{"_id":"6a8bfa3438a12d066e004bc8","slug":"absconding-csp-neha-pacchisia-files-anticipatory-bail-plea-sit-constituted-for-investigation-katni-news-c-1-1-noi1360-4645008-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: फरार पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, तीनों आरोपियों ने मांगी अग्रिम जमानत; SIT गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: फरार पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, तीनों आरोपियों ने मांगी अग्रिम जमानत; SIT गठित
Mon, 24 Aug 2026 03:03 PM IST
कटनी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 03:03 PM IST
सार
कटनी के चर्चित जमीन सौदा मामले में एफआईआर के बाद फरार चल रहीं निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
फरार पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की गिरफ्तारी और जांच के लिए SIT गठित
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदा मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार चल रहीं तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। जानकारी के मुताबिक, नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है। दूसरी ओर, पुलिस की तलाश लगातार जारी है और मामले की जांच को तेज करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित कर दिया गया है।
18.20 लाख में रजिस्ट्री कराने का आरोप
कटनी के कुठला थाना क्षेत्र के चर्चित जमीन सौदा मामले में दर्ज एफआईआर के बाद निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आदिवासी हत्याकांड के आरोपी रहे आकाश लोधी ने आरोप लगाया था कि उनके परिवार की करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की डील 1.07 करोड़ रुपये में तय हुई थी, लेकिन पुलिसिया दबाव बनाकर मात्र 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री करवा दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि जमीन खरीदने वाले के खाते में पर्याप्त रकम नहीं थी और भुगतान के लिए दूसरे खातों से राशि ट्रांसफर की गई।
विज्ञापन
जबलपुर रेंज आईजी प्रमोद वर्मा के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर 19 अगस्त को नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ BNS की धाराओं 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित किया गया और उनके कार्यालय को भी सील कर दिया गया।
ये भी पढ़ें- सरकारी दफ्तर में 'साहब' का शाही बर्थडे, हाथी पर एंट्री और नोटों जैसे केक का वीडियो वायरल; नोटिस जारी
एफआईआर की जानकारी मिलते ही ट्रेनिंग सेंटर से निकलीं CSP
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही भोपाल स्थित ट्रेनिंग सेंटर से नेहा पच्चीसिया निकल गईं। इसके बाद से तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसी बीच आरोपियों ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर सुनवाई होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी की निगरानी में चल रही है और स्थानीय पुलिस हर स्तर पर सहयोग कर रही है।
जांच के लिए एसआईटी गठित, आरोपियों की तलाश तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया है। यह टीम जांच अधिकारी एएसपी अंजना तिवारी की सहायता करेगी और फरार आरोपियों की तलाश भी तेज करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है। अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत के फैसले के बाद अगला कदम तय किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
18.20 लाख में रजिस्ट्री कराने का आरोप
कटनी के कुठला थाना क्षेत्र के चर्चित जमीन सौदा मामले में दर्ज एफआईआर के बाद निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आदिवासी हत्याकांड के आरोपी रहे आकाश लोधी ने आरोप लगाया था कि उनके परिवार की करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की डील 1.07 करोड़ रुपये में तय हुई थी, लेकिन पुलिसिया दबाव बनाकर मात्र 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री करवा दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि जमीन खरीदने वाले के खाते में पर्याप्त रकम नहीं थी और भुगतान के लिए दूसरे खातों से राशि ट्रांसफर की गई।
विज्ञापन
जबलपुर रेंज आईजी प्रमोद वर्मा के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर 19 अगस्त को नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ BNS की धाराओं 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर नेहा पच्चीसिया को निलंबित किया गया और उनके कार्यालय को भी सील कर दिया गया।
ये भी पढ़ें- सरकारी दफ्तर में 'साहब' का शाही बर्थडे, हाथी पर एंट्री और नोटों जैसे केक का वीडियो वायरल; नोटिस जारी
एफआईआर की जानकारी मिलते ही ट्रेनिंग सेंटर से निकलीं CSP
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही भोपाल स्थित ट्रेनिंग सेंटर से नेहा पच्चीसिया निकल गईं। इसके बाद से तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसी बीच आरोपियों ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर सुनवाई होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी की निगरानी में चल रही है और स्थानीय पुलिस हर स्तर पर सहयोग कर रही है।
जांच के लिए एसआईटी गठित, आरोपियों की तलाश तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया है। यह टीम जांच अधिकारी एएसपी अंजना तिवारी की सहायता करेगी और फरार आरोपियों की तलाश भी तेज करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी है। अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत के फैसले के बाद अगला कदम तय किया जाएगा।
