{"_id":"58e142994f1c1bc06e5b4508","slug":"los-comerciantes-abrieron-el-mercado-promesas","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारियों ने वादे पर खोला बाजार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
व्यापारियों ने वादे पर खोला बाजार
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:00 AM IST
विज्ञापन
choque
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना। सराफ से रंगदारी मांगे जाने के मामले में कुख्यात फुरकान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जारी व्यापारियों का आंदोलन प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और एसपी के आश्वासन पर स्थगित हो गया। सुरेश राणा ने कहा कि व्यापारियों को सुरक्षा देना प्राथमिकता है। व्यापारियों ने रविवार को सुबह ही बाजार खोल दिया। एसपी ने कहा कि जल्द ही कुख्यात को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। व्यापारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
24 मार्च को यहां के सराफ रामअवतार वर्मा की दुकान पर पहुंचकर फुरकान ने दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पीड़ित ने कोतवाली में फुरकान के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 25 मार्च को सीओ भूषण वर्मा ने पीड़ित व्यापारी की दुकान पर पहुंचकर 24 घंटे में फुरकान की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
पीड़ित व्यापारी की दुकान पर पुलिस सुरक्षा में कांस्टेबलों की तैनाती कर दी गई थी। हालांकि नौ दिन बाद भी कुख्यात की गिरफ्तारी नहीं होने से व्यापारियों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को सराफा यूनियन अध्यक्ष रमेश चंद वर्मा के आह्वान पर कस्बे के सर्राफा कारोबारियों ने हड़ताल रखते हुए चौक बाजार में धरना शुरू कर दिया। व्यापारियों की मांग थी कि पुलिस जल्द फुरकान को गिरफ्तार करे।
विज्ञापन
दहशत व पुलिस सुरक्षा के बीच व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही व्यापारियों ने रविवार को कैराना बंद करने का आह्वान किया था। सर्राफा व्यापारियों के कैराना बंद की घोषणा के कारण पुलिस अधिकारियों में बेचैनी बढ़ी। शनिवार रात में ही पुलिस ने व्यापारियों को बातचीत करने के लिए कोतवाली बुलाया।
शनिवार रात नौ बजे सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेश चंद वर्मा के नेतृत्व में व्यापारी पहले शामली सिल्वर बेल्स स्कूल पहुंचे फिर गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा से बात करते हुए फुरकान की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान गन्ना राज्यमंत्री ने सात दिन के अंदर फुरकान की गिरफ्तारी का आश्वासन व्यापारियों को दिया। इसके व्यापारियों ने रविवार को हड़ताल समाप्त करने की घोषणा वापस ले ली।
शनिवार को ही रात 11.30 बजे एसपी डॉ अजय पाल शर्मा व सीओ भूषण वर्मा भी टीचर्स कॉलोनी में पीड़ित व्यापारी रामअवतार के आवास पर पहुंचे तथा सराफा यूनियन के पदाधिकारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए कहा। सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद वर्मा ने बताया कि राज्यमंत्री व एसपी के आश्वासन पर हड़ताल का निर्णय वापस ले लिया गया है।
15 हजार का इनामी हुआ फुरकान
कैराना। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पूर्व में फुरकान की गिरफ्तारी पर पांच हजार का इनाम घोषित था। 24 मार्च को फुरकान ने सराफा व्यापारी रामअवतार वर्मा से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
इस मामले में पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है। डीआईजी जेके शाही ने इनाम की राशि बढ़ाते हुए फुरकान की गिरफ्तारी पर अब 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उधर, पिछले 10 दिनों में पुलिस ने फुरकान के रिश्तेदारों सहित 12 लोगों को जेल भेज चुकी है। पुलिस की आठ टीमों द्वारा लगातार छापामारी की जा रही है। इन टीमों का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा कर रहे हैं। रविवार को भी पुलिस की टीमों ने दिल्ली, लोनी और गाजियाबाद में फुरकान के संभावित ठिकानों पर छापा मारी की।
विज्ञापन
24 मार्च को यहां के सराफ रामअवतार वर्मा की दुकान पर पहुंचकर फुरकान ने दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पीड़ित ने कोतवाली में फुरकान के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 25 मार्च को सीओ भूषण वर्मा ने पीड़ित व्यापारी की दुकान पर पहुंचकर 24 घंटे में फुरकान की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
पीड़ित व्यापारी की दुकान पर पुलिस सुरक्षा में कांस्टेबलों की तैनाती कर दी गई थी। हालांकि नौ दिन बाद भी कुख्यात की गिरफ्तारी नहीं होने से व्यापारियों का धैर्य जवाब दे गया। शनिवार को सराफा यूनियन अध्यक्ष रमेश चंद वर्मा के आह्वान पर कस्बे के सर्राफा कारोबारियों ने हड़ताल रखते हुए चौक बाजार में धरना शुरू कर दिया। व्यापारियों की मांग थी कि पुलिस जल्द फुरकान को गिरफ्तार करे।
विज्ञापन
दहशत व पुलिस सुरक्षा के बीच व्यापार प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही व्यापारियों ने रविवार को कैराना बंद करने का आह्वान किया था। सर्राफा व्यापारियों के कैराना बंद की घोषणा के कारण पुलिस अधिकारियों में बेचैनी बढ़ी। शनिवार रात में ही पुलिस ने व्यापारियों को बातचीत करने के लिए कोतवाली बुलाया।
शनिवार रात नौ बजे सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेश चंद वर्मा के नेतृत्व में व्यापारी पहले शामली सिल्वर बेल्स स्कूल पहुंचे फिर गन्ना राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा से बात करते हुए फुरकान की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान गन्ना राज्यमंत्री ने सात दिन के अंदर फुरकान की गिरफ्तारी का आश्वासन व्यापारियों को दिया। इसके व्यापारियों ने रविवार को हड़ताल समाप्त करने की घोषणा वापस ले ली।
शनिवार को ही रात 11.30 बजे एसपी डॉ अजय पाल शर्मा व सीओ भूषण वर्मा भी टीचर्स कॉलोनी में पीड़ित व्यापारी रामअवतार के आवास पर पहुंचे तथा सराफा यूनियन के पदाधिकारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए कहा। सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद वर्मा ने बताया कि राज्यमंत्री व एसपी के आश्वासन पर हड़ताल का निर्णय वापस ले लिया गया है।
15 हजार का इनामी हुआ फुरकान
कैराना। कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पूर्व में फुरकान की गिरफ्तारी पर पांच हजार का इनाम घोषित था। 24 मार्च को फुरकान ने सराफा व्यापारी रामअवतार वर्मा से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
इस मामले में पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है। डीआईजी जेके शाही ने इनाम की राशि बढ़ाते हुए फुरकान की गिरफ्तारी पर अब 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उधर, पिछले 10 दिनों में पुलिस ने फुरकान के रिश्तेदारों सहित 12 लोगों को जेल भेज चुकी है। पुलिस की आठ टीमों द्वारा लगातार छापामारी की जा रही है। इन टीमों का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा कर रहे हैं। रविवार को भी पुलिस की टीमों ने दिल्ली, लोनी और गाजियाबाद में फुरकान के संभावित ठिकानों पर छापा मारी की।