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Meerut News: मेरठ रेंज में जन्माष्टमी पर 3500 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
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- रेंज को 24 जोन व 81 सेक्टर बांटा, क्यूआरटी रहेगी तैनात
जन्माष्टमी पर मेरठ में 186 मंदिरों में होंगे धार्मिक आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज में व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व है। इसके बाद करीब छह दिन तक विभिन्न स्थानों पर होने वाले मेले, झांकियों और शोभायात्राओं को देखते हुए 3500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे रेंज में 24 जोन, 81 सेक्टर और 60 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जिलों में 104 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 14, बुलंदशहर में 36, बागपत में 28 और हापुड़ में 26 शोभायात्राएं शामिल हैं। शोभायात्राओं के मार्ग में 39 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें मेरठ के 11, बुलंदशहर के 16, बागपत का एक और हापुड़ के 11 स्थान शामिल हैं।
डीआईजी ने बताया कि जन्माष्टमी पर रेंज के 303 मंदिरों में कार्यक्रम हैं। मेरठ में सबसे अधिक 186 मंदिरों में आयोजन होगा। इसके अलावा बुलंदशहर में 44, बागपत में 35 और हापुड़ में 38 मंदिरों में कार्यक्रम होंगे। वहीं चारों जिलों में 28 अन्य कार्यक्रम और भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिए छह अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 86 निरीक्षक, 635 उपनिरीक्षक, 1022 मुख्य आरक्षी, 1270 आरक्षी, 440 होमगार्ड व पीआरडी जवान और एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेंज में एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय किए गए हैं। डीआईजी ने बताया कि त्योहार पर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-बैठक कर आयोजकों से लिया सहयोग
पुलिस ने त्योहार से पहले ही शांति व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की गई हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत समेत अन्य विभागों के साथ बैठक और आयोजकों व संचालकों के साथ गोष्ठियां की जा चुकी हैं।
-विवादित परंपरा पर रहेगी रोक
डीआईजी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। शोभायात्रा मार्गों का पहले से निरीक्षण कर विवाद की स्थिति का समाधान कराया जाए। बिजली के तार ठीक कराने, सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने और कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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जन्माष्टमी पर मेरठ में 186 मंदिरों में होंगे धार्मिक आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज में व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर्व है। इसके बाद करीब छह दिन तक विभिन्न स्थानों पर होने वाले मेले, झांकियों और शोभायात्राओं को देखते हुए 3500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे रेंज में 24 जोन, 81 सेक्टर और 60 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जिलों में 104 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 14, बुलंदशहर में 36, बागपत में 28 और हापुड़ में 26 शोभायात्राएं शामिल हैं। शोभायात्राओं के मार्ग में 39 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें मेरठ के 11, बुलंदशहर के 16, बागपत का एक और हापुड़ के 11 स्थान शामिल हैं।
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डीआईजी ने बताया कि जन्माष्टमी पर रेंज के 303 मंदिरों में कार्यक्रम हैं। मेरठ में सबसे अधिक 186 मंदिरों में आयोजन होगा। इसके अलावा बुलंदशहर में 44, बागपत में 35 और हापुड़ में 38 मंदिरों में कार्यक्रम होंगे। वहीं चारों जिलों में 28 अन्य कार्यक्रम और भंडारे भी आयोजित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिए छह अपर पुलिस अधीक्षक, 25 सीओ, 86 निरीक्षक, 635 उपनिरीक्षक, 1022 मुख्य आरक्षी, 1270 आरक्षी, 440 होमगार्ड व पीआरडी जवान और एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेंज में एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय किए गए हैं। डीआईजी ने बताया कि त्योहार पर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-बैठक कर आयोजकों से लिया सहयोग
पुलिस ने त्योहार से पहले ही शांति व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की गई हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत समेत अन्य विभागों के साथ बैठक और आयोजकों व संचालकों के साथ गोष्ठियां की जा चुकी हैं।
-विवादित परंपरा पर रहेगी रोक
डीआईजी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। शोभायात्रा मार्गों का पहले से निरीक्षण कर विवाद की स्थिति का समाधान कराया जाए। बिजली के तार ठीक कराने, सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने और कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।