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Shamli News: कागजों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान, हालात अनियंत्रित
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शामली क्षेत्र के गांव सिभालंका प्राइमरी स्कूल उगी घास । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ जलालाबाद/ कैराना/ ऊन/ थानाभवन। जिले में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए एक जुलाई से शुरू हुआ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान अधिकांशतः कागजों में ही सिमट कर रह गया है। पांचों ब्लॉकों में कई स्थानों पर गंदगी, जलभराव और नालों की सफाई न होने से संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।
संवाद सहयोगियों द्वारा जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में की गई पड़ताल में कई चौंकाने वाले हालात सामने आए
गांव सोंटा : पंचायत घर के बाहर जलभराव
गांव सोंटा में पंचायत घर के बाहर गंदा पानी जमा है। ग्रामीण बिजेंद्र सिंह और विनीत कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों ने खुद पंपिंग सेट से पानी निकाला था, लेकिन अब फिर से वही स्थिति बन गई है। ग्राम प्रधान मुकेश कुमार ने बताया कि यह समस्या तालाब पर अवैध कब्जे के कारण है, जिसे लेकर अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
- गांव टिटौली व सिंभालका : स्कूलों के बाहर गंदगी
टिटौली में स्कूल के बाहर नाले में गंदगी व पानी भरा हुआ मिला, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। वहीं सिंभालका में भी स्कूल परिसर और बाहर नालियों में गंदगी और उगी हुई घास देखने को मिली।
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जलालाबाद : कॉलेज के पास नाले में गंदगी का अंबार
भास्करगंज स्थित नेशनल पब्लिक इंटर कॉलेज के सामने कचरे और गंदगी के ढेर लगे हैं। कॉलेज के सामने नाला पूरी तरह से कचरे से भरा हुआ है। प्रधानाचार्य अदीब अहमद ने बताया कि ग्राम प्रधान को कई बार सफाई को लेकर अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नीरजपाल ने कहा कि नाले ओवरफ्लो होने पर सड़कें पानी से भर जातीं हैं। ग्राम प्रधान नजीर मलिक ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन की सूचना पर सफाई के लिए कर्मचारी भेजे जाएंगे।
- ऊन : डीएवी कॉलेज के बाहर गंदगी
डीएवी इंटर कॉलेज, ऊन के मुख्य गेट के सामने कूड़े का ढेर और नाले में जमा कचरे से पूरा क्षेत्र बदहाल है। स्थानीय निवासी भोपाल, नसीम और सरफराज ने बताया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।
कैराना : अस्पताल के सामने कचरे के ढेर
कैराना में सरकारी अस्पताल के सामने करीब सात बीघा क्षेत्र में कचरे के बड़े ढेर लगे हैं। थोड़ी सी बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कत होती है। आर्यपुरी और पानीपत-खटीमा मार्ग पर भी नालों में गंदगी भरी पड़ी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र ने बताया कि कई बार नगरपालिका को सूचना दी गई लेकिन हालात जस के तस हैं।
- कांधला : बस स्टैंड के पास गंदगी के ढेर
गांव गंगेरू में बस स्टैंड के पास, पशु चिकित्सालय और बाजार के पास भारी गंदगी फैली है। ग्रामीण यामीन, सरवर, उमेद व सुलेमान ने बताया कि यहां खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया है।
थानाभवन : सीएचसी आवास परिसर में कूड़े के ढेर
सीएचसी परिसर में चिकित्सकों व कर्मचारियों के आवास के पीछे और सामने कूड़े के ढेर लगे हैं। लाला लाजपत राय कन्या इंटर कॉलेज, बालक इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज के तिराहे पर भी स्थिति बदतर है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि नगर पंचायत और विभागीय अधिकारियों को कई बार सफाई के लिए कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- अभियान में 11 विभाग, लेकिन जिम्मेदारी निभाने में विफल
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इसके अलावा बाल विकास, पंचायती राज, शिक्षा, नगर निकाय, कृषि, पशुपालन, सूचना विभाग, आजीविका मिशन, चिकित्सा शिक्षा और जल निगम सहित 11 विभागों को अभियान में शामिल किया गया है। पंचायती राज और नगर निकायों को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। साप्ताहिक समीक्षा में पंचायती राज विभाग सबसे पीछे पाया गया।
- जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। सभी विभागों को उनके दायित्व सौंपे गए हैं। गांवों में पंचायती राज और शहरों में नगर निकाय सफाई के लिए जिम्मेदार हैं। - डॉ. अनिल कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ)
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शामली/ जलालाबाद/ कैराना/ ऊन/ थानाभवन। जिले में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए एक जुलाई से शुरू हुआ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान अधिकांशतः कागजों में ही सिमट कर रह गया है। पांचों ब्लॉकों में कई स्थानों पर गंदगी, जलभराव और नालों की सफाई न होने से संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।
संवाद सहयोगियों द्वारा जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में की गई पड़ताल में कई चौंकाने वाले हालात सामने आए
गांव सोंटा : पंचायत घर के बाहर जलभराव
गांव सोंटा में पंचायत घर के बाहर गंदा पानी जमा है। ग्रामीण बिजेंद्र सिंह और विनीत कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों ने खुद पंपिंग सेट से पानी निकाला था, लेकिन अब फिर से वही स्थिति बन गई है। ग्राम प्रधान मुकेश कुमार ने बताया कि यह समस्या तालाब पर अवैध कब्जे के कारण है, जिसे लेकर अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
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- गांव टिटौली व सिंभालका : स्कूलों के बाहर गंदगी
टिटौली में स्कूल के बाहर नाले में गंदगी व पानी भरा हुआ मिला, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। वहीं सिंभालका में भी स्कूल परिसर और बाहर नालियों में गंदगी और उगी हुई घास देखने को मिली।
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जलालाबाद : कॉलेज के पास नाले में गंदगी का अंबार
भास्करगंज स्थित नेशनल पब्लिक इंटर कॉलेज के सामने कचरे और गंदगी के ढेर लगे हैं। कॉलेज के सामने नाला पूरी तरह से कचरे से भरा हुआ है। प्रधानाचार्य अदीब अहमद ने बताया कि ग्राम प्रधान को कई बार सफाई को लेकर अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नीरजपाल ने कहा कि नाले ओवरफ्लो होने पर सड़कें पानी से भर जातीं हैं। ग्राम प्रधान नजीर मलिक ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन की सूचना पर सफाई के लिए कर्मचारी भेजे जाएंगे।
- ऊन : डीएवी कॉलेज के बाहर गंदगी
डीएवी इंटर कॉलेज, ऊन के मुख्य गेट के सामने कूड़े का ढेर और नाले में जमा कचरे से पूरा क्षेत्र बदहाल है। स्थानीय निवासी भोपाल, नसीम और सरफराज ने बताया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।
कैराना : अस्पताल के सामने कचरे के ढेर
कैराना में सरकारी अस्पताल के सामने करीब सात बीघा क्षेत्र में कचरे के बड़े ढेर लगे हैं। थोड़ी सी बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कत होती है। आर्यपुरी और पानीपत-खटीमा मार्ग पर भी नालों में गंदगी भरी पड़ी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र ने बताया कि कई बार नगरपालिका को सूचना दी गई लेकिन हालात जस के तस हैं।
- कांधला : बस स्टैंड के पास गंदगी के ढेर
गांव गंगेरू में बस स्टैंड के पास, पशु चिकित्सालय और बाजार के पास भारी गंदगी फैली है। ग्रामीण यामीन, सरवर, उमेद व सुलेमान ने बताया कि यहां खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया है।
थानाभवन : सीएचसी आवास परिसर में कूड़े के ढेर
सीएचसी परिसर में चिकित्सकों व कर्मचारियों के आवास के पीछे और सामने कूड़े के ढेर लगे हैं। लाला लाजपत राय कन्या इंटर कॉलेज, बालक इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज के तिराहे पर भी स्थिति बदतर है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि नगर पंचायत और विभागीय अधिकारियों को कई बार सफाई के लिए कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- अभियान में 11 विभाग, लेकिन जिम्मेदारी निभाने में विफल
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इसके अलावा बाल विकास, पंचायती राज, शिक्षा, नगर निकाय, कृषि, पशुपालन, सूचना विभाग, आजीविका मिशन, चिकित्सा शिक्षा और जल निगम सहित 11 विभागों को अभियान में शामिल किया गया है। पंचायती राज और नगर निकायों को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। साप्ताहिक समीक्षा में पंचायती राज विभाग सबसे पीछे पाया गया।
- जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। सभी विभागों को उनके दायित्व सौंपे गए हैं। गांवों में पंचायती राज और शहरों में नगर निकाय सफाई के लिए जिम्मेदार हैं। - डॉ. अनिल कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ)