{"_id":"ecdc9083ef1538b83b8b4297289f584f","slug":"villagers-gdipukta-station-performance-hungama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों का गढ़ीपुख्ता थाने पर प्रदर्शन, हंगामा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्रामीणों का गढ़ीपुख्ता थाने पर प्रदर्शन, हंगामा
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
गढीपुख्ता। गांव कच्ची गढ़ी के अमजद की मौत के मामले में हत्या का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने थाने पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस जानबूझकर आत्महत्या बता रही है, जबकि अमजद की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाया गया ।
बुधवार सुबह कच्ची गढ़ी निवासी महमूद अली अन्य ग्रामीणों के साथ गढ़ीपुख्ता थाने पहुंचे। महमूद अली ने बताया कि उसके बेटे अमजद का शव दो दिन पूर्व ईदगाह के पास पेड़ पर लटका मिला था। आरोप है कि गांव के ही एक परिवार के पांच लोगों ने अमजद की हत्या की है। महमूद अली ने बताया कि घटना वाले दिन ही विपक्षी लोगों ने उसे डरा धमकाकर कोरे कागज पर अंगूठे लगवा लिए थे।
महमूद अली का कहना था कि विपक्षी लोगों ने हत्या करके शव पेड़ पर लटकाकर उसे आत्महत्या का रूप दे दिया और पुलिस उसी पर भरोसा कर रही है। थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन किया जा रहा है। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमजद की हत्या होने की पुष्टि होती है, तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, थाने पर सुनवाई ना होने के बाद ग्रामीण लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार सुबह कच्ची गढ़ी निवासी महमूद अली अन्य ग्रामीणों के साथ गढ़ीपुख्ता थाने पहुंचे। महमूद अली ने बताया कि उसके बेटे अमजद का शव दो दिन पूर्व ईदगाह के पास पेड़ पर लटका मिला था। आरोप है कि गांव के ही एक परिवार के पांच लोगों ने अमजद की हत्या की है। महमूद अली ने बताया कि घटना वाले दिन ही विपक्षी लोगों ने उसे डरा धमकाकर कोरे कागज पर अंगूठे लगवा लिए थे।
विज्ञापन
महमूद अली का कहना था कि विपक्षी लोगों ने हत्या करके शव पेड़ पर लटकाकर उसे आत्महत्या का रूप दे दिया और पुलिस उसी पर भरोसा कर रही है। थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन किया जा रहा है। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमजद की हत्या होने की पुष्टि होती है, तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, थाने पर सुनवाई ना होने के बाद ग्रामीण लौट गए।
विज्ञापन