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जिले में पटाखों की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध
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पटाखा कारोबारियों को होगा नुकसान
शामली। एनजीटी के आदेश पर शामली जनपद में भी पटाखों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। पटाखे छुड़ाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बिक्री और छुड़ाने पर जुर्माने लगाया जाएगा तथा महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। जिला प्रशासन को एनजीटी के आदेश के साथ ही शासन की गाइड लाइन भी मिल गई है। इसके बाद जिले के संबंधित अधिकारियों को पटाखों की बिक्री रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीएम जसजीत कौर ने कहा कि पटाखे छुड़ाने से रोगियों को परेशानी होती है। उधर, पटाखा कारोबारियों को काफी नुकसान होगा।
एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र के कई जिलों में पटाखों की बिक्री और छुड़ाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। शुरुआत में मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत जिले ही इस प्रतिबंध में शामिल बताए गए थे, लेकिन मंगलवार शाम शामली जिला प्रशासन को शासन की गाइड लाइन और एनजीटी आदेश प्राप्त हुआ है। इस आदेश में शामली जनपद में भी पटाखों की बिक्री और छुड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जनपद में हर तरह के पटाखे की बिक्री और छुड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई पटाखे बेचता है या छुड़ाता है तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ ही महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। पटाखे छुड़ाने से बीमार लोगों को परेशानी होती है। इसलिए महामारी अधिनियम में भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखे बेचने पर दस हजार और छुड़ाने पर लगभग दो हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
नहीं बिक पाएगा स्टॉक
जनपद में आतिशबाजी बनाने और बिक्री के लगभग 31 लाइसेंस हैं। लाइसेंस धारक महीनों से पटाखे बनाने में जुटे थे। अचानक पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगने से उनके उपलब्ध स्टॉक नहीं बिक पाएगा। गढ़ीपुख्ता में पटाखा फैक्टरी संचालक शमीम ने बताया कि पटाखा कारोबार बर्बाद हो जाएंगे। जिले में एक करोड़ से ज्यादा का पटाखा स्टॉक होने का अनुमान है। कांधला, कैराना, गढ़ीपुख्ता और थानाभवन क्षेत्र में पटाखा बनाने के लाइसेंस हैं।
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जिले में आतिशबाजी बनाने और बिक्री के लाइसेंस
शामली: 02
गढ़ीपुख्ता: 04
थानाभवन: 18
मोरमाजरा : 01
टपराना : 01
कांधला: 04
पंजीठ:01
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इन्होंने कहा...
जिले में पटाखों की बिक्री और जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। बेचने और जलाने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- जसजीत कौर, डीएम।
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शामली। एनजीटी के आदेश पर शामली जनपद में भी पटाखों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। पटाखे छुड़ाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बिक्री और छुड़ाने पर जुर्माने लगाया जाएगा तथा महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। जिला प्रशासन को एनजीटी के आदेश के साथ ही शासन की गाइड लाइन भी मिल गई है। इसके बाद जिले के संबंधित अधिकारियों को पटाखों की बिक्री रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीएम जसजीत कौर ने कहा कि पटाखे छुड़ाने से रोगियों को परेशानी होती है। उधर, पटाखा कारोबारियों को काफी नुकसान होगा।
एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र के कई जिलों में पटाखों की बिक्री और छुड़ाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। शुरुआत में मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत जिले ही इस प्रतिबंध में शामिल बताए गए थे, लेकिन मंगलवार शाम शामली जिला प्रशासन को शासन की गाइड लाइन और एनजीटी आदेश प्राप्त हुआ है। इस आदेश में शामली जनपद में भी पटाखों की बिक्री और छुड़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जनपद में हर तरह के पटाखे की बिक्री और छुड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई पटाखे बेचता है या छुड़ाता है तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ ही महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। पटाखे छुड़ाने से बीमार लोगों को परेशानी होती है। इसलिए महामारी अधिनियम में भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखे बेचने पर दस हजार और छुड़ाने पर लगभग दो हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
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नहीं बिक पाएगा स्टॉक
जनपद में आतिशबाजी बनाने और बिक्री के लगभग 31 लाइसेंस हैं। लाइसेंस धारक महीनों से पटाखे बनाने में जुटे थे। अचानक पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगने से उनके उपलब्ध स्टॉक नहीं बिक पाएगा। गढ़ीपुख्ता में पटाखा फैक्टरी संचालक शमीम ने बताया कि पटाखा कारोबार बर्बाद हो जाएंगे। जिले में एक करोड़ से ज्यादा का पटाखा स्टॉक होने का अनुमान है। कांधला, कैराना, गढ़ीपुख्ता और थानाभवन क्षेत्र में पटाखा बनाने के लाइसेंस हैं।
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जिले में आतिशबाजी बनाने और बिक्री के लाइसेंस
शामली: 02
गढ़ीपुख्ता: 04
थानाभवन: 18
मोरमाजरा : 01
टपराना : 01
कांधला: 04
पंजीठ:01
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इन्होंने कहा...
जिले में पटाखों की बिक्री और जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। बेचने और जलाने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- जसजीत कौर, डीएम।