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पुलिस भी फिरोज की मौत की जिम्मेदार
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:52 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। गांव खेड़ीकरमू में घर में घुसकर हुए हमले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। हमले में जवान बेटे की मौत के बाद उसकी मां बेहोश तथा बाप को दौरा पड़ रहा है। परिजनों का कहना है कि इस मामले में पांच नवंबर को ही थाने में आईजी के सामने हमले की आशंका जताने के बावजूद पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए फिरोज की मौत के लिए पुलिस की लापरवाही भी जिम्मेदार रही।
इसी माह पांच नवंबर को समाधान दिवस में थाना शामली में आईजी मेरठ अजय आनंद पहुंचे थे। उनके सामने रफीकन ने अपने मकान पर कब्जा किए जाने की बात कहते हुए हमले की आशंका जताई थी। आईजी ने भी तत्कालीन कोतवाली प्रभारी सतीश राय को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोप है कि तब से लेकर आज तक शहर कोतवाली पुलिस इस मामले में दूसरे पक्ष से सेटिंग में लगी रही।
रफीकन का आरोप है कि उसके बाद तो दूसरे पक्ष से सेटिंग करने के बाद पुलिस ने उल्टे रफीकन के बेटे नवाब को कोतवाली में हिरासत में लेकर बैठा लिया था तथा बाद में दबाव डालकर जबरदस्ती फैसला करा दिया था।
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परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस इस मामले में उस वक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करती तो आज न तो यह घर पर हमला होता और न ही राह चलते एक निर्दोष की गोली लगने लगने से मौत होती। रफीकन ने शनिवार को अस्पताल रोते हुए पुलिस को भी कोसती रही।
ये है विवाद
रफीकन के पति लतीफ ने दूसरे पक्ष के लोगों से दो साल पूर्व अस्सी हजार रुपए उधार में लिए थे। इसके बाद से ही दूसरा पक्ष रफीकन के मकान पर अपना हक जता रहा था। इसी विवाद में शनिवार को इसी बात को लेकर फायरिंग की गई। उधर, सीओ सिटी निशांक शर्मा का कहना है कि दो पक्षों में मकान को लेकर विवाद था। शनिवार को एक पक्ष ने फायरिंग कर दी, जिसमें फिरोज की गोली लगने से मौत हो गई जबकि एक महिला घायल हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा रहा है। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राह चलते गोली का शिकार हुआ फिरोज
फिरोज का मकान वहां से कुछ ही दूरी पर है। जिस समय रफीकन के घर पर फायरिंग हो रही थी। ठीक उसी समय फिरोज अपने घर की ओर जा रहा था। हमलावरों ने रफीकन के परिवार के सदस्य के ऊपर गोली चलाई। इस दौरान गोली बाहर सड़क पर जा रहे फिरोज को लग गई जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। फायरिंग के कारण मुहल्ले में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग सहमे रहे।
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इसी माह पांच नवंबर को समाधान दिवस में थाना शामली में आईजी मेरठ अजय आनंद पहुंचे थे। उनके सामने रफीकन ने अपने मकान पर कब्जा किए जाने की बात कहते हुए हमले की आशंका जताई थी। आईजी ने भी तत्कालीन कोतवाली प्रभारी सतीश राय को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोप है कि तब से लेकर आज तक शहर कोतवाली पुलिस इस मामले में दूसरे पक्ष से सेटिंग में लगी रही।
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रफीकन का आरोप है कि उसके बाद तो दूसरे पक्ष से सेटिंग करने के बाद पुलिस ने उल्टे रफीकन के बेटे नवाब को कोतवाली में हिरासत में लेकर बैठा लिया था तथा बाद में दबाव डालकर जबरदस्ती फैसला करा दिया था।
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परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस इस मामले में उस वक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करती तो आज न तो यह घर पर हमला होता और न ही राह चलते एक निर्दोष की गोली लगने लगने से मौत होती। रफीकन ने शनिवार को अस्पताल रोते हुए पुलिस को भी कोसती रही।
ये है विवाद
रफीकन के पति लतीफ ने दूसरे पक्ष के लोगों से दो साल पूर्व अस्सी हजार रुपए उधार में लिए थे। इसके बाद से ही दूसरा पक्ष रफीकन के मकान पर अपना हक जता रहा था। इसी विवाद में शनिवार को इसी बात को लेकर फायरिंग की गई। उधर, सीओ सिटी निशांक शर्मा का कहना है कि दो पक्षों में मकान को लेकर विवाद था। शनिवार को एक पक्ष ने फायरिंग कर दी, जिसमें फिरोज की गोली लगने से मौत हो गई जबकि एक महिला घायल हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा रहा है। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राह चलते गोली का शिकार हुआ फिरोज
फिरोज का मकान वहां से कुछ ही दूरी पर है। जिस समय रफीकन के घर पर फायरिंग हो रही थी। ठीक उसी समय फिरोज अपने घर की ओर जा रहा था। हमलावरों ने रफीकन के परिवार के सदस्य के ऊपर गोली चलाई। इस दौरान गोली बाहर सड़क पर जा रहे फिरोज को लग गई जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। फायरिंग के कारण मुहल्ले में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग सहमे रहे।