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शातिर ने पुलिस वालों को ठगा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:45 AM IST
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कैराना। शातिर ठग ने कैराना पुलिस को भी ठग लिया। उसने एडवाइजरी कमेटी का अधिकारी बनकर पुलिसकर्मी से अपने खाते में 60 हजार रुपये डलवा लिए। जब तक पुलिस को ठगी का अहसास हुआ, तब तक शातिर युवक ने खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। मामले को लेकर पुलिस में हड़कंप मच रहा।
बुधवार सुबह कैराना कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एडवाइजरी कमेटी का वरिष्ठ अधिकारी बताया और किसी मुकदमे से संबंधित जानकारी मांगी। कोतवाली प्रभारी ने थाने में कार्यरत मुंशी (सिपाही) अमित सोम को मोबाइल थमा दिया और केस संबंधित जानकारी देने को कह दिया।
इसके बाद शातिर ठग ने सिपाही अमित सोम को अपनी बातों में उलझाया और एक्सिस बैंक का खाता नंबर बताकर उसमें 60 हजार रुपये जमा कराने को कहा। सिपाही अमित भी उसकी बातों में फंस गया और कस्बे में शामली रोड स्थित बैंक की शाखा के आफिस जा पहुंचा। वहां कार्यरत मित्र अंकुर भारद्वाज को बैंक का खाता नंबर बताकर उसमें यह ट्रांसफर कराने को कहा। अंकुर भारद्वाज ने भी सिपाही अमित पर भरोसा करते हुए राशि खाते में ट्रांसफर करा दी। इसके बाद सिपाही अमित थाने लौट आया।
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कोतवाली प्रभारी ने उससे कहा कि हमने तो किसी को पैसे नहीं भिजवाए। सिपाही अमित से बात की तो उसने भी कह दिया कि कॉल करने वाले ने ही रुपये जमा कराने को कहा था। तब जाकर ठगी का पता चला। इसके बाद अंकुर भारद्वाज ने एक्सिस बैंक के खाते की डिटेल निकलवाई, तो पता चला कि यह खाता गुडगांव की शाखा का है।
अंकुर ने उक्त शाखा प्रबंधक को ईमेल भेजकर ट्रांजक्शन पर रोक लगाने की मांग क। लेकिन तब तक शातिर ठग ने खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। देर शाम तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल सका। मित्र बैंक शाखा में कार्य करने वाला अंकुर भारद्वाज अपने रुपयों की मांग करता रहा। पुलिस ठग को ढूंढने के प्रयास कर रही है।
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बुधवार सुबह कैराना कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एडवाइजरी कमेटी का वरिष्ठ अधिकारी बताया और किसी मुकदमे से संबंधित जानकारी मांगी। कोतवाली प्रभारी ने थाने में कार्यरत मुंशी (सिपाही) अमित सोम को मोबाइल थमा दिया और केस संबंधित जानकारी देने को कह दिया।
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इसके बाद शातिर ठग ने सिपाही अमित सोम को अपनी बातों में उलझाया और एक्सिस बैंक का खाता नंबर बताकर उसमें 60 हजार रुपये जमा कराने को कहा। सिपाही अमित भी उसकी बातों में फंस गया और कस्बे में शामली रोड स्थित बैंक की शाखा के आफिस जा पहुंचा। वहां कार्यरत मित्र अंकुर भारद्वाज को बैंक का खाता नंबर बताकर उसमें यह ट्रांसफर कराने को कहा। अंकुर भारद्वाज ने भी सिपाही अमित पर भरोसा करते हुए राशि खाते में ट्रांसफर करा दी। इसके बाद सिपाही अमित थाने लौट आया।
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कोतवाली प्रभारी ने उससे कहा कि हमने तो किसी को पैसे नहीं भिजवाए। सिपाही अमित से बात की तो उसने भी कह दिया कि कॉल करने वाले ने ही रुपये जमा कराने को कहा था। तब जाकर ठगी का पता चला। इसके बाद अंकुर भारद्वाज ने एक्सिस बैंक के खाते की डिटेल निकलवाई, तो पता चला कि यह खाता गुडगांव की शाखा का है।
अंकुर ने उक्त शाखा प्रबंधक को ईमेल भेजकर ट्रांजक्शन पर रोक लगाने की मांग क। लेकिन तब तक शातिर ठग ने खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। देर शाम तक इस मामले का कोई समाधान नहीं निकल सका। मित्र बैंक शाखा में कार्य करने वाला अंकुर भारद्वाज अपने रुपयों की मांग करता रहा। पुलिस ठग को ढूंढने के प्रयास कर रही है।