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तीन हजार ई-रिक्शा अवैध
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
Updated Sat, 22 Apr 2017 12:43 AM IST
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शामली में ई-रिक्शा चालकों का चालान काटते एआरटीओ।
- फोटो : amar ujala
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शामली। ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेेशन के दायरे में आने और इसके ड्राइवर के लिए लाइसेंस की बाध्यता होने से इसे चलाना आसान नहीं होगा। शासन से आए इस फैसले के बाद जिले की सड़कों पर दौड़ रहे तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा अवैध हो गए हैं। अकेले शहर में ही पंद्रह सौ ई-रिक्शा शामली नगर पालिका में रजिस्टर्ड हैं।
दरअसल कुछ साल पूर्व ई-रिक्शा आए थे। उस दौरान इनके संचालन पर सरकार को रुख स्पष्ट नहीं था। चूंकी इसमें इंजन नहीं होता है तो परिवहन विभाग द्वारा भी इसको रजिस्ट्रेशन के दायरे में लाने से मना कर दिया गया था, लेकिन बाद में इनके द्वारा कुछ हादसे हो गए। ई-रिक्शा की पहचान हो सके इसके लिए नगर पालिका में इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया। धीरे-धीरे कर रजिस्ट्रेशन होते चले ओर आज शामली में करीब तीन हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। अब सरकार और शासन का इन पर स्पष्ट रुख आ गया है कि इनका रजिस्ट्रेशन कराया जाए। जिसके बाद अब एआरटीओ द्वारा इनकी तलाश शुरू कर दी गई है। शासन के इस आदेश के बाद जिले की सड़कों पर दौड़ रहे तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा अवैध हो गए। जिनको अब परिवहन विभाग द्वारा पकड़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
ये है इनके रजिस्ट्रेशन की फीस
रोड़ टैक्स- 7200 रुपये, तीन साल के लिए
रजिस्ट्रेशन फीस- 1000 सिर्फ एक बार
फिटनेस- 600 रुपये दो साल के लिए
नोट-यदि कोई रोड टैक्स वन टाइम ही देना चाहता है तो वो उसको 7200 रुपये की जगह 22500 रुपये देने होंगे। जो ताउम्र के लिए होंगे।
ई-रिक्शा के लिए बनवाना होगा नया लाइसेंस
दुपहिया और चौपहिया वाहन चलाने वाले अधिकतर लोगों के पास लाइसेंस है, लेकिन ई-रिक्शा चलाने वाले के लिए वो लाइसेंस नहीं चलेगा। ई-रिक्शा चलाने वाले को ई-रिक्शा के लिए नया लाइसेंस बनवाना होगा। अभी तक पूरे जिले में मात्र 90 के लगभग ही ई-रिक्शा के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं।
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48 ई-रिक्शा ही शामली में रजिस्टर्ड
उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा शामली में 45 ई-रिक्शा डूडा के द्वारा वितरित कराए थे, क्योंकि इनका बिल तथा सेललैटर भी था। जिसके चलते इन सभी का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया था। इसके अलावा पूरे जिले में मात्र तीन और ई-रिक्शा रजिस्टर्ड कराए गए हैं।
पूरे जिले में लगभगत तीन हजार ई-रिक्शा अवैध दौड़ रहे हैं, शासन की सख्ती के बाद अब पर कार्रवाई की जा रही है, ई-रिक्शा वालों को अब हर हाल में अपना लाइसेंस भी बनवाना होगा और रजिस्ट्रेशन की कराना होगा - मो. कय्यूम, एआरटीओ शामली।
चेकिंग में पकड़ी र्गइं 11 ई-रिक्शा सीज
शामली। नगर के में दौड़ रहे ई-रिक्शा पर शुक्रवार को एआरटीओ का डंडा चल गया। इस दौरान चेकिंग में अधिकारी ने 11 ई-रिक्शा को पकड़ लिया। कागज नहीं होने पर सभी को सीज कर दिया गया। शु्क्रवार को उपसंभागीय परिवहन अधिकारी मो. कय्यूम ने नगर में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की मदद से शिव चौक के पास चेकिंग चलाकर 11 ई-रिक्शा पकड़ ली। उन्होंने इस संबंध में चालकों ने ई-रिक्शा के कागज मांगे, लेकिन कोई भी कागज नहीं दिखा सका। जिसके बाद उन्होंने सभी को सीज कर दिया। जिसके बाद कुछ ई-रिक्शा एकत्र होकर एआरटीओ के पास पहुंचे तथा कार्रवाई बंद करने की बात कही। उन्होंने इसे शासन का आदेश बताया तो वह धरना देने तथा रोड जाम करने की धमकी देने लगे, लेकिन अधिकारियों की सख्ती के बाद वह चले गए। एआरटीओ ने बताया कि उन्होंने रोड़ी से भरे दो ट्रकों को पकड़ लिया। दोनों ट्रकों का भार कराया गया तो एक में पांच टन तथा दूसरे में सात टन अतिरिक्त भार मिला। जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया और जुर्माना वसूला गया।
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दरअसल कुछ साल पूर्व ई-रिक्शा आए थे। उस दौरान इनके संचालन पर सरकार को रुख स्पष्ट नहीं था। चूंकी इसमें इंजन नहीं होता है तो परिवहन विभाग द्वारा भी इसको रजिस्ट्रेशन के दायरे में लाने से मना कर दिया गया था, लेकिन बाद में इनके द्वारा कुछ हादसे हो गए। ई-रिक्शा की पहचान हो सके इसके लिए नगर पालिका में इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया। धीरे-धीरे कर रजिस्ट्रेशन होते चले ओर आज शामली में करीब तीन हजार ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। अब सरकार और शासन का इन पर स्पष्ट रुख आ गया है कि इनका रजिस्ट्रेशन कराया जाए। जिसके बाद अब एआरटीओ द्वारा इनकी तलाश शुरू कर दी गई है। शासन के इस आदेश के बाद जिले की सड़कों पर दौड़ रहे तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा अवैध हो गए। जिनको अब परिवहन विभाग द्वारा पकड़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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ये है इनके रजिस्ट्रेशन की फीस
रोड़ टैक्स- 7200 रुपये, तीन साल के लिए
रजिस्ट्रेशन फीस- 1000 सिर्फ एक बार
फिटनेस- 600 रुपये दो साल के लिए
नोट-यदि कोई रोड टैक्स वन टाइम ही देना चाहता है तो वो उसको 7200 रुपये की जगह 22500 रुपये देने होंगे। जो ताउम्र के लिए होंगे।
ई-रिक्शा के लिए बनवाना होगा नया लाइसेंस
दुपहिया और चौपहिया वाहन चलाने वाले अधिकतर लोगों के पास लाइसेंस है, लेकिन ई-रिक्शा चलाने वाले के लिए वो लाइसेंस नहीं चलेगा। ई-रिक्शा चलाने वाले को ई-रिक्शा के लिए नया लाइसेंस बनवाना होगा। अभी तक पूरे जिले में मात्र 90 के लगभग ही ई-रिक्शा के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं।
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48 ई-रिक्शा ही शामली में रजिस्टर्ड
उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा शामली में 45 ई-रिक्शा डूडा के द्वारा वितरित कराए थे, क्योंकि इनका बिल तथा सेललैटर भी था। जिसके चलते इन सभी का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया था। इसके अलावा पूरे जिले में मात्र तीन और ई-रिक्शा रजिस्टर्ड कराए गए हैं।
पूरे जिले में लगभगत तीन हजार ई-रिक्शा अवैध दौड़ रहे हैं, शासन की सख्ती के बाद अब पर कार्रवाई की जा रही है, ई-रिक्शा वालों को अब हर हाल में अपना लाइसेंस भी बनवाना होगा और रजिस्ट्रेशन की कराना होगा - मो. कय्यूम, एआरटीओ शामली।
चेकिंग में पकड़ी र्गइं 11 ई-रिक्शा सीज
शामली। नगर के में दौड़ रहे ई-रिक्शा पर शुक्रवार को एआरटीओ का डंडा चल गया। इस दौरान चेकिंग में अधिकारी ने 11 ई-रिक्शा को पकड़ लिया। कागज नहीं होने पर सभी को सीज कर दिया गया। शु्क्रवार को उपसंभागीय परिवहन अधिकारी मो. कय्यूम ने नगर में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की मदद से शिव चौक के पास चेकिंग चलाकर 11 ई-रिक्शा पकड़ ली। उन्होंने इस संबंध में चालकों ने ई-रिक्शा के कागज मांगे, लेकिन कोई भी कागज नहीं दिखा सका। जिसके बाद उन्होंने सभी को सीज कर दिया। जिसके बाद कुछ ई-रिक्शा एकत्र होकर एआरटीओ के पास पहुंचे तथा कार्रवाई बंद करने की बात कही। उन्होंने इसे शासन का आदेश बताया तो वह धरना देने तथा रोड जाम करने की धमकी देने लगे, लेकिन अधिकारियों की सख्ती के बाद वह चले गए। एआरटीओ ने बताया कि उन्होंने रोड़ी से भरे दो ट्रकों को पकड़ लिया। दोनों ट्रकों का भार कराया गया तो एक में पांच टन तथा दूसरे में सात टन अतिरिक्त भार मिला। जिसके बाद उनका चालान कर दिया गया और जुर्माना वसूला गया।