प्रमाण पत्र बनवाने आया, लेकिन यहां कक्ष पर ताला लगा हुआ मिला। वह डाक्टरों की इंतजार कर रहा है। शिविर में नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील के स्थान पर एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल पहुंचे। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास, फिजिशियन डॉ. बेदी, मुजफ्फरनगर से ईएनटी सर्जन डॉ. अंजलि आदि चिकित्सक पहुंचे। मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद आठ दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी किए। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि जिन चिकित्सकों की दिव्यांग शिविर में ड्यूटी रहती है, उनमें कई चिकित्सक पहले ओपीडी में भी बैठते हैं।
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धूल से फूल रहा दम, जिला अस्पताल में अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ी
शामली। गेहूं की कटाई का सीजन चलने से भूसे की धूल खेतों से उड़कर शहर व कस्बों तक पहुंच रही है। धूल के महीन कण लोगों को बीमार कर रहे हैं। इस वजह से सरकारी व निजी अस्पतालों में श्वास व अस्थमा के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सक मरीजों को धूल से बचाव की सलाह दे रहे हैं। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि इस समय श्वास के रोगियों को घर पर ही रहना चाहिए। अगर घर से बाहर निकले तो फेस मास्क लगाए। बुजुर्गों को खासतौर से सावधानी बरतने की जरूरत है। जो मरीज पहले से दवा ले रहे हैं तो वे नियमित रूप से लेते रहे। अगर कोई समस्या बनती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
रविवार को छुट्टी होने के कारण सोमवार को मरीज ज्यादा आए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशेाक कुमार अवकाश पर रहे जबकि दूसरे वरिष्ठ चिकित्सक अशोक कुमार दोपहर में किसी जरूरी काम से गए हैं। नेत्र सर्जन डॉ. शबीब की दिव्यांग जांच शिविर में ड्यूटी रही। अन्य सभी चिकित्सक ओपीडी में मौजूद रहे हैं। सभी चिकित्सकों को ओपीडी में पूरे समय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल शामली।
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रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही ओपीडी में मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। नौ बजे तक मरीजों की भारी भीड़ जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंच गई थी, लेकिन उस समय तक ओपीडी में कई चिकित्सक नहीं आए तो कई चिकित्सक दोपहर में समय से पहले ही चले गए। इस कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा या फिर जो चिकित्सक ओपीडी में मौजूद थे, उनके कक्ष के बाहर लंबी लाइन में खड़े रहकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। भीड़ के कारण मरीजों को इलाज के लिए करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लगा। जिला अस्पताल में सोमवार को करीब 1300 मरीज पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे तक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार मौजूद नहीं मिले। उनके कक्ष में प्रशिक्षु मरीज की जांच करते मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार मौजूद नहीं थे। नेत्र चिकित्सक व जनरल सर्जन उस समय ओपीडी कक्ष में मौजूद नहीं मिले।
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दिव्यांग जांच शिविर में देर से पहुंचे चिकित्सक
शामली। जिला अस्पताल में सोमवार को दिव्यांग जांच प्रमाण पत्र शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे के बाद ही चिकित्सक शिविर में पहुंचे। उससे पहले कक्ष पर ताला लगा हुआ था। इस दौरान रसूलपुर निवासी रामवीर का कहना है कि वह सुबह दस बजे प्रमाण पत्र बनवाने आया, लेकिन यहां कक्ष पर ताला लगा हुआ मिला। वह डाक्टरों की इंतजार कर रहा है। शिविर में नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील के स्थान पर एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल पहुंचे। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास, फिजिशियन डॉ. बेदी, मुजफ्फरनगर से ईएनटी सर्जन डॉ. अंजलि आदि चिकित्सक पहुंचे। मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद आठ दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी किए। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि जिन चिकित्सकों की दिव्यांग शिविर में ड्यूटी रहती है, उनमें कई चिकित्सक पहले ओपीडी में भी बैठते हैं।
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धूल से फूल रहा दम, जिला अस्पताल में अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ी
शामली। गेहूं की कटाई का सीजन चलने से भूसे की धूल खेतों से उड़कर शहर व कस्बों तक पहुंच रही है। धूल के महीन कण लोगों को बीमार कर रहे हैं। इस वजह से सरकारी व निजी अस्पतालों में श्वास व अस्थमा के मरीज बढ़ गए हैं। चिकित्सक मरीजों को धूल से बचाव की सलाह दे रहे हैं। फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग ने बताया कि इस समय श्वास के रोगियों को घर पर ही रहना चाहिए। अगर घर से बाहर निकले तो फेस मास्क लगाए। बुजुर्गों को खासतौर से सावधानी बरतने की जरूरत है। जो मरीज पहले से दवा ले रहे हैं तो वे नियमित रूप से लेते रहे। अगर कोई समस्या बनती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं।
रविवार को छुट्टी होने के कारण सोमवार को मरीज ज्यादा आए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशेाक कुमार अवकाश पर रहे जबकि दूसरे वरिष्ठ चिकित्सक अशोक कुमार दोपहर में किसी जरूरी काम से गए हैं। नेत्र सर्जन डॉ. शबीब की दिव्यांग जांच शिविर में ड्यूटी रही। अन्य सभी चिकित्सक ओपीडी में मौजूद रहे हैं। सभी चिकित्सकों को ओपीडी में पूरे समय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल शामली।