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बवाल के लिए पुलिस जिम्मेदार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:14 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। काजीवाड़ा और आजाद चौक पर दोनों पक्षों में सुलगती चिंगारी को हवा देने में कोतवाली पुलिस की बड़ी भूमिका है। पूर्व में हुई फायरिंग और पथराव के मामलों में पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया।
रविवार को हुआ टकराव भी पुलिस की बड़ी लापरवाही का नतीजा है। दरअसल, जुलाई माह से आजाद चौक और काजीवाड़ा निवासी दोनों पक्षों के लोगों में रंजिश चल रही है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में दोनों पक्षों में विवाद गरमाया था। फिर तीन अगस्त को फायरिंग हो गई।
तब एक पक्ष ने सभासद नसीम भूरा पक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद नसीम भूरा पक्ष के लोगों ने भी दूसरे पक्ष के खिलाफ पथराव और फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज करा दी। काजीवाड़ा निवासी एक पक्ष के लोग नौ अगस्त को थानाभवन गए, तो वहां भी उन पर फायरिंग कर दी गई थी। इस तरह दोनों पक्षों की रंजिश लगातार भड़कती रही, मगर पुलिस ने लापरवाही का दामन नहीं छोड़ा।
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मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं की गई। इसका नतीजा है कि रविवार अपराह्न चार बजे काजीवाड़ा में फिर से बवाल हो गया। पुलिस के लचर रवैये की वजह से बड़ी घटना हो सकती है। मालूम चला है कि पूर्व में हुई फायरिंग के प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों का अब तक गैर जमानती वारंट भी नहीं बनवाया जा सका है।
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रविवार को हुआ टकराव भी पुलिस की बड़ी लापरवाही का नतीजा है। दरअसल, जुलाई माह से आजाद चौक और काजीवाड़ा निवासी दोनों पक्षों के लोगों में रंजिश चल रही है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में दोनों पक्षों में विवाद गरमाया था। फिर तीन अगस्त को फायरिंग हो गई।
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तब एक पक्ष ने सभासद नसीम भूरा पक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद नसीम भूरा पक्ष के लोगों ने भी दूसरे पक्ष के खिलाफ पथराव और फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज करा दी। काजीवाड़ा निवासी एक पक्ष के लोग नौ अगस्त को थानाभवन गए, तो वहां भी उन पर फायरिंग कर दी गई थी। इस तरह दोनों पक्षों की रंजिश लगातार भड़कती रही, मगर पुलिस ने लापरवाही का दामन नहीं छोड़ा।
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मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं की गई। इसका नतीजा है कि रविवार अपराह्न चार बजे काजीवाड़ा में फिर से बवाल हो गया। पुलिस के लचर रवैये की वजह से बड़ी घटना हो सकती है। मालूम चला है कि पूर्व में हुई फायरिंग के प्रकरण में फरार चल रहे आरोपियों का अब तक गैर जमानती वारंट भी नहीं बनवाया जा सका है।