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Shamli News: बीमा कंपनी को 2.65 लाख रुपये भुगतान करने के आदेश
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कैराना। युवक की मृत्यु के बाद भी बीमा कंपनी द्वारा भुगतान नहीं करने पर मृतक की पत्नी ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया था। बृहस्पतिवार को आयोग ने बीमा कंपनी को मृतक की पत्नी को ब्याज सहित 2.65 लाख भुगतान करने के अलावा 25000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
शामली के गांव बलवा निवासी शिक्षा देवी ने आयोग में वाद दायर किया था, जिसमें बताया था कि उसके पति अजीत चौहान ने 25 जून 2013 को मेक्स लाइव इंश्योरेंस गुरुग्राम से एक बीमा पॉलिसी ली थी। बीमा की प्रीमियम का समय पर भुगतान किया गया था। बीमा पॉलिसी में उनकी बेटी अनामिका चौधरी नामित है।
12 फरवरी 2020 को उसके पति की मृत्यु होने के बाद उन्होंने समय अवधि के अंदर बीमा कंपनी को सूचना के साथ सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। डेढ़ साल तक भी बीमा कंपनी ने क्लेम के संबंध में न तो कोई सूचना दी और न ही क्लेम खारिज किया। 11 अगस्त 2021 को उन्होंने बीमा कंपनी को नोटिस भेजा था, लेकिन इसके दो माह बाद भी बीमा कंपनी में उनकी कोई बात नहीं सुनी। इस कारण उन्हें परेशानी के साथ ही मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। वाद में 265536 रुपये और हर्ज खर्चे के दो लाख रुपये दिलाने की मांग की गई थी।
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बृहस्पतिवार को आयोग के चेयरमैन हेमंत गुप्ता और अन्य ने पीड़िता को छह अगस्त 2020 से छह प्रशित ब्याज के साथ 265536 रुपये अदा करने के अलावा बीमा कंपनी पर 25 हजार का अर्थदंड लगाया, जिसे राजकोष में जमा करना होगा।
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शामली के गांव बलवा निवासी शिक्षा देवी ने आयोग में वाद दायर किया था, जिसमें बताया था कि उसके पति अजीत चौहान ने 25 जून 2013 को मेक्स लाइव इंश्योरेंस गुरुग्राम से एक बीमा पॉलिसी ली थी। बीमा की प्रीमियम का समय पर भुगतान किया गया था। बीमा पॉलिसी में उनकी बेटी अनामिका चौधरी नामित है।
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12 फरवरी 2020 को उसके पति की मृत्यु होने के बाद उन्होंने समय अवधि के अंदर बीमा कंपनी को सूचना के साथ सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। डेढ़ साल तक भी बीमा कंपनी ने क्लेम के संबंध में न तो कोई सूचना दी और न ही क्लेम खारिज किया। 11 अगस्त 2021 को उन्होंने बीमा कंपनी को नोटिस भेजा था, लेकिन इसके दो माह बाद भी बीमा कंपनी में उनकी कोई बात नहीं सुनी। इस कारण उन्हें परेशानी के साथ ही मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। वाद में 265536 रुपये और हर्ज खर्चे के दो लाख रुपये दिलाने की मांग की गई थी।
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बृहस्पतिवार को आयोग के चेयरमैन हेमंत गुप्ता और अन्य ने पीड़िता को छह अगस्त 2020 से छह प्रशित ब्याज के साथ 265536 रुपये अदा करने के अलावा बीमा कंपनी पर 25 हजार का अर्थदंड लगाया, जिसे राजकोष में जमा करना होगा।