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दावा हवाई, जिधर देखो सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:03 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 15 जून तक सड़कों के गड्ढा मुक्त कराने के फरमान हवा हवाई साबित हुए। अधिकारियों ने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
जिले में सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़कें नजर आने लगी है। लोकनिर्माण विभाग का 80 प्रतिशत सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा किसी के गले नहीं उतरता। खस्ताहाल सड़कों पर वाहनों को छोड़िए पैदल चलना भी दुश्वारियों से भरा है।
सूबे की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च माह में ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 15 जून तक का अधिकारियों को समय दिया था। लोक निर्माण विभाग ने 37 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का कार्य शुरू हुआ। हालांकि आज भी सड़के पूरी तरह गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी।
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शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में भी सड़कों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। कैराना, झिंझाना, ऊन, थानाभवन, शामली क्षेत्र में सड़कों की हालत काफी दयनीय है।
इन मार्गों पर आवागमन के दौरान लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। आलम यह है कि शहर के बीच एमएसके रोड पर मिल रोड से शिवचौक और धीमानपुरा तक अनेक गड्ढे हैं। शिवचौक के पास गड्ढे भरने का कार्य दो दिन पूर्व ही शुरू हुआ, लेकिन धीमानपुरा के पास गड्ढे अभी ज्यों के त्यों हैं।
उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि गड्ढा मुक्त अभियान के तहत जिले भर में 280 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत कराई गई। 80 प्रतिशत सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया। बाकी सड़कों पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर गड्ढा मुक्त अभियान के तहत सड़कों पर काफी कार्य हुआ है। अकेले गन्ना विभाग ने ही प्रदेश में करीब 577 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया। गड्ढा मुक्त अभियान के तहत शामली में भी कार्य हुए हैं। रेलपार बाईपास के नवीनीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कराया, जल्दी ही इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - सुरेश राणा, गन्ना विकास, चीनी मिल एवं औद्योगिक विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने जो आदेश दिया, उस पर अमल हुआ है। जो सड़कें रह गई है, उन्हें जल्दी ही गड्ढा मुक्त कराया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। - तेजेंद्र निर्वाल, विधायक शामली
शहर में मुजफ्फरनगर मार्ग पर गुरुद्वारा तिराहे से बुढ़ाना रेलवे क्रासिंग तक करीब 1400 मीटर और सात मीटर चौड़े मार्ग की हालत एक साल से जर्जर है। दिल्ली, पानीपत और करनाल की तरफ से मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के लिए भारी वाहनों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। सड़क की जर्जर हालत के कारण ट्रैफिक जाम लगता है। इन सड़कों से धूल उड़ने के कारण आसपास रहने वाले बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
शामली का रेलपार बाईपास रोड
शामली में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को पानीपत-खटीमा हाइवे से जोड़ने वाले करीब 500 मीटर लंबे इस मार्ग की हालत कई साल से खराब है। दिल्ली रोड पर सिटी ग्रीन से लावण्य होटल के सामने तक इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। शहर में ट्रैफिक जाम के दौरान इसी मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। उपयोगी मार्ग होने के बावजूद इस मार्ग की दशा में सुधार नहीं किया जा सका।
दिल्ली रोड मिनी बाईपास
तहसील ऊन से चौसाना को जोड़ने वाले इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। गांव हरसाना तक सड़क नवीनीकरण करा दिया गया, लेकिन उससे आगे चौसाना तक सड़क की खुदाई कराने के बाद पत्थर डालकर अपने हाल पर छोड़ दी गई। पहले मार्ग जर्जर थी, लेकिन अब पत्थरों पर
आवागमन और परेशानी पैदा कर रहा है।
कैराना-झिंझाना से पानीपत खटीमा मार्ग
कैराना क्षेत्र में गांव शेखुपुरा बिजलीघर से कैराना-झिंझाना मार्ग के गांव भूरा को जोड़ने वाले करीब सात किलोमीटर लंबे इस मार्ग की हालत भी खराब है। कई साल से इस मार्ग पर मरम्मत नहीं हुई। प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के तहत मार्ग का उच्चीकरण होना था, लेकिन अभी कागजों में ही चल रहा है। हालात ये हैं कि इस मार्ग से वाहनों का चलना मुश्किल है।
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जिले में सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़कें नजर आने लगी है। लोकनिर्माण विभाग का 80 प्रतिशत सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा किसी के गले नहीं उतरता। खस्ताहाल सड़कों पर वाहनों को छोड़िए पैदल चलना भी दुश्वारियों से भरा है।
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सूबे की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च माह में ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 15 जून तक का अधिकारियों को समय दिया था। लोक निर्माण विभाग ने 37 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसके बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने का कार्य शुरू हुआ। हालांकि आज भी सड़के पूरी तरह गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी।
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शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में भी सड़कों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। कैराना, झिंझाना, ऊन, थानाभवन, शामली क्षेत्र में सड़कों की हालत काफी दयनीय है।
इन मार्गों पर आवागमन के दौरान लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। आलम यह है कि शहर के बीच एमएसके रोड पर मिल रोड से शिवचौक और धीमानपुरा तक अनेक गड्ढे हैं। शिवचौक के पास गड्ढे भरने का कार्य दो दिन पूर्व ही शुरू हुआ, लेकिन धीमानपुरा के पास गड्ढे अभी ज्यों के त्यों हैं।
उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि गड्ढा मुक्त अभियान के तहत जिले भर में 280 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत कराई गई। 80 प्रतिशत सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया। बाकी सड़कों पर कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर गड्ढा मुक्त अभियान के तहत सड़कों पर काफी कार्य हुआ है। अकेले गन्ना विभाग ने ही प्रदेश में करीब 577 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कराया। गड्ढा मुक्त अभियान के तहत शामली में भी कार्य हुए हैं। रेलपार बाईपास के नवीनीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कराया, जल्दी ही इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। - सुरेश राणा, गन्ना विकास, चीनी मिल एवं औद्योगिक विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने जो आदेश दिया, उस पर अमल हुआ है। जो सड़कें रह गई है, उन्हें जल्दी ही गड्ढा मुक्त कराया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। - तेजेंद्र निर्वाल, विधायक शामली
शहर में मुजफ्फरनगर मार्ग पर गुरुद्वारा तिराहे से बुढ़ाना रेलवे क्रासिंग तक करीब 1400 मीटर और सात मीटर चौड़े मार्ग की हालत एक साल से जर्जर है। दिल्ली, पानीपत और करनाल की तरफ से मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के लिए भारी वाहनों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। सड़क की जर्जर हालत के कारण ट्रैफिक जाम लगता है। इन सड़कों से धूल उड़ने के कारण आसपास रहने वाले बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
शामली का रेलपार बाईपास रोड
शामली में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को पानीपत-खटीमा हाइवे से जोड़ने वाले करीब 500 मीटर लंबे इस मार्ग की हालत कई साल से खराब है। दिल्ली रोड पर सिटी ग्रीन से लावण्य होटल के सामने तक इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। शहर में ट्रैफिक जाम के दौरान इसी मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। उपयोगी मार्ग होने के बावजूद इस मार्ग की दशा में सुधार नहीं किया जा सका।
दिल्ली रोड मिनी बाईपास
तहसील ऊन से चौसाना को जोड़ने वाले इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। गांव हरसाना तक सड़क नवीनीकरण करा दिया गया, लेकिन उससे आगे चौसाना तक सड़क की खुदाई कराने के बाद पत्थर डालकर अपने हाल पर छोड़ दी गई। पहले मार्ग जर्जर थी, लेकिन अब पत्थरों पर
आवागमन और परेशानी पैदा कर रहा है।
कैराना-झिंझाना से पानीपत खटीमा मार्ग
कैराना क्षेत्र में गांव शेखुपुरा बिजलीघर से कैराना-झिंझाना मार्ग के गांव भूरा को जोड़ने वाले करीब सात किलोमीटर लंबे इस मार्ग की हालत भी खराब है। कई साल से इस मार्ग पर मरम्मत नहीं हुई। प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के तहत मार्ग का उच्चीकरण होना था, लेकिन अभी कागजों में ही चल रहा है। हालात ये हैं कि इस मार्ग से वाहनों का चलना मुश्किल है।