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अवैध खनन और अवैध परिवहन पर कार्रवाई को जिम्मेदारी होगी तय
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:33 AM IST
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शामली।
यमुना नदी से अवैध रेत खनन रोकने और रेत, डस्ट तथा बजरी का अवैध परिवहन रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी थानाध्यक्षों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होना चाहिए तथा ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्षों से प्रमाण पत्र भी मांगा गया है, जिसमें उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में अवैध रेत खनन और अवैध परिवहन नहीं हो रहा है।
दरअसल, यमुना नदी से वैध खनन प्वाइंट से रेत खनन करने वाले भी ओवरलोडिंग कर रहे हैं। ट्रक और डंफर में ओवरलोड रेत लादकर ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही हरियाणा राज्य की तरफ से रोड़ी और डस्ट से लदे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही भी होती है, जो मेरठ-करनाल हाइवे से बिडौली होते हुए चौसाना की तरफ से थानाभवन और सहारनपुर के गंगोह की तरफ निकाले जाते हैं। इसके अलावा मेरठ करनाल हाइवे की हालत भी ओवरलोड वाहनों के कारण खराब होने लगी है, जबकि यह मार्ग दो साल पूर्व ही बनकर तैयार हुआ था।
इस पर पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा ने सभी थानाध्यक्षों और सीओ को पत्र भेजकर कहा है कि अवैध रूप से रेत खनन और अवैध परिवहन रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। बीट सिपाही की जिम्मेदारी भी तय करें। साथ ही थानाध्यक्ष इस आशय का प्रमाण पत्र संबंधित सीओ को सौंपेंगे कि उनके क्षेत्र में अवैध खनन या अवैध परिवहन नहीं हो रहा है। यदि इसके बावजूद अवैध खनन या अवैध परिवहन होता पाया जाता है, तो संबंधित बीट सिपाही के साथ ही थानाध्यक्ष और सीओ भी जिम्मेदार होंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यमुना नदी से अवैध खनन रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिसके पालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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यमुना नदी से अवैध रेत खनन रोकने और रेत, डस्ट तथा बजरी का अवैध परिवहन रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी थानाध्यक्षों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होना चाहिए तथा ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्षों से प्रमाण पत्र भी मांगा गया है, जिसमें उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में अवैध रेत खनन और अवैध परिवहन नहीं हो रहा है।
दरअसल, यमुना नदी से वैध खनन प्वाइंट से रेत खनन करने वाले भी ओवरलोडिंग कर रहे हैं। ट्रक और डंफर में ओवरलोड रेत लादकर ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही हरियाणा राज्य की तरफ से रोड़ी और डस्ट से लदे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही भी होती है, जो मेरठ-करनाल हाइवे से बिडौली होते हुए चौसाना की तरफ से थानाभवन और सहारनपुर के गंगोह की तरफ निकाले जाते हैं। इसके अलावा मेरठ करनाल हाइवे की हालत भी ओवरलोड वाहनों के कारण खराब होने लगी है, जबकि यह मार्ग दो साल पूर्व ही बनकर तैयार हुआ था।
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इस पर पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल शर्मा ने सभी थानाध्यक्षों और सीओ को पत्र भेजकर कहा है कि अवैध रूप से रेत खनन और अवैध परिवहन रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। बीट सिपाही की जिम्मेदारी भी तय करें। साथ ही थानाध्यक्ष इस आशय का प्रमाण पत्र संबंधित सीओ को सौंपेंगे कि उनके क्षेत्र में अवैध खनन या अवैध परिवहन नहीं हो रहा है। यदि इसके बावजूद अवैध खनन या अवैध परिवहन होता पाया जाता है, तो संबंधित बीट सिपाही के साथ ही थानाध्यक्ष और सीओ भी जिम्मेदार होंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यमुना नदी से अवैध खनन रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिसके पालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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