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अगवा कर आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या
Fri, 11 Jan 2019 12:09 AM IST
Deepak Sharma
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Fri, 11 Jan 2019 12:09 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कांधला (शामली)। मुरादाबाद के पाकबड़ा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता की अगवा कर हत्या कर दी गई। उसका शव कांधला क्षेत्र के भभीसा गांव के जंगल से बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या कांधला निवासी प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथी ने मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक कासिम सैफी आरोपी विकास की बिरादरी पर अशोभनीय टिप्पणी करता था। इसी खुन्नस में उसने सनसनीखेेज वारदात को अंजाम दिया।
कांधला थानाध्यक्ष सुनील दत्त के मुताबिक जनपद मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा निवासी कासिम सैफी (32) पुत्र साबिर हुसैन आरटीआई कार्यकर्ता था। 27 दिसंबर को वह घर से बाजार जाते समय संदिग्ध हालत में लापता हो गया था। परिजनों ने थाना पाकबड़ा में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कांधला थाना क्षेत्र के गांव हुरमंजपुर निवासी विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि कासिफ सैफी आए दिन उसकी जाति पर अशोभनीय करता रहता था। मना करने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। इसी वजह से उसकी हत्या की गई।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
कांधला थानाध्यक्ष के अनुसार विकास 27 दिसंबर को कासिम सैफी को बहाने से अपने गांव लेकर आ गया था, जहां पर उसने अपने दोस्त गांव भभीसा निवासी कुलदीप के साथ मिलकर मजरा शाहपुर के जंगल में ले गए, जहां दोनों ने मिलकर कासिफ को गोली मार दी। इसके बाद शव को ईख के खेत में फेंककर फरार हो गए।
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हत्या के बाद पाकबड़ा चला गया विकास
हत्या करने के बाद विकास चौधरी वापस पाकबड़ा चला गया था। वहां की पुलिस ने केस की जांच के बाद विकास को पकड़ लिया और पूछताछ की। इसके बाद बृहस्पतिवार को पाकबड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने उसको लेकर भभीसा पहुंचे। स्थानीय थाने की मदद भी ली और विकास की निशानदेही पर कासिम का शव जंगल से बरामद कर लिया। पाकबड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि गुमशुदगी को अपहरण कर हत्या करने के मामले में तरमीम कर दिया गया है। शीघ्र ही दूसरे हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऐसे हुई थी विकास और कासिम की पहचान
पुलिस के अनुसार हुरमंजपुर गांव निवासी विकास चौधरी काफी दिनों से पाकबड़ा में रहकर प्रापर्टी के खरीद फरोख्त का काम करता था। वहीं पर उसकी पहचान कासिम से हुई थी। दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। दोनों एक दूसरे के पास उठने बैठने लगे थे।
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कांधला थानाध्यक्ष सुनील दत्त के मुताबिक जनपद मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा निवासी कासिम सैफी (32) पुत्र साबिर हुसैन आरटीआई कार्यकर्ता था। 27 दिसंबर को वह घर से बाजार जाते समय संदिग्ध हालत में लापता हो गया था। परिजनों ने थाना पाकबड़ा में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कांधला थाना क्षेत्र के गांव हुरमंजपुर निवासी विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि कासिफ सैफी आए दिन उसकी जाति पर अशोभनीय करता रहता था। मना करने के बाद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। इसी वजह से उसकी हत्या की गई।
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इस तरह दिया वारदात को अंजाम
कांधला थानाध्यक्ष के अनुसार विकास 27 दिसंबर को कासिम सैफी को बहाने से अपने गांव लेकर आ गया था, जहां पर उसने अपने दोस्त गांव भभीसा निवासी कुलदीप के साथ मिलकर मजरा शाहपुर के जंगल में ले गए, जहां दोनों ने मिलकर कासिफ को गोली मार दी। इसके बाद शव को ईख के खेत में फेंककर फरार हो गए।
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हत्या के बाद पाकबड़ा चला गया विकास
हत्या करने के बाद विकास चौधरी वापस पाकबड़ा चला गया था। वहां की पुलिस ने केस की जांच के बाद विकास को पकड़ लिया और पूछताछ की। इसके बाद बृहस्पतिवार को पाकबड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने उसको लेकर भभीसा पहुंचे। स्थानीय थाने की मदद भी ली और विकास की निशानदेही पर कासिम का शव जंगल से बरामद कर लिया। पाकबड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि गुमशुदगी को अपहरण कर हत्या करने के मामले में तरमीम कर दिया गया है। शीघ्र ही दूसरे हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऐसे हुई थी विकास और कासिम की पहचान
पुलिस के अनुसार हुरमंजपुर गांव निवासी विकास चौधरी काफी दिनों से पाकबड़ा में रहकर प्रापर्टी के खरीद फरोख्त का काम करता था। वहीं पर उसकी पहचान कासिम से हुई थी। दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। दोनों एक दूसरे के पास उठने बैठने लगे थे।