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आधार के सत्यापन में फर्जीवाड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:12 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। आधार कार्ड बनाने में होने वाले सत्यापन के लिए सेंटर संचालक रबर के अंगुठे का इस्तेमाल कर रहा था। सेंटर संचालक की ओर से किए जा रहे फर्जीवाड़े की शिकायत होने पर महकमे मेें खलबली मच गई। शिकायत मिलने पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की तरफ से टीम ने कैराना में पहुंचकर छापा मारा। इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच करने में जुटी हुई है।
कस्बा कैराना में तहसील के नए गेट के सामने जनसेवा केंद्र पर काफी समय से आधार कार्ड बनाने का कार्य चल रहा था। आरोप है कि सेंटर संचालक ने रबर का अंगूठा बनवा रखा था, जिसका प्रयोग आधार मशीन को लॉगिन करने और आधार कार्ड बनाने में होने वाले सत्यापन में किया जा रहा था। इसकी शिकायत किसी व्यक्ति ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से कर दी, जिसके बाद बृहस्पतिवार शाम दिल्ली से आई दो सदस्यीय टीम ने कैराना पहुंचकर सेंटर पर छापा मारा। छापा लगते ही केंद्र संचालक मौके से फरार हो गया।
मौके पर टीम ने जांच की, तो पता चला कि अंगुठे के फिंगर प्रिंट का नकली अंगूठा रबर का बनाया हुआ था, जिसकी सहायता से केंद्र संचालक की अनुपस्थिति में भी दूसरा व्यक्ति आधार कार्ड सर्वर लॉगिन करके आधार कार्ड बनाने व आधार कार्ड की त्रुटि दूर कर सकता था। इसके बाद टीम उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस मामले में विभाग की उपनिदेशक जासमीन की तरफ से ईमेल के जरिए तहरीर भेजी गई, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने बताया कि संचालक सद्दाम, सुहेल और आलिम के खिलाफ सुसंगत धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास चल रहा है।
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फिंगर प्रिंट स्कैनर से किया जाता है सत्यापन
आधार कार्ड बनाने का कार्य काफी समय से प्राइवेट कंपनियों के पास था। इसकी फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदक को टेस्ट पास करना होता है, जिसके बाद उसे फिंगर प्रिंट स्कैनर मशीन सहित पूरी किट मिलती है। किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड बनाने या त्रुटि को दूर करने और सूचना अपडेट करने के लिए केंद्र संचालक के फिंगर प्रिंट से सत्यापन होता है।
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कस्बा कैराना में तहसील के नए गेट के सामने जनसेवा केंद्र पर काफी समय से आधार कार्ड बनाने का कार्य चल रहा था। आरोप है कि सेंटर संचालक ने रबर का अंगूठा बनवा रखा था, जिसका प्रयोग आधार मशीन को लॉगिन करने और आधार कार्ड बनाने में होने वाले सत्यापन में किया जा रहा था। इसकी शिकायत किसी व्यक्ति ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से कर दी, जिसके बाद बृहस्पतिवार शाम दिल्ली से आई दो सदस्यीय टीम ने कैराना पहुंचकर सेंटर पर छापा मारा। छापा लगते ही केंद्र संचालक मौके से फरार हो गया।
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मौके पर टीम ने जांच की, तो पता चला कि अंगुठे के फिंगर प्रिंट का नकली अंगूठा रबर का बनाया हुआ था, जिसकी सहायता से केंद्र संचालक की अनुपस्थिति में भी दूसरा व्यक्ति आधार कार्ड सर्वर लॉगिन करके आधार कार्ड बनाने व आधार कार्ड की त्रुटि दूर कर सकता था। इसके बाद टीम उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस मामले में विभाग की उपनिदेशक जासमीन की तरफ से ईमेल के जरिए तहरीर भेजी गई, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह ने बताया कि संचालक सद्दाम, सुहेल और आलिम के खिलाफ सुसंगत धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास चल रहा है।
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फिंगर प्रिंट स्कैनर से किया जाता है सत्यापन
आधार कार्ड बनाने का कार्य काफी समय से प्राइवेट कंपनियों के पास था। इसकी फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदक को टेस्ट पास करना होता है, जिसके बाद उसे फिंगर प्रिंट स्कैनर मशीन सहित पूरी किट मिलती है। किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड बनाने या त्रुटि को दूर करने और सूचना अपडेट करने के लिए केंद्र संचालक के फिंगर प्रिंट से सत्यापन होता है।