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यूक्रेन में फंसे भाई-बहन, माता-पिता चिंतित
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शामली : यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे अंश भार्गव।
- फोटो : SHAMLI
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यूक्रेन में फंसे भाई-बहन, माता-पिता चिंतित
शामली। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे शहर के धीमानपुरा निवासी भाई-बहन वहां के गंभीर हालातों की वजह से फंस गए हैं। यहां माता-पिता अपने बच्चों के लिए चिंतित हैं। दोनों की सलामती के लिए वह भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। माता-पिता का कहना है कि सरकार कोई ऐसा कदम उठाए कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो और वह हमारे पास आ जाएं।
धीमानपुरा निवासी व्यवसायी प्रभात भार्गव का पुत्र अंश पिछले चार साल से यूक्रेन में इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस-एमडी की पढ़ाई कर रहा है। जबकि बेटी मानवी भार्गव ने पिछले माह ही प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। अंश अगस्त में छुट्टी पर घर आया था। इसके बाद दोनों भाई-बहन अक्टूबर माह में यूक्रेन गए थे, लेकिन इन दिनों यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका के चलते परिजन काफी चिंतित हैं।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी बंद नहीं हुई हैं। बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़कर यहां आते हैं, तो पढ़ाई का नुकसान होगा। फिर उन्हें यूनिवर्सिटी में दोबारा प्रवेश भी नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए कि यूनिवर्सिटी बंद कराए और बच्चों की सुरक्षित घर वापसी हो।
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उन्होंने बताया कि पहले एक ओर का हवाई यात्रा का किराया 20 हजार रुपये के करीब था। अब डेढ़ लाख तक पहुंच गया है। उसमें भी 15 दिन की वेटिंग है। वहां की सरकार अपने नागरिकों को किसी चिंता में नहीं डालना चाहती, इसलिए शहरों में हालात सामान्य हैं। जबकि यहां खबरों के अनुसार बॉर्डर पर हालात गंभीर दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह बच्चों से दिन में कई बार बात करके उनका हाल पूछते रहते हैं। पत्नी रश्मि भार्गव के साथ दोनों बच्चों की सलामती की प्रार्थना भगवान से कर रहे हैं। सुनने में आया है कि सरकार भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए कदम उठा रही है।
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शामली। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे शहर के धीमानपुरा निवासी भाई-बहन वहां के गंभीर हालातों की वजह से फंस गए हैं। यहां माता-पिता अपने बच्चों के लिए चिंतित हैं। दोनों की सलामती के लिए वह भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। माता-पिता का कहना है कि सरकार कोई ऐसा कदम उठाए कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो और वह हमारे पास आ जाएं।
धीमानपुरा निवासी व्यवसायी प्रभात भार्गव का पुत्र अंश पिछले चार साल से यूक्रेन में इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस-एमडी की पढ़ाई कर रहा है। जबकि बेटी मानवी भार्गव ने पिछले माह ही प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है। अंश अगस्त में छुट्टी पर घर आया था। इसके बाद दोनों भाई-बहन अक्टूबर माह में यूक्रेन गए थे, लेकिन इन दिनों यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका के चलते परिजन काफी चिंतित हैं।
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उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी बंद नहीं हुई हैं। बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़कर यहां आते हैं, तो पढ़ाई का नुकसान होगा। फिर उन्हें यूनिवर्सिटी में दोबारा प्रवेश भी नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए कि यूनिवर्सिटी बंद कराए और बच्चों की सुरक्षित घर वापसी हो।
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उन्होंने बताया कि पहले एक ओर का हवाई यात्रा का किराया 20 हजार रुपये के करीब था। अब डेढ़ लाख तक पहुंच गया है। उसमें भी 15 दिन की वेटिंग है। वहां की सरकार अपने नागरिकों को किसी चिंता में नहीं डालना चाहती, इसलिए शहरों में हालात सामान्य हैं। जबकि यहां खबरों के अनुसार बॉर्डर पर हालात गंभीर दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह बच्चों से दिन में कई बार बात करके उनका हाल पूछते रहते हैं। पत्नी रश्मि भार्गव के साथ दोनों बच्चों की सलामती की प्रार्थना भगवान से कर रहे हैं। सुनने में आया है कि सरकार भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए कदम उठा रही है।

शामली : यूक्रेन में पढ़ाई कर रही मानवी भार्गव।- फोटो : SHAMLI

यूक्रेन में फंसे पुत्र और पुत्री की सलामती के लिए शामली में प्रार्थना करते प्रभात भार्गव और उनकी - फोटो : SHAMLI