बीएसए और शिक्षक नहीं दे पाए सवाल का जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बनत स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में घूमते हुए सफाई व्यवस्था के साथ ही शिक्षिका और बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रसोईघर में पहुंचकर मिड-डे मील का मेन्यू चार्ट देखा और खुद खाकर खाना भी चेक किया। फिर उन्होंने बच्चों के बेडरूम का निरीक्षण किया। बच्चों के फोल्डिंग पर पडे़ गद्दों को देखते हुए उन्हें दोबारा बनवाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने वार्डन को सभी कक्षा के बच्चों को किताबों सहित कक्षा में बुलाने के लिए कहा। वहां पर उन्होंने अलग-अलग कक्षा के बच्चों से पूछा कि आज क्या पढ़ाया गया है। उन्होंने बोर्ड पर गणित का सवाल लिखकर उसका जवाब पूछा, जिसका जवाब एक भी छात्रा सही तरीके से नहीं लिख पाई। इसी दौरान डीएम ने बीएसए और शिक्षिका से त्रिकोणमिति के सवाल का जवाब पूछा, तो वह भी उत्तर नहीं बता पाए।
बीएसए ने उनसे कहा कि हमने कला वर्ग से पढ़ाई की हैं, तब डीएम बोले कि हम भी कला वर्ग से पढ़े हैं, मगर गणित का यह सवाल तो कक्षा 10 तक सभी को पढ़ाया जाता है, जिसके बाद उन्होंने कक्षा छह की हिंदी की किताब लेकर कक्षा सात और आठ की छात्राओं से कवि सूरदास के एक दोहे का अर्थ पूछा, तो छात्राएं उसका जवाब भी नहीं बता पाईं। विज्ञान विषय के सवालों पर भी कुछ ही बच्चों ने सही जवाब दिया। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताते हुए शिक्षिकाओं से कहा कि आपने बच्चों को क्या पढ़ाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसा पढ़ाओ कि भूल न सके। इस दौरान बीएसए चंद्रशेखर, एबीएसए भारत भूषण त्यागी, जिला समन्वयक सुधीर, सुभाषचंद, वार्डन रश्मि और अन्य शिक्षिका मौजूद रहीं।