फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Crooks came two 'treatment'

बदमाश आए तो कर दो ‘इलाज’

Mon, 19 Sep 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Mon, 19 Sep 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
Crooks came two 'treatment'
crime meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। कैराना में बढ़ते रंगदारी के मामले और अपराध को लेकर डीआईजी जेके शाही ने व्यापारियों के साथ मीटिंग की। व्यापारियों को            भरोसा दिलाया कि 15 दिन में कार्रवाई का असर दिखाई देगा। पूर्व में जो मामले हुए उनमें प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी। 
विज्ञापन


 मीटिंग के दौरान व्यापारियों ने जब एनकाउंटर की बात कही, तो डीआईजी ने कहा कि हम कानून से बंधे हैं। व्यापारियों को हिम्मत दिखानी चाहिए। बदमाश रंगदारी मांगने किसी व्यापारी के पास आता है, तो उसका इलाज कर दो, पुलिस व्यापारियों के साथ रहेगी।
विज्ञापन


सोमवार को डीआईजी रेंज सहारनपुर शामली पुलिस लाइन पहुंचे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही कैराना से आए व्यापारियों के साथ डीआईजी ने मीटिंग की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यापारी नेता घनश्यादास गर्ग ने कहा कि कैराना में आए दिन रंगदारी मांगी जा रही है, बदमाश बेखौफ होकर व्यापारी के प्रतिष्ठान पर पहुंचकर भी रंगदारी मांगने लगे हैं। वहीं, अंकित गोयल ने कहा कि बदमाशों पर तभी खौफ बनेगा, जब एनकाउंटर कराए जाएं। साथ ही जिन व्यापारियों को रंगदारी की धमकी मिली हैं, उन्हें शस्त्र    लाइसेंस दिलाए जाएं। अन्य व्यापारियों ने भी कहा कि बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने की वजह से व्यापारी दहशत में हैं।

व्यापारियों ने कहा कि बदमाशों पर पुलिस का बिल्कुल खौफ नहीं है ऐसे में व्यापारी कहां जाएं। व्यापारियों ने डीआईजी से सुरक्षा की मांग की। इस पर डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वह खुद इन मामलों की गंभीरता से मॉनीटरिंग करेंगे तथा 15 दिन के अंदर आपको कार्रवाई का असर दिखाई देगा।

प्रेसवार्ता के दौरान डीआईजी ने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई में कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर कराया जाएगा। पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है। इस दौरान पवन बजरंगी, देवराज मलिक, रमेशचंद विश्वकर्मा, संजय राजपूत, रामकुमार, अनिल, अंकित, सचिन, राजकुमार, मनोज, आलोक गर्ग, झिंझाना चेयरमैन हाजी सरफराज खां, राशिद पहलवान आदि रहे। 

वहीं, झिंझाना व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष मित्तल ने डीआईजी से कहा कि बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करता है। व्यापारी को शस्त्र लाइसेंस भी नहीं दिला पाओ, तो तमंचा रखने की इजाजत ही दे दो।

अपराधियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
कैराना। रंगदारी मांगे जाने के मामले में पुलिस पुराने मामलों को खंगाल रही है। साथ ही पुलिस अपराधियों पर पूर्व में दर्ज मुकदमों की सूची भी तैयार करने में जुटी है। पुलिस के अलावा स्वाट टीमें भी बदमाशों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।

एक सितंबर को चौक बाजार में किराना की दुकान करने वाले सचिन से फोन पर बदमाशों ने पांच लाख की रंगदारी मांगी। जिसके बाद तो कस्बे मे रंगदारी के मामलों की बाढ़ सी ही आ गई। पांच सितंबर को डॉ. दानिश के मकान में 10 लाख रंगदारी की चिट्ठी मिलने के बाद उनका परिवार मकान बंद करके चला गया।


16 सितंबर को एक ही दिन में चार व्यापारियों से रंगदारी मांगने के मामले से जनता में भय और पुलिस प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त हो गया। वहीं 15 दिन के अंदर आधा दर्जन रंगदारी के मामलों से पुलिस प्रशासन की नींद भी उड़ गई। पुलिस ने जहां दो दिन पहले तीन बदमाशों को जेल भेजा, वहीं कस्बे की जनता पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। अब पुलिस के सामने बड़ी चुनौती तो इसी को लेकर है कि कहीं कोई बदमाश किसी अन्य व्यापारी को धमकी नहीं दे दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed