{"_id":"5910bef64f1c1b9e08852000","slug":"dump-on-the-pump-machine-seals","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंप पर घटतौली, मशीन सीज ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पंप पर घटतौली, मशीन सीज
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
raid
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
झिंझाना। पुलिस-प्रशासनिक और पूर्ति विभाग के अधिकारियों की टीम ने सोमवार को झिंझाना क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। एक पेट्रोल पंप पर घटतौली मिली, जिस पर अधिकारियों ने मशीन को सीज कर दिया।
सोमवार को एसडीएम ऊन दुष्यंत कुमार मौर्य, जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय और पेट्रोलियम कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने मेरठ करनाल हाईवे पर झिंझाना में गाड़ीवाला चौराहे के पास तायल पेट्रोल पंप पर पहुंचकर जांच की। पेट्रोल पंप की एक मशीन से पांच लीटर में 105 मिली. और दूसरे नोजल से पांच लीटर पर 40 मिली. की कमी पाई गई, जिसके चलते उक्त मशीन को सीज कर दिया गया।
इसके बाद टीम ने ऊन रोड स्थित एस्सार कंपनी के पेट्रोल पंप पर पहुंचकर जांच कराई, मगर वहां किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली। एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर हुई जांच के संबंध में रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
विज्ञापन
उधर, तायल पेट्रोल पंप के मालिक संजय तायल ने बताया कि जिस मशीन को सीज किया गया है, वह 15 दिन से खराब है। इस बारे में कंपनी के अधिकारी को पूर्व में ही लिखित सूचना दे दी गई थी।
विज्ञापन
सोमवार को एसडीएम ऊन दुष्यंत कुमार मौर्य, जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय और पेट्रोलियम कंपनी की तकनीकी विशेषज्ञ टीम ने मेरठ करनाल हाईवे पर झिंझाना में गाड़ीवाला चौराहे के पास तायल पेट्रोल पंप पर पहुंचकर जांच की। पेट्रोल पंप की एक मशीन से पांच लीटर में 105 मिली. और दूसरे नोजल से पांच लीटर पर 40 मिली. की कमी पाई गई, जिसके चलते उक्त मशीन को सीज कर दिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद टीम ने ऊन रोड स्थित एस्सार कंपनी के पेट्रोल पंप पर पहुंचकर जांच कराई, मगर वहां किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली। एसडीएम दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर हुई जांच के संबंध में रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
विज्ञापन
उधर, तायल पेट्रोल पंप के मालिक संजय तायल ने बताया कि जिस मशीन को सीज किया गया है, वह 15 दिन से खराब है। इस बारे में कंपनी के अधिकारी को पूर्व में ही लिखित सूचना दे दी गई थी।