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Sonipat News: अंकित बालियान हत्याकांड...अपराध की राह ने उजाड़े दो परिवार, एक ने संगत को बताया वजह तो दूसरे ने बना ली दूरी
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- सुमित फाइल फोटो।
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों के परिजन कह रहे हैं कि अपराध की राह ने उनके घर उजाड़ दिए। सुमित के पिता ने मोहित की संगत को बेटे के अपराध की राह पर जाने की वजह बताया। वहीं, मोहित के परिवार ने उसकी आपराधिक गतिविधियों से परेशान होकर उससे दूरी बना ली थी। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उन्हें गोगी गैंग से जुड़ा बताया गया है।
एनकाउंटर में मारे गए आरोपी मूलरूप से गांव जटवाड़ा निवासी मोहित (22) और गांव ककरोई निवासी सुमित (24) थे। मोहित हाल ट्रांसफार्मर वाली गली, बंदेपुर (बैंयापुर खुर्द) और सुमित हाल बीपीएल फ्लैट, टीडीआई कुंडली में रह रहा था।
सुमित के पिता धर्मपाल के अनुसार उनका बेटा 12वीं में एक पेपर पास नहीं कर सका था। वह वाई-फाई लगाने का काम करता था और पिता के काम में भी हाथ बंटाता था। करीब ढाई-तीन माह पहले वह मोहित के संपर्क में आया। धर्मपाल के मुताबिक टीडीआई में हुए तिहरे हत्याकांड में मारे गए युवक का भतीजा प्रिंस मोहित का परिचित था। प्रिंस सुमित का दोस्त था।
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उसी के माध्यम से सुमित की मोहित से पहचान हुई। इसके बाद मोहित का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। परिवार सुमित को मोहित के साथ रहने से मना करता था। इसके बावजूद दोनों की नजदीकी बढ़ती गई। 24 अगस्त को सुमित घर आया और कपड़े बदलकर चला गया। इसके बाद वापस नहीं लौटा। 26 अगस्त को परिवार ने उसके मोबाइल पर कॉल की। मोहित ने फोन उठाया, लेकिन सुमित से बात नहीं करवाई। उसने केवल इतना बताया कि सुमित चला गया है।
सुमित के पिता बोले- पैसे का लालच या दबाव हो सकता है
धर्मपाल का कहना है कि सुमित अपराध की राह पर क्यों गया, इसकी सही वजह परिवार को नहीं पता। उन्हें आशंका है कि उसे पैसे का लालच दिया गया होगा या किसी तरह का दबाव रहा होगा। सुमित ने परिवार को इस बारे में कभी कुछ नहीं बताया। धर्मपाल के मुताबिक शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें और उनके छोटे बेटे को अपने साथ ले गई थी। उनका दावा है कि पुलिस ने सुमित का एनकाउंटर नहीं करने का आश्वासन दिया था। बाद में सुमित के एनकाउंटर की सूचना मिली।
सुमित के छोटे भाई के साथ थर्ड डिग्री का आरोप
धर्मपाल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके छोटे बेटे यशपाल के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। यशपाल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है और वाई-फाई लगाने का काम करता है। धर्मपाल ने कहा कि यदि बेटा जल्द ठीक नहीं हुआ तो वह खुद अपनी जान ले लेंगे।
पिता की मौत के बाद परिवार से दूर हुआ मोहित
पुलिस के अनुसार मोहित करीब पांच-छह वर्षों से आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार से जुड़ा था। उसके खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज हैं। वर्ष 2021 में सिटी थाना में मारपीट और धमकी का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद सेक्टर-27 में नुकसान पहुंचाने, लूट और शस्त्र अधिनियम समेत मामले दर्ज हुए। इनमें वह जमानत पर था। मोहित के पिता महेश की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद मां ममता बच्चों के साथ मायके बैंयापुर खुर्द में रहने लगीं। परिजनों के मुताबिक मोहित का घर आना-जाना कम हो गया था। आपराधिक गतिविधियों के चलते परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी। वह करीब छह माह से परिवार से अलग था।
सफाई का काम करती हैं मोहित की मां
पति की मौत के बाद ममता एक निजी विश्वविद्यालय में सफाई कर्मचारी की नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। पिता को लकवा लगने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई थी। मामा अमित के अनुसार मोहित की गतिविधियों से परेशान होकर परिवार ने उससे लगभग नाता तोड़ लिया था। परिवार में अब उसकी मां, 21 वर्षीय बहन सालवी और 17 वर्षीय भाई सुमित हैं। बेटे के एनकाउंटर की जानकारी मिलने पर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सोनीपत। सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों के परिजन कह रहे हैं कि अपराध की राह ने उनके घर उजाड़ दिए। सुमित के पिता ने मोहित की संगत को बेटे के अपराध की राह पर जाने की वजह बताया। वहीं, मोहित के परिवार ने उसकी आपराधिक गतिविधियों से परेशान होकर उससे दूरी बना ली थी। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उन्हें गोगी गैंग से जुड़ा बताया गया है।
एनकाउंटर में मारे गए आरोपी मूलरूप से गांव जटवाड़ा निवासी मोहित (22) और गांव ककरोई निवासी सुमित (24) थे। मोहित हाल ट्रांसफार्मर वाली गली, बंदेपुर (बैंयापुर खुर्द) और सुमित हाल बीपीएल फ्लैट, टीडीआई कुंडली में रह रहा था।
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सुमित के पिता धर्मपाल के अनुसार उनका बेटा 12वीं में एक पेपर पास नहीं कर सका था। वह वाई-फाई लगाने का काम करता था और पिता के काम में भी हाथ बंटाता था। करीब ढाई-तीन माह पहले वह मोहित के संपर्क में आया। धर्मपाल के मुताबिक टीडीआई में हुए तिहरे हत्याकांड में मारे गए युवक का भतीजा प्रिंस मोहित का परिचित था। प्रिंस सुमित का दोस्त था।
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उसी के माध्यम से सुमित की मोहित से पहचान हुई। इसके बाद मोहित का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। परिवार सुमित को मोहित के साथ रहने से मना करता था। इसके बावजूद दोनों की नजदीकी बढ़ती गई। 24 अगस्त को सुमित घर आया और कपड़े बदलकर चला गया। इसके बाद वापस नहीं लौटा। 26 अगस्त को परिवार ने उसके मोबाइल पर कॉल की। मोहित ने फोन उठाया, लेकिन सुमित से बात नहीं करवाई। उसने केवल इतना बताया कि सुमित चला गया है।
सुमित के पिता बोले- पैसे का लालच या दबाव हो सकता है
धर्मपाल का कहना है कि सुमित अपराध की राह पर क्यों गया, इसकी सही वजह परिवार को नहीं पता। उन्हें आशंका है कि उसे पैसे का लालच दिया गया होगा या किसी तरह का दबाव रहा होगा। सुमित ने परिवार को इस बारे में कभी कुछ नहीं बताया। धर्मपाल के मुताबिक शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें और उनके छोटे बेटे को अपने साथ ले गई थी। उनका दावा है कि पुलिस ने सुमित का एनकाउंटर नहीं करने का आश्वासन दिया था। बाद में सुमित के एनकाउंटर की सूचना मिली।
सुमित के छोटे भाई के साथ थर्ड डिग्री का आरोप
धर्मपाल ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके छोटे बेटे यशपाल के साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। यशपाल तीसरी कक्षा तक पढ़ा है और वाई-फाई लगाने का काम करता है। धर्मपाल ने कहा कि यदि बेटा जल्द ठीक नहीं हुआ तो वह खुद अपनी जान ले लेंगे।
पिता की मौत के बाद परिवार से दूर हुआ मोहित
पुलिस के अनुसार मोहित करीब पांच-छह वर्षों से आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार से जुड़ा था। उसके खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज हैं। वर्ष 2021 में सिटी थाना में मारपीट और धमकी का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद सेक्टर-27 में नुकसान पहुंचाने, लूट और शस्त्र अधिनियम समेत मामले दर्ज हुए। इनमें वह जमानत पर था। मोहित के पिता महेश की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद मां ममता बच्चों के साथ मायके बैंयापुर खुर्द में रहने लगीं। परिजनों के मुताबिक मोहित का घर आना-जाना कम हो गया था। आपराधिक गतिविधियों के चलते परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी। वह करीब छह माह से परिवार से अलग था।
सफाई का काम करती हैं मोहित की मां
पति की मौत के बाद ममता एक निजी विश्वविद्यालय में सफाई कर्मचारी की नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। पिता को लकवा लगने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई थी। मामा अमित के अनुसार मोहित की गतिविधियों से परेशान होकर परिवार ने उससे लगभग नाता तोड़ लिया था। परिवार में अब उसकी मां, 21 वर्षीय बहन सालवी और 17 वर्षीय भाई सुमित हैं। बेटे के एनकाउंटर की जानकारी मिलने पर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

- सुमित फाइल फोटो।

- सुमित फाइल फोटो।

- सुमित फाइल फोटो।

- सुमित फाइल फोटो।