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Mohali News: फर्जी इमीग्रेशन ऑफिस चलाकर की ठगी, तीन गिरफ्तार
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मोहाली। फेज-11 में फर्जी इमीग्रेशन ऑफिस चलाकर विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ''ब्राइट वे इमीग्रेशन'' के जरिये लोगों को न्यूजीलैंड भेजने का झांसा देते थे। एक गुजराती परिवार से करीब 3.50 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुराली निवासी मनदीप सिंह, हिमाचल प्रदेश निवासी पंकज कुमार और मटौर निवासी प्रशांत कुमार के रूप में हुई है। इन्हें अदालत में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। शिकायतकर्ता रोनक बारोट ने बताया कि कंपनी की मालिक रुकसार ने उन्हें और उनकी बहन ज्ञान बारोट को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर पैसे लिए थे। ठगी का पता चलने पर रकम वापस मांगने पर उनके साथ बदतमीजी की गई और आरोपियों ने फोन बंद कर लिए। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल के अनुसार, इस मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें लवप्रीत सिंह, हरमन सिंह, पंकज कुमार, मनदीप सिंह, प्रशांत कुमार, रुकसार, प्रीती और ब्राइट वे स्टडी कंसल्टेंसी शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी की रकम और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विदेश जाने या नौकरी के लिए किसी इमीग्रेशन एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी मान्यता और लाइसेंस की जांच करें। किसी भी एजेंट या कंपनी के दावों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुराली निवासी मनदीप सिंह, हिमाचल प्रदेश निवासी पंकज कुमार और मटौर निवासी प्रशांत कुमार के रूप में हुई है। इन्हें अदालत में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। शिकायतकर्ता रोनक बारोट ने बताया कि कंपनी की मालिक रुकसार ने उन्हें और उनकी बहन ज्ञान बारोट को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर पैसे लिए थे। ठगी का पता चलने पर रकम वापस मांगने पर उनके साथ बदतमीजी की गई और आरोपियों ने फोन बंद कर लिए। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल के अनुसार, इस मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें लवप्रीत सिंह, हरमन सिंह, पंकज कुमार, मनदीप सिंह, प्रशांत कुमार, रुकसार, प्रीती और ब्राइट वे स्टडी कंसल्टेंसी शामिल हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी की रकम और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विदेश जाने या नौकरी के लिए किसी इमीग्रेशन एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी मान्यता और लाइसेंस की जांच करें। किसी भी एजेंट या कंपनी के दावों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
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