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खेतों में सस्ती, ग्राहकों तक आते-आते हो जाती है महंगी

Thu, 19 Dec 2019 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2019 11:54 PM IST
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Cheap in the fields, it gets expensive by reaching customers
शामली। बाजार में सब्जियां महंगी हैं, जबकि किसान की सब्जी मंडी में सस्ते दाम पर बिकती है। इसके चलते थोक और फुटकर के दामों में बड़ा अंतर आ रहा है। किसान के खेत से चली सब्जी बाजार में और गली-मोहल्लों में जब तक लोगों के हाथों में पहुंचती है, तब तक उसके दाम काफी बढ़ जाते हैं।
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जनपद में सब्जी के दाम बढ़ने से आम आदमी खरीद नहीं पा रहा है। इससे सब्जी का बजट भी गड़बड़ा गया है। प्याज और आलू के दाम सबसे अधिक बढ़े हैं। किसान अपने खेतों में उगाई सब्जी को बेचने के लिए मंडी में लाता है। मंडी में उसे थोक के भाव में सब्जी बेचनी पड़ती है। मंडी से सस्ते दाम पर दुकानदार सब्जी खरीदते हैं और अपनी दुकान पर फुटकर में महंगे दाम पर बेचते हैं। अमर उजाला टीम ने सब्जी के थोक और फुटकर के दामों की पड़ताल की तो इसमें बड़ा अंतर पाया गया।
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शामली में फुटकर और थोक के दामों की स्थिति
सब्जी - फुटकर के दाम - थोक के दाम
आलू - 28 से 30 - 20 से 25
प्याज - 130 से 140 - 80 से 95
लहसून - 100-120 - 170 से 180
गोभी - 25 से 30 - 10 से 12
गाजर - 20 से 25 - 8 से 12
टमाटर - 20 से 30 - 12 से 15
मटर - 40 से 50 - 30 से 35
मूली- 10 से 15 - 6 से 8
सब्जियां महंगी होने से किसानों को जागी मुनाफे की उम्मीद
थानाभवन। सब्जियों के दाम बढ़ने से किसानों के चेहरों पर रौनक नजर आ रही है। किसानों का कहना है कि अगर यहीं दाम रहे तो इस बार मुनाफा अच्छा हो सकता है। किसानों का कहना है कि बारिश से गाजर की फसल को नुकसान हुआ है, अन्य फसलों में कोई ज्यादा नुकसान नहीं है। सब्जी के फिलहाल दामों को देखते हुए बारिश से फसलों को हुए नुकसान भरपाई हो जाएगी। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने खेतों पर पहुंचकर सब्जी की फसलों के बारे में किसानों से बातचीत की।
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इस साल करीब 11 बीघा गाजर की फसल लगाई है। इसमें करीब 50 हजार रुपये की लागत आई है। बारिश आने से गाजर में दरारें पड़ गई, लेकिन फिलहाल मंडी में गाजर का भाव 15 रुपये किलो हैं। इस भाव से यदि गाजर दो या तीन रुपये कम भी बिकती है तो कोई नुकसान नहीं होगा। - इश्तेकार, किसान जलालाबाद मार्ग
12 बीघा खेत में गोभी की फसल लगाई है। इसमें उसकी करीब 65 हजार रुपये लागत आई है। एक बीघा में उसका करीब 17 से 18 क्विंटल का उत्पादन हो रहा है और मंडी में फिलहाल छह से सात रुपये किलो का भाव है। इस भाव में फिलहाल उसे कोई नुकसान नहीं है। - जगदीश, किसान
नौ बीघा लहसुन की फसल लगाई है जिसमें लागत करीब एक लाख रुपये आई है। बाजार में फिलहाल लहसुन का दाम 100 से 120 रुपये किलो है। यदि यहीं भाव कुछ दिन तक और चला तो अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। - सुरेंद्र सैनी, किसान

उनकी 13 बीघा आलू की फसल में करीब 80 हजार रुपये का खर्च आया है। फिलहाल मंडी में आलू के भाव 20 से 25 रुपये किलो चल रहा है। अगर यही दाम रहे तो इस बार अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है। - मांगेराम, आलू उत्पादक किसान
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