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अपना घर तोड़ दिया, अब किराए पर रहने को मजबूर
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:52 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कैराना। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की दूसरी किश्त नहीं मिलने पर लाभार्थियों के सामने संकट आ गया है। एक तो उन्होंने अपना कच्चा मकान तोड़ दिया, लेकिन दूसरी किश्त नहीं मिलने की वजह से सिर्फ नींव भरने का कार्य ही हो पाया है। ऐसे में लाभार्थियों को किराए के मकान का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में अनुदान के दौर पर ढाई लाख दिए जाते हैं। योजना में पात्रों को ई और एन सीरीज में रखा गया है। वही, इसके अलावा कस्बा कैराना में दो जून को एन सीरीज के 29 पात्रों के बैंक खाते में पहली किश्त आई थी, जबकि उसके बाद 63 पात्रों के खाते में पहली किश्त आई। जिनमें से करीब 50 पात्रों ने अपने पुराने घरों को तोड़कर मकान की नींव भराने के साथ ही पिलर खड़े करा लिए। इसके बाद चार माह से दूसरी किश्त का इंतजार है। इस कारण उक्त परिवार इधर उधर किराये के मकानों में रह रहे हैं।
मोहल्ला दरबार कला निवासी शाहनवाज ने बताया कि पहली किश्त के 50 हजार रुपये मिलने पर चार महीना पूर्व घर तोड़ कर नींव भरवाई थी। दूसरी किश्त न मिलने से मकान अधूरा पड़ा है। वहीं, इसके अलावा शाहनवाज अपने बच्चों के साथ किराये के मकान में रह रहा है। इसी मोहल्ले के शरीफ ने बताया कि तीन माह पूर्व घर तोड़ दिया था, लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने के कारण मकान नहीं बना। घर का सारा सामान खराब हो रहा है। वह पड़ोसी के घर में रह रहे हैं।
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वहीं इसके अलावा यही हाल साजिद निवासी मोहल्ला बारादरी, शमशीदा निवासी आलकला, हनीफ निवासी आलकला, सलीम निवासी दरबार खुर्द, मोबिन निवासी थाने के बराबर व अन्य परिवारों का है। जो पहली किश्त आने के बाद अपना घर तोड़कर नया घर बनाने का सपना देख रहे थे, लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने के कारण किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की दूसरी किश्त लाभार्थियों के खाते में भिजवाने के लिए नगरीय विकास अभिकरण की तरफ से कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया है। समीक्षा बैठक के दौरान भी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जल्दी ही दूसरी किश्त लाभार्थियों के खाते में भिजवाई जाए। - केबी सिंह, अपर जिलाधिकारी
अधूरे मकान के आगे पन्नी डालकर रहने को विवश
कांधला। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कांधला कस्बा में पात्र लोग दूसरी किश्त न मिलने की वजह से मकान निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। कस्बा कांधला से 780 लोगों की सूची जाने के बाद पहले चरण में 565 लोगों के नाम चयनित किए गए थे। इनके नाम सूची में आने पर पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये आ गए थे। जिसके बाद लोगों ने पुराने मकानों को तोड़कर नवनिर्माण के लिए नींव भरवा दी। दूसरी किश्त के अभाव में अब मकान अधर में लटके हुए हैं। कई अपने घर के बाहर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं।
मोहल्ला रायजदगान निवासी राजबीर और निजामुद्दीन कहते हैं कि योजना की दूसरी किश्त न मिलने से हम खुले में रहने को मजबूर है। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराकर समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं है। मोहल्ला डंगडूंगरा निवासी मुरसलीन और नूर हसन कहते हैं कि मकान निर्माण न होने की वजह से किराए के मकानो में रहने को मजबूर हैं। उधर, कस्बा कांधला निवासी नरेश, सचिन, सतीश, देवेंद्र, अमित तथा नवेद का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों के चयन की जांच भी होनी चाहिए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में अनुदान के दौर पर ढाई लाख दिए जाते हैं। योजना में पात्रों को ई और एन सीरीज में रखा गया है। वही, इसके अलावा कस्बा कैराना में दो जून को एन सीरीज के 29 पात्रों के बैंक खाते में पहली किश्त आई थी, जबकि उसके बाद 63 पात्रों के खाते में पहली किश्त आई। जिनमें से करीब 50 पात्रों ने अपने पुराने घरों को तोड़कर मकान की नींव भराने के साथ ही पिलर खड़े करा लिए। इसके बाद चार माह से दूसरी किश्त का इंतजार है। इस कारण उक्त परिवार इधर उधर किराये के मकानों में रह रहे हैं।
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मोहल्ला दरबार कला निवासी शाहनवाज ने बताया कि पहली किश्त के 50 हजार रुपये मिलने पर चार महीना पूर्व घर तोड़ कर नींव भरवाई थी। दूसरी किश्त न मिलने से मकान अधूरा पड़ा है। वहीं, इसके अलावा शाहनवाज अपने बच्चों के साथ किराये के मकान में रह रहा है। इसी मोहल्ले के शरीफ ने बताया कि तीन माह पूर्व घर तोड़ दिया था, लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने के कारण मकान नहीं बना। घर का सारा सामान खराब हो रहा है। वह पड़ोसी के घर में रह रहे हैं।
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वहीं इसके अलावा यही हाल साजिद निवासी मोहल्ला बारादरी, शमशीदा निवासी आलकला, हनीफ निवासी आलकला, सलीम निवासी दरबार खुर्द, मोबिन निवासी थाने के बराबर व अन्य परिवारों का है। जो पहली किश्त आने के बाद अपना घर तोड़कर नया घर बनाने का सपना देख रहे थे, लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने के कारण किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की दूसरी किश्त लाभार्थियों के खाते में भिजवाने के लिए नगरीय विकास अभिकरण की तरफ से कार्यदायी संस्था को पत्र भेजा गया है। समीक्षा बैठक के दौरान भी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जल्दी ही दूसरी किश्त लाभार्थियों के खाते में भिजवाई जाए। - केबी सिंह, अपर जिलाधिकारी
अधूरे मकान के आगे पन्नी डालकर रहने को विवश
कांधला। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कांधला कस्बा में पात्र लोग दूसरी किश्त न मिलने की वजह से मकान निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। कस्बा कांधला से 780 लोगों की सूची जाने के बाद पहले चरण में 565 लोगों के नाम चयनित किए गए थे। इनके नाम सूची में आने पर पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये आ गए थे। जिसके बाद लोगों ने पुराने मकानों को तोड़कर नवनिर्माण के लिए नींव भरवा दी। दूसरी किश्त के अभाव में अब मकान अधर में लटके हुए हैं। कई अपने घर के बाहर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं।
मोहल्ला रायजदगान निवासी राजबीर और निजामुद्दीन कहते हैं कि योजना की दूसरी किश्त न मिलने से हम खुले में रहने को मजबूर है। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराकर समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं है। मोहल्ला डंगडूंगरा निवासी मुरसलीन और नूर हसन कहते हैं कि मकान निर्माण न होने की वजह से किराए के मकानो में रहने को मजबूर हैं। उधर, कस्बा कांधला निवासी नरेश, सचिन, सतीश, देवेंद्र, अमित तथा नवेद का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों के चयन की जांच भी होनी चाहिए।