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जिले में कोरोना ने बिगाड़ी नियमित टीकाकरण की चाल
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शामली। कोरोना संक्रमण के दौरान बच्चों और गर्भवती महिलाओं को होने वाला टीकाकरण प्रभावित हुआ है। कारोना काल में टीके से वंचित रहने वाले दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को सात मार्च से सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग इस अभियान की तैयारी में जुटा हुआ है।
कोरोना की तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोरोनारोधी टीकाकरण पर रहा है। शासन का भी ज्यादा से ज्यादा लोगों और किशोरों को कोरोना से बचाव के टीके लगाए जाने पर जोर दिया गया ताकि कोरोना संक्रमण से बचाव हो सके। इस दौरान बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गंभीर व जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए होने वाला नियमित टीकाकरण पिछड़ गया। अब कोरोना संक्रमण की दर काफी कम हो गई है। इसे देखते हुए शासन ने अब बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण करने पर जोर दिया है।
शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सात मार्च से 14 मार्च तक सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण से वंचित शून्य से दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि सात से 14 मार्च तक सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण से वंचित दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को माइक्रोप्लान बनाकर सभी सीएचसी व पीएचसी पर टीकाकरण किया जाएगा। इसकी तैैयारी चल रही है। बुधवार को ब्लाक के चिकित्साधिकारियों, डीसीपीएम की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें डब्ल्यूएचओ से डॉ. संजय महरोत्रा, डॉ. महिमा और उनके द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स और अंतरविभागीय अधिकारियों की बैठक होगी।
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टीकाकरण से वंचित बच्चों व महिलाओं का चल रहा सर्वे
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि 23 फरवरी से नियमित टीकाकरण से वंचित दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का आशा व एएनएम द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। 26 फरवरी तक सर्वे कार्य पूरा होगा। इसके बाद टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्थिति का सही पता चल सकेगा। उसी के आधार पर माइक्रोप्लान तैयार कर टीमें बनाई जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल टीमें करेगी टीकाकरण
जिन गांवों में टीकाकरण से वंचित बच्चों व गर्भवती महिलाओं की संख्या कम होगी और वहां से सीएचसी और पीएचसी की दूरी ज्यादा होगी तो उन गांवों में मोबाइल टीमें पहुंचकर टीकाकरण करेगी।
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कोरोना की तीसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोरोनारोधी टीकाकरण पर रहा है। शासन का भी ज्यादा से ज्यादा लोगों और किशोरों को कोरोना से बचाव के टीके लगाए जाने पर जोर दिया गया ताकि कोरोना संक्रमण से बचाव हो सके। इस दौरान बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गंभीर व जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए होने वाला नियमित टीकाकरण पिछड़ गया। अब कोरोना संक्रमण की दर काफी कम हो गई है। इसे देखते हुए शासन ने अब बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण करने पर जोर दिया है।
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शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सात मार्च से 14 मार्च तक सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण से वंचित शून्य से दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि सात से 14 मार्च तक सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण से वंचित दो साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को माइक्रोप्लान बनाकर सभी सीएचसी व पीएचसी पर टीकाकरण किया जाएगा। इसकी तैैयारी चल रही है। बुधवार को ब्लाक के चिकित्साधिकारियों, डीसीपीएम की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें डब्ल्यूएचओ से डॉ. संजय महरोत्रा, डॉ. महिमा और उनके द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स और अंतरविभागीय अधिकारियों की बैठक होगी।
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टीकाकरण से वंचित बच्चों व महिलाओं का चल रहा सर्वे
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि 23 फरवरी से नियमित टीकाकरण से वंचित दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं का आशा व एएनएम द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। 26 फरवरी तक सर्वे कार्य पूरा होगा। इसके बाद टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्थिति का सही पता चल सकेगा। उसी के आधार पर माइक्रोप्लान तैयार कर टीमें बनाई जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल टीमें करेगी टीकाकरण
जिन गांवों में टीकाकरण से वंचित बच्चों व गर्भवती महिलाओं की संख्या कम होगी और वहां से सीएचसी और पीएचसी की दूरी ज्यादा होगी तो उन गांवों में मोबाइल टीमें पहुंचकर टीकाकरण करेगी।