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हत्यारोपी नहीं पकड़े, तो करेंगे चुनाव बहिष्कार
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Wed, 28 Oct 2015 12:15 AM IST
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झिंझाना। क्षेत्र के नया गांव निवासी पेस्टी साइड विक्रेता की हत्या से गुस्साए लोगों ने मेरठ- करनाल मार्ग पर मंगलवार की सुबह जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। उन्होंने कहा यदि दो दिन में हत्यारे नहीं पकड़े, तो पूरा गांव चुनाव का बहिष्कार करेगा।
क्षेत्र के नया गांव निवासी उपेंद्र सिंह शामली में पेस्टी साइड की दुकान करता था। सोमवार शाम को जब वह दुकान बंद कर वापस गांव आ रहा था। तभी गांव लपराना के पास अज्ञात बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। मंगलवार की सुबह उपेंद्र का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा। जहां उपेंद्र के अंतिम संस्कार के बाद घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मेरठ - करनाल मार्ग पर जाम लगाया। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने जाम लगाए रखा। इससे मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
जाम लगने की सूचना पर एडिशनल एसपी और सीओ झिंझाना पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से तीन दिन का समय मांगा, जिस पर ग्रामीण बिफर पड़े और उन्होंने चुनाव से पहले हत्याकांड का खुलासा करने की मांग रख दी। यदि 28 अक्तूबर की शाम तक हत्यारोपी नहीं पकड़े गए, तो पूरा गांव चुनाव का बहिष्कार कर देगा। बाद में ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
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इसमें प्रधान जयबीर सिंह, इंद्रपाल सिंह, राजबीर, किरण चंद, हरबीर सिंह, आनंद चौधरी, रामबीर, देशपाल, धर्मबीर सिंह आदि रहे। मेरठ - करनाल पर लगे दो घंटे के जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। इससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान बाइक सवारों ने जंगलों के रास्ते से अपने वाहन निकाले।
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क्षेत्र के नया गांव निवासी उपेंद्र सिंह शामली में पेस्टी साइड की दुकान करता था। सोमवार शाम को जब वह दुकान बंद कर वापस गांव आ रहा था। तभी गांव लपराना के पास अज्ञात बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। मंगलवार की सुबह उपेंद्र का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा। जहां उपेंद्र के अंतिम संस्कार के बाद घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मेरठ - करनाल मार्ग पर जाम लगाया। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों ने जाम लगाए रखा। इससे मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
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जाम लगने की सूचना पर एडिशनल एसपी और सीओ झिंझाना पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से तीन दिन का समय मांगा, जिस पर ग्रामीण बिफर पड़े और उन्होंने चुनाव से पहले हत्याकांड का खुलासा करने की मांग रख दी। यदि 28 अक्तूबर की शाम तक हत्यारोपी नहीं पकड़े गए, तो पूरा गांव चुनाव का बहिष्कार कर देगा। बाद में ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
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इसमें प्रधान जयबीर सिंह, इंद्रपाल सिंह, राजबीर, किरण चंद, हरबीर सिंह, आनंद चौधरी, रामबीर, देशपाल, धर्मबीर सिंह आदि रहे। मेरठ - करनाल पर लगे दो घंटे के जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। इससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान बाइक सवारों ने जंगलों के रास्ते से अपने वाहन निकाले।