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कलम और किताब वाले हाथों में हथियार
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 01 Mar 2016 01:27 AM IST
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शामली। चाकुओं से प्रहार कर सरेआम छात्र शिवम की हत्या कई सवाल उठा रही है।
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एक ओर पढ़ने लिखने की उम्र में हथियारों से खेलते युवा अपने भविष्य से
खिलवाड़ कर रहे हैं, तो पुलिस की सक्रियता भी सवालों के घेरे में है।
बुढ़ाना बस स्टैंड पर भरे बाजार हुई वारदात भी पुलिस चेकिंग की पोल खोल रही है।
बुढ़ाना बस स्टैंड पर करीब 10 थ्री व्हीलर खड़े थे, फलों की रेहड़ी खड़ी थीं और पास में ही पालिका बाजार में दुकानों पर चहल पहल थी। एकाएक बचाओ बचाओ का शोर सुनाई देता है। थ्री व्हीलर में बैठे छात्र शिवम, उसके दोस्त शिवम और शेखर पर पांच युवक चाकुओं से ताबड़तोड़ प्रहार कर देते हैं।
वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी भी छात्र बताए जा रहे हैं। पांचों छात्र हथियारों से लैस होकर ही बुढ़ाना रोड की तरफ से तिराहा पार करके घटनास्थल पर पहुंचे।
तिराहे पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और चेकिंग भी कराई जाती है। इसके बावजूद हथियार लेकर जा रहे आरोपियों को पकड़ा नहीं जा सका। सवाल यह है कि युवा पीढ़ी आखिर किस राह पर चल रही है। अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए कि बच्चे कॉलेज जा रहे हैं तो उनकी गतिविधियां कैसी हैं।
बुढ़ाना बस स्टैंड पर भरे बाजार हुई वारदात भी पुलिस चेकिंग की पोल खोल रही है।
बुढ़ाना बस स्टैंड पर करीब 10 थ्री व्हीलर खड़े थे, फलों की रेहड़ी खड़ी थीं और पास में ही पालिका बाजार में दुकानों पर चहल पहल थी। एकाएक बचाओ बचाओ का शोर सुनाई देता है। थ्री व्हीलर में बैठे छात्र शिवम, उसके दोस्त शिवम और शेखर पर पांच युवक चाकुओं से ताबड़तोड़ प्रहार कर देते हैं।
वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी भी छात्र बताए जा रहे हैं। पांचों छात्र हथियारों से लैस होकर ही बुढ़ाना रोड की तरफ से तिराहा पार करके घटनास्थल पर पहुंचे।
तिराहे पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और चेकिंग भी कराई जाती है। इसके बावजूद हथियार लेकर जा रहे आरोपियों को पकड़ा नहीं जा सका। सवाल यह है कि युवा पीढ़ी आखिर किस राह पर चल रही है। अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए कि बच्चे कॉलेज जा रहे हैं तो उनकी गतिविधियां कैसी हैं।