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चाचा ने रची थी अविरल के अपहरण की साजिश
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शामली। बीटेक के छात्र अविरल अपहरण केस का मास्टर माइंड उसका चाचा मोहित उर्फ बब्बू निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अविरल के अपहरण की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
मुठभेड़ टीम में शामिल स्वॉट टीम के एसआई सतपाल सिंह के अनुसार अविरल के पिता की मृत्यु हो चुकी है और उसके चाचा कपड़ा व्यापारी प्रदीप बंसल ही परिवार की देखरेख करते हैं। कुछ समय पहले ही अविरल की माता को बीमे की लाखों की रकम मिली थी। इसका पता धीमानपुरा निवासी मोहित उर्फ बब्बू को हो गया था। बब्बू अविरल का रिश्ते में चाचा लगता है। उसके पास काम नहीं होने पर अविरल के परिवार ने ही उसे अपने यहां ड्राइवरी के काम पर रखा। अविरल की मां को बीमे की रकम मिलने की जानकारी बब्बू को हुई तो उसकी नीयत बदल गई। वो तभी से परिवार से मोटी रकम हथियाने के लिए मौका तलाशने लगा। उसने बब्बू ने अपने दो साथियों सतीश, हरेंद्र निवासी गांव चिरौली थाना भौंराकला से संपर्क किया और मौके की तलाश करने लगे।
सुबह से ही संपर्क में था
पुलिस टीम के अनुसार चार पांच दिन पहले मोहित उर्फ बब्बू को पता चला कि अविरल का दिल्ली में 22 मई को पेपर है। वो 21 मई को दिल्ली जाएगा। इसकी मौके का उसने भुनाने की तैयारी की। जब वो दिल्ली के लिए गया तो बब्बू और उसके साथी उसके पीछे हो गए। बब्बू उस दिन सुबह से ही उसके संपर्क में रहा। पानीपत जाते हुए भी वो उसकी लोकेशन लेता रहा और पानीपत में उसका अपने साथियों के साथ अपहरण कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने उसे थानाभवन क्षेत्र के हसनपुर लुहारी के पास खेतों में छिपाकर रखा। बुधवार रात को मोबाइल से उसके चाचा को फिरौती के लिए फोन किया। 50 लाख की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने काल के आधार पर बदमाशों की लोकेशन का पता लगा लिया और घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। बदमाशों ने पास के ही खेत में उसे अविरल को छिपाया था। उसे भी सकुशल बरामद कर लिया गया।
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जिस पर भरोसा किया उसी ने धोखा दिया
अपहृत छात्र के चाचा प्रदीप बंसल ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिस पर वे भरोसा कर रहे है, वहीं उन्हें इस तरह दगा देगा। प्रदीप ने बताया कि बुधवार सुबह को मोहित उर्फ बब्बू ने उनके घर आकर छात्र के गुम होने के बारे में जानकारी लेते हुए हमदर्दी भी जताई थी।
आधा घंटे के अंतर पर दो बार कॉल कर मांगी फिरौती
शामली। अपहृत छात्र के चाचा प्रदीप बंसल ने बताया कि बुधवार रात करीब दस बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें उनसे कहा कि उनका भतीजा उनके पास है। 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लेना। इसके आधा घंटे बाद फिर दूसरे नंबर से कॉल आई। उसमें उनसे कहा कि 50 लाख देने पड़ेंगे, तभी उनका भतीजा उन्हें मिल पाएगा। इस बारे में पुलिस को न बताने की धमकी भी दी। इसके बाद फिर फोन कट गया। उन्होंने दोनों कॉल आने की जानकारी एसपी अजय कुमार को दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई और रात करीब 12 बजे सूचना छात्र के सकुशल बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी।
दहशत से नहीं उबर पा रहा छात्र
शामली। दो दिन तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में रहा छात्र अविरल दहशत से उबर नहीं पाया है। चाचा प्रदीप बंसल ने बताया कि भतीजे अविरल ने उन्हें बस इतना ही बताया कि जब वह पानीपत बस स्टैंड पर पहुंचा तो उसे किसी ने कुछ सुंघाया या पिलाया। इसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह जब उसे होश आया तो उसने अपने हाथ बंधे हुए पाए। उसने खाने को कुछ मांगा तो उसे फिर कुछ पीने को दिया, इसके बाद फिर उसे होश नहीं रहा। दहशत से वह अभी उबर नहीं पाया है।
प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षा छूटी
शामली। परिजनों ने बताया कि अपहृत छात्र अविरल बंसल की दिल्ली इंस्टीट्यूट में 22 मई को प्रयोगात्मक परीक्षा थी। परीक्षा के लिए वह एक दिन पहले घर से दिल्ली जाने के लिए निकला था। उन्होंने बताया कि 23 मई को छात्र की मौखिक परीक्षा थी। छात्र की दोनों परीक्षा छूट गई।
कैंसर पीड़ित थे पिता, एक साल पहले हुआ निधन
शामली। छात्र अविरल के पिता कुलदीप बंसल की गाजियाबाद में बिजली की मोटर बनाने की फैक्टरी थी। वे अपनी पत्नी शालू बंसल, पुत्र अविरल और पुत्री आकृति के साथ वहीं रहते थे। प्रदीप बंसल ने बताया कि उनके भाई कुलदीप कैंसर से पीड़ित थे। करीब एक साल पहले उनका निधन हो गया था। इसके बाद उनका परिवार शामली में उनके साथ रह रहा है।
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मुठभेड़ टीम में शामिल स्वॉट टीम के एसआई सतपाल सिंह के अनुसार अविरल के पिता की मृत्यु हो चुकी है और उसके चाचा कपड़ा व्यापारी प्रदीप बंसल ही परिवार की देखरेख करते हैं। कुछ समय पहले ही अविरल की माता को बीमे की लाखों की रकम मिली थी। इसका पता धीमानपुरा निवासी मोहित उर्फ बब्बू को हो गया था। बब्बू अविरल का रिश्ते में चाचा लगता है। उसके पास काम नहीं होने पर अविरल के परिवार ने ही उसे अपने यहां ड्राइवरी के काम पर रखा। अविरल की मां को बीमे की रकम मिलने की जानकारी बब्बू को हुई तो उसकी नीयत बदल गई। वो तभी से परिवार से मोटी रकम हथियाने के लिए मौका तलाशने लगा। उसने बब्बू ने अपने दो साथियों सतीश, हरेंद्र निवासी गांव चिरौली थाना भौंराकला से संपर्क किया और मौके की तलाश करने लगे।
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सुबह से ही संपर्क में था
पुलिस टीम के अनुसार चार पांच दिन पहले मोहित उर्फ बब्बू को पता चला कि अविरल का दिल्ली में 22 मई को पेपर है। वो 21 मई को दिल्ली जाएगा। इसकी मौके का उसने भुनाने की तैयारी की। जब वो दिल्ली के लिए गया तो बब्बू और उसके साथी उसके पीछे हो गए। बब्बू उस दिन सुबह से ही उसके संपर्क में रहा। पानीपत जाते हुए भी वो उसकी लोकेशन लेता रहा और पानीपत में उसका अपने साथियों के साथ अपहरण कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने उसे थानाभवन क्षेत्र के हसनपुर लुहारी के पास खेतों में छिपाकर रखा। बुधवार रात को मोबाइल से उसके चाचा को फिरौती के लिए फोन किया। 50 लाख की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने काल के आधार पर बदमाशों की लोकेशन का पता लगा लिया और घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। बदमाशों ने पास के ही खेत में उसे अविरल को छिपाया था। उसे भी सकुशल बरामद कर लिया गया।
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जिस पर भरोसा किया उसी ने धोखा दिया
अपहृत छात्र के चाचा प्रदीप बंसल ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिस पर वे भरोसा कर रहे है, वहीं उन्हें इस तरह दगा देगा। प्रदीप ने बताया कि बुधवार सुबह को मोहित उर्फ बब्बू ने उनके घर आकर छात्र के गुम होने के बारे में जानकारी लेते हुए हमदर्दी भी जताई थी।
आधा घंटे के अंतर पर दो बार कॉल कर मांगी फिरौती
शामली। अपहृत छात्र के चाचा प्रदीप बंसल ने बताया कि बुधवार रात करीब दस बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें उनसे कहा कि उनका भतीजा उनके पास है। 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लेना। इसके आधा घंटे बाद फिर दूसरे नंबर से कॉल आई। उसमें उनसे कहा कि 50 लाख देने पड़ेंगे, तभी उनका भतीजा उन्हें मिल पाएगा। इस बारे में पुलिस को न बताने की धमकी भी दी। इसके बाद फिर फोन कट गया। उन्होंने दोनों कॉल आने की जानकारी एसपी अजय कुमार को दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई और रात करीब 12 बजे सूचना छात्र के सकुशल बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी।
दहशत से नहीं उबर पा रहा छात्र
शामली। दो दिन तक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में रहा छात्र अविरल दहशत से उबर नहीं पाया है। चाचा प्रदीप बंसल ने बताया कि भतीजे अविरल ने उन्हें बस इतना ही बताया कि जब वह पानीपत बस स्टैंड पर पहुंचा तो उसे किसी ने कुछ सुंघाया या पिलाया। इसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। अगले दिन सुबह जब उसे होश आया तो उसने अपने हाथ बंधे हुए पाए। उसने खाने को कुछ मांगा तो उसे फिर कुछ पीने को दिया, इसके बाद फिर उसे होश नहीं रहा। दहशत से वह अभी उबर नहीं पाया है।
प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षा छूटी
शामली। परिजनों ने बताया कि अपहृत छात्र अविरल बंसल की दिल्ली इंस्टीट्यूट में 22 मई को प्रयोगात्मक परीक्षा थी। परीक्षा के लिए वह एक दिन पहले घर से दिल्ली जाने के लिए निकला था। उन्होंने बताया कि 23 मई को छात्र की मौखिक परीक्षा थी। छात्र की दोनों परीक्षा छूट गई।
कैंसर पीड़ित थे पिता, एक साल पहले हुआ निधन
शामली। छात्र अविरल के पिता कुलदीप बंसल की गाजियाबाद में बिजली की मोटर बनाने की फैक्टरी थी। वे अपनी पत्नी शालू बंसल, पुत्र अविरल और पुत्री आकृति के साथ वहीं रहते थे। प्रदीप बंसल ने बताया कि उनके भाई कुलदीप कैंसर से पीड़ित थे। करीब एक साल पहले उनका निधन हो गया था। इसके बाद उनका परिवार शामली में उनके साथ रह रहा है।