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18 हजार किसानों की सम्मान निधि पर मंडराया संकट

Wed, 04 Mar 2020 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Mar 2020 11:48 PM IST
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Crisis hinged on the honor fund of 18 thousand farmers
18 हजार किसानों की सम्मान निधि पर मंडराया संकट
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शामली। जिले में 12 हजार किसानों के नाम का आधार कार्ड में दर्ज नाम से मिलान नहीं हुआ है। करीब छह हजार किसान ऐसे हैं जिनका सम्मान निधि के दर्ज डाटा में आधार नंबर ही गलत दर्ज है। इन किसानों की सम्मान निधि पर खतरे के बादल मंडरा गए हैं। यदि तीन चार दिनों में इनका डाटा ठीक नहीं हुआ तो सम्मान निधि की पहली किस्त लटक सकती है।
दरअसल, सरकार ने पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले किसान सम्मान निधि की घोषणा की थी। तब जल्दबाजी में तहसील और कृषि विभाग की टीमों ने सर्वे कर किसानों का डाटा फीड कराकर भेजा था। तब तो अधिकतर किसानों को सम्मान निधि दे दी गई लेकिन धीरे धीरे सरकार ने इसे अपडेट कर ऑनलाइन कर दिया। घपलेबाजी रोकने को सरकार ने किसानों की सम्मान निधि को आधार कार्ड से लिंक कर दिया। ये सिस्टम लागू होते ही डाटा में गड़बड़ियां सामने आने लगीं। किसी का आधार कार्ड के अनुसार नाम ठीक नहीं मिला तो, किसी का आधार कार्ड नंबर ही गलत दर्ज था।
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कृषि विभाग के अनुसार 53 हजार किसानों के दर्ज डाटा में खामियां मिली थी। इनमें से करीब 35 हजार किसानों का डाटा ठीक कर दिया गया। इसके बाद सरकार ने 59 हजार किसानों की इस साल की सम्मान निधि की पहली किस्त जारी कर दी। अभी करीब 12 हजार ऐसे किसान हैं जिनका विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम में अंतर है। उदाहरण के तौर पर आधार कार्ड में किसी किसान का नाम रामपाल चौधरी है जबकि डाटा में केवल रामपाल लिखा है। इस साल की पहली तिमाही की किस्त 31 मार्च तक आनी है। यदि डाटा जल्द ठीक नहीं हुुुआ तो 18 हजार किसान सम्मान निधि से वंचित रह सकते हैं।
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-- किसान सम्मान निधि में अब तक
वर्ष 2019 की किस्तें
किस्त किसान
पहली किस्त 1,05,000
दूसरी किस्त 99,000
तीसरी किस्त 91,000
इस साल में पहली किस्त 59,000
कोट
करीब 35 हजार किसानों का डाटा विभाग द्वारा ठीक किया जा चुका है। अभी करीब 18 हजार किसानों का डाटा ठीक होना बाकी है। शामली में उनके कार्यालय के अलावा कस्बों में बीज गोदामों पर भी इन्हें ठीक करने के प्रयास चल रहे हैं। किसान जन सूचना केंद्रों से भी डाटा ठीक करा सकते हैं। - शिव कुमार केसरी, कृषि उपनिदेशक
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