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Shamli News: जिला पंचायत चुनाव की बिसात बिछा गए चंद्रशेखर
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वेस्ट यूपी में रालोद के दो दिग्गज पूर्व सांसद अमीर आलम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम आसपा में शामिल हो गए। गढ़ीपुख्ता में हुए सदस्यता कार्यक्रम के माध्यम से सांसद और आसपा प्रमुख चंद्रशेखर पंचायत चुनाव की बिसात भी बिछा गए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत चुनाव में भी यूपी में मजबूती के साथ आसपा उतरेगी। यही नहीं, लोगों से साथ देने का भी वायदा कराया।
लोकसभा चुनाव में नगीना सीट से खुद आसपा प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने जीत दर्ज की थी। अब आसपा ने पंचायत चुनाव पर फोकस किया है। पंचायत चुनाव में ताकत दिखाने के लिए रालोद और अन्य दलों के दिग्गजों को भी चंद्रशेखर ने अपनी पार्टी में शामिल करना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत शामली में पूर्व सांसद और उनके बेटे को शामिल करके की गई।
दरअसल, पंचायत चुनाव को राजनीति की पाठशाला माना जाता है। इसमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत शामिल होती है। इन पंचायत चुनावों में जिस पार्टी को मजबूती मिलती है, वह आगे विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव में जनाधार बढ़ाने में कामयाब होता है। यही से अन्य चुनाव की पिच तैयार की जाती है। गढ़ीपुख्ता के कार्यक्रम के बहाने चंद्रशेखर ने पंचायत चुनाव की बिसात भी बिछा दी।
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शामली। वेस्ट यूपी में रालोद के दो दिग्गज पूर्व सांसद अमीर आलम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम आसपा में शामिल हो गए। गढ़ीपुख्ता में हुए सदस्यता कार्यक्रम के माध्यम से सांसद और आसपा प्रमुख चंद्रशेखर पंचायत चुनाव की बिसात भी बिछा गए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत चुनाव में भी यूपी में मजबूती के साथ आसपा उतरेगी। यही नहीं, लोगों से साथ देने का भी वायदा कराया।
लोकसभा चुनाव में नगीना सीट से खुद आसपा प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने जीत दर्ज की थी। अब आसपा ने पंचायत चुनाव पर फोकस किया है। पंचायत चुनाव में ताकत दिखाने के लिए रालोद और अन्य दलों के दिग्गजों को भी चंद्रशेखर ने अपनी पार्टी में शामिल करना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत शामली में पूर्व सांसद और उनके बेटे को शामिल करके की गई।
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दरअसल, पंचायत चुनाव को राजनीति की पाठशाला माना जाता है। इसमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत शामिल होती है। इन पंचायत चुनावों में जिस पार्टी को मजबूती मिलती है, वह आगे विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव में जनाधार बढ़ाने में कामयाब होता है। यही से अन्य चुनाव की पिच तैयार की जाती है। गढ़ीपुख्ता के कार्यक्रम के बहाने चंद्रशेखर ने पंचायत चुनाव की बिसात भी बिछा दी।
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