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15 हजार के इनामी की एसपी से सीधी मुठभेड़
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:36 AM IST
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कैराना (शामली)।
15 हजार के ईनामी शातिर बदमाश सलीम उर्फ बाबा के साथ एसपी की सीधी मुठभेड़ हो गई। करीब एक घंटा चली फायरिंग के बाद पुलिस ने बदमाश को दबोच लिया। इस दौरान बदमाश की एक गोली एसपी के सीने पर लगी, गनीमत रही कि एसपी ने बुलेट प्रुफ जैकेट पहन रखी थी, जिस कारण वह बच गए। हालांकि एक कांस्टेबल के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।
कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सीओ कैराना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा ने मुखबिर की सूचना पर कैराना कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार व शामली कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम के साथ मोहम्मदपुर राई से यमुना तटंबध के बीच जंगल में बदमाशों की घेराबंदी की। इस दौरान एक कमरे से बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश द्वारा चलाई गई एक गोली पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा के सीने पर लगी, लेकिन बुलेट प्रुफ जैकेट होने के कारण उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं, एक गोली कांस्टेबल नरेश कै पेर में लगी।
इसके बाद जवाबी फायरिंग कर पुलिस ने 15 हजार के ईनामी बदमाश सलीम उर्फ तोतला उर्फ बाबा निवासी मोहम्मदपुर राई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सलीम के पास से .32 बोर की पिस्टल, 9 कारतूस और नौ खोखे बरामद किए है। बाद में कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार ने सलीम के विरुद्ध पुलिस पार्टी पर जान लेवा हमला करने व अवैध हथियार रखने की रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार दोपहर बाद आरोपी सलीम को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया।
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सलीम उर्फ बाबा का आपराधिक इतिहास
18 साल की उम्र में सलीम कैराना से मलकपुर जाने वाली गाड़ी में बैठा था। इस दौरान किराया देने के विवाद में सलीम ने तीतरवाडा निवासी गाड़ी चालक की चाकू घोंप कर हत्या कर दी थी। दूसरे मामले में मेरठ में एक युवक का अपहरण करने के बाद सलीम बाबा ने युवक की हत्या कर दी थी। उक्त दोनों ही मामलों में सलीम उर्फ बाबा को आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। सात साल जेल में रहने के बाद सलीम सुप्रीम कोर्ट से जमानत लेकर बाहर आ गया था। जेल से बाहर आने के बाद सहारनपुर के थाना बड़गांव में अपने गैंग के साथ लूट की घटना को अंजाम देकर भागते हुए एक दरोगा की गोली मार कर हत्या, कैराना में ही 2001 में जान लेवा हमला करने के दो मामले, 2016 में कैराना क्षेत्र के गांव तीतरवाडा में प्रदीप उर्फ लीलू की गोली मार कर हत्या सहित कई मुकदमे दर्ज हैं।
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मुझे बाबा मत बोलो...
कैराना कोतवाली में सलीम बाबा से पूछा गया कि बाबा नाम क्यों पड़ा तो वह भावुक होकर बोला कि मुझे बाबा मत बोलो। इस बाबा नाम के कारण ही मैं बदमाश बन गया। उसने बताया कि जब उसने छोटे-मोटे अपराध करने शुरू किए तो उसके साथियों ने उसका नाम बाबा रख दिया और बाबा नाम के साथ ही वह अपराध की दलदल में धंसता चला गया। उसने बताया कि गांव तीतरवाड़ा में प्रदीप उर्फ लीलू की हत्या उसने नहीं की। उक्त हत्या में उसे फंसाया गया है। उसने कहा कि अब मैं बाबा नाम से तौबा चाहता हूं।
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15 हजार के ईनामी शातिर बदमाश सलीम उर्फ बाबा के साथ एसपी की सीधी मुठभेड़ हो गई। करीब एक घंटा चली फायरिंग के बाद पुलिस ने बदमाश को दबोच लिया। इस दौरान बदमाश की एक गोली एसपी के सीने पर लगी, गनीमत रही कि एसपी ने बुलेट प्रुफ जैकेट पहन रखी थी, जिस कारण वह बच गए। हालांकि एक कांस्टेबल के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।
कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सीओ कैराना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा ने मुखबिर की सूचना पर कैराना कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार व शामली कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम के साथ मोहम्मदपुर राई से यमुना तटंबध के बीच जंगल में बदमाशों की घेराबंदी की। इस दौरान एक कमरे से बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश द्वारा चलाई गई एक गोली पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा के सीने पर लगी, लेकिन बुलेट प्रुफ जैकेट होने के कारण उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं, एक गोली कांस्टेबल नरेश कै पेर में लगी।
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इसके बाद जवाबी फायरिंग कर पुलिस ने 15 हजार के ईनामी बदमाश सलीम उर्फ तोतला उर्फ बाबा निवासी मोहम्मदपुर राई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सलीम के पास से .32 बोर की पिस्टल, 9 कारतूस और नौ खोखे बरामद किए है। बाद में कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पंवार ने सलीम के विरुद्ध पुलिस पार्टी पर जान लेवा हमला करने व अवैध हथियार रखने की रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार दोपहर बाद आरोपी सलीम को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया।
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सलीम उर्फ बाबा का आपराधिक इतिहास
18 साल की उम्र में सलीम कैराना से मलकपुर जाने वाली गाड़ी में बैठा था। इस दौरान किराया देने के विवाद में सलीम ने तीतरवाडा निवासी गाड़ी चालक की चाकू घोंप कर हत्या कर दी थी। दूसरे मामले में मेरठ में एक युवक का अपहरण करने के बाद सलीम बाबा ने युवक की हत्या कर दी थी। उक्त दोनों ही मामलों में सलीम उर्फ बाबा को आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। सात साल जेल में रहने के बाद सलीम सुप्रीम कोर्ट से जमानत लेकर बाहर आ गया था। जेल से बाहर आने के बाद सहारनपुर के थाना बड़गांव में अपने गैंग के साथ लूट की घटना को अंजाम देकर भागते हुए एक दरोगा की गोली मार कर हत्या, कैराना में ही 2001 में जान लेवा हमला करने के दो मामले, 2016 में कैराना क्षेत्र के गांव तीतरवाडा में प्रदीप उर्फ लीलू की गोली मार कर हत्या सहित कई मुकदमे दर्ज हैं।
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मुझे बाबा मत बोलो...
कैराना कोतवाली में सलीम बाबा से पूछा गया कि बाबा नाम क्यों पड़ा तो वह भावुक होकर बोला कि मुझे बाबा मत बोलो। इस बाबा नाम के कारण ही मैं बदमाश बन गया। उसने बताया कि जब उसने छोटे-मोटे अपराध करने शुरू किए तो उसके साथियों ने उसका नाम बाबा रख दिया और बाबा नाम के साथ ही वह अपराध की दलदल में धंसता चला गया। उसने बताया कि गांव तीतरवाड़ा में प्रदीप उर्फ लीलू की हत्या उसने नहीं की। उक्त हत्या में उसे फंसाया गया है। उसने कहा कि अब मैं बाबा नाम से तौबा चाहता हूं।