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बिल्ला पहुंचा थाने, बोला मैने नहीं मांगी रंगदारी
Updated Tue, 08 May 2018 11:57 PM IST
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बिल्ला पहुंचा थाने, बोला मैने नहीं मांगी रंगदारी
थानाभवन।
व्यापारी को चिट्ठी डालकर मांगी गई 15 लाख रुपये की रंगदारी का आरोपी मंगलवार को थाने में पहुंच गया। आरोपी पुलिस से खुद को निर्दोष बताते हुए असली आरोपी को पकड़ने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रविवार सुबह कस्बे के मीना बाजार स्थित रेडीमेड कपड़ा व्यापारी कमल नारंग की दुकान पर मिले पत्र में उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पत्र मिलने के बाद कस्बे के व्यापारियों में हड़कंप मच गया था। रंगदारी वाले पत्र में रंगदारी मांगने वाले का नाम बिल्ला पुत्र देसराज निवासी मसावी लिखा था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरूकर दी थी। सोमवार को थानाध्यक्ष बिल्ला उर्फ विकास के घर पहुंचे, लेकिन परिजनों ने बताया कि विकास अपनी पत्नी को लेने ससुराल कर्णप्रयाग उत्तराखंड गया हुआ है। मंगलवार को बिल्ला अपने परिजनों के साथ थाने में पहुंचा और पुलिस से मिलकर बताया कि उसका इस केस से कोई लेनादेना नहीं है और न ही उसने व्यापारी की दुकान पर धमकी भरा पत्र फेंका है। जिस समय यह घटना हुई तब वह अपनी ससुराल कर्णप्रयाग में था। हालांकि पुलिस ने अभी तक विकास को क्लीनचिट नहीं दी है। थानाध्यक्ष कृष्णकुमार ने बताया कि अभी घटना के सभी पहलुओं की जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष ने जानकारी दी कि व्यापारी की दुकान पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है।
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थानाभवन।
व्यापारी को चिट्ठी डालकर मांगी गई 15 लाख रुपये की रंगदारी का आरोपी मंगलवार को थाने में पहुंच गया। आरोपी पुलिस से खुद को निर्दोष बताते हुए असली आरोपी को पकड़ने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रविवार सुबह कस्बे के मीना बाजार स्थित रेडीमेड कपड़ा व्यापारी कमल नारंग की दुकान पर मिले पत्र में उनसे 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पत्र मिलने के बाद कस्बे के व्यापारियों में हड़कंप मच गया था। रंगदारी वाले पत्र में रंगदारी मांगने वाले का नाम बिल्ला पुत्र देसराज निवासी मसावी लिखा था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरूकर दी थी। सोमवार को थानाध्यक्ष बिल्ला उर्फ विकास के घर पहुंचे, लेकिन परिजनों ने बताया कि विकास अपनी पत्नी को लेने ससुराल कर्णप्रयाग उत्तराखंड गया हुआ है। मंगलवार को बिल्ला अपने परिजनों के साथ थाने में पहुंचा और पुलिस से मिलकर बताया कि उसका इस केस से कोई लेनादेना नहीं है और न ही उसने व्यापारी की दुकान पर धमकी भरा पत्र फेंका है। जिस समय यह घटना हुई तब वह अपनी ससुराल कर्णप्रयाग में था। हालांकि पुलिस ने अभी तक विकास को क्लीनचिट नहीं दी है। थानाध्यक्ष कृष्णकुमार ने बताया कि अभी घटना के सभी पहलुओं की जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, थानाध्यक्ष ने जानकारी दी कि व्यापारी की दुकान पर पुलिस भी तैनात कर दी गई है।
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