फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Bribery in the drug department, audio of license renewal goes viral

Shamli News: औषधि विभाग में रिश्वत का खेल, लाइसेंस नवीनीकरण कराने का ऑडियो वायरल

Thu, 10 Jul 2025 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Thu, 10 Jul 2025 12:24 AM IST
विज्ञापन
Bribery in the drug department, audio of license renewal goes viral

विज्ञापन
बिजनौर। औषधि विभाग के एक दलाल की ऑडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें दलाल मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर सात रुपये की मांग कर रहा है। जिससे साफ जाहिर है कि औषधि विभाग में रिश्वत का खेल खूब फलफूल रहा है। लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने की शिकायत डीएम से भी की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में मेडिकल संचालक कहता है कि लाइसेंस रिन्युअल के लिए फीस जमा की थी। चार महीने से ज्यादा हो गए हैं। लाइसेंस रिन्युअल नहीं हुआ है। उधर, से जनसेवा केंद्र संचालक (दलाल) कहता है, लाइसेंस रिन्युअल नहीं हुआ, मतलब। मैंने तो चालान हाथोंहाथ भेज दिया था। मेडिकल संचालक बोला, क्या प्रक्रिया है नवीनीकरण तो वह बोलता है कि अब तो ऑफिस का काम रह रहा है। रिन्युअल की कोई समय सीमा नहीं है, चाहे दो साल मत कराओ। अब तो ऑफिस वालों को करना है।
विज्ञापन

उधर, से वह कहता है ऑफिस वाले तो तभी रिपोर्ट लगाएंगे, जब उनसे मिलोगे। संचालक बोला, कुछ पैसे लेंगे क्या? हां, कितने पैसे लगेंगे। आप आजाओ, यहीं बता दूंगा। इस पर संचालक बोले, ऐसे ही बता तो मेरे भाई। भइया सात हजार रुपये तक जाते हैं मुरादाबाद तक। वहां से रिपोर्ट लगकर आती है। आप आ जाओ तीन से चार दिन में बनवा दूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा खानपुर माधो उर्फ तिमरपुर निवासी अशोक कुमार ने डीएम से दलाल द्वारा मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि रिटेल मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तीन सितंबर 2024 को तीन हजार रुपये फीस जमा कराई थी। चार जुलाई 2020 तक कार्यालय के 20 चक्कर काट चुका हूं। लेकिन, लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किया गया। सुविधा शुल्क नहीं देने से लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हो रहा है।
- ये है लाइसेंस नवीनीकरण का नियम
औषधि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तीन हजार रुपये फीस लगती है। अगर, रिटेल और हॉलसेल दोनों तरह का लाइसेंस नवीनीकरण है तो छह हजार रुपये फीस लगती है। जनसेवा केंद्र संचालक निवेश मित्र पोर्टल पर नवीनीकरण कर रहे हैं। इस पोर्टल से तुरंत ही नवीनीकरण हो जाता है। फिलहाल, अब औषधि विभाग में लाइसेंस के लिए भारत सरकार का ओएनडीएलएस पोर्टल संचालित है। इस पोर्टल पर ही नए लाइसेंस बन रहे हैं।
-- रिश्वत के खेल में तुरंत नहीं करते लाइसेंस का नवीनीकरण
नियम के अनुसार मेडिकल लाइसेंस का नवीनीकरण तुरंत हो जाता है। मगर, औषधि विभाग के दलाल बने कुछ जनसेवा केंद्र संचालक लाइसेंस का नवीनीकरण करके नहीं देते हैं। मेडिकल संचालकों से चक्कर लगवाते हैं। जब, तक वह सुविधा शुल्क नहीं देते हैं। पैसा मिलने के बाद नवीनीकरण करके कागज दे देते हैं।
-- सिर्फ चार दुकानों पर ही चल रहा है लाइसेंस बनाने का खेल
सूत्रों की मानें तो बिजनौर में मेडिकल लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण करने का काम चार जनसेवा केंद्रों से ही चल रहा है। मेडिकल से संबंधित हर छोटा काम इन्हीं जन सेवा केंद्रों से होता है। जिसके चलते लोगों को गुमराह कर परेशान किया जा रहा है।

- वर्जन :
मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण पोर्टल से तुरंत हो जाता है। विभाग द्वारा कोई पैसा नहीं लिया जाता है। नवीनीकरण की फीस भी ऑनलाइन जमा होती है। जो ऑडियो वायरल हो रही है। उससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। इसमें जिन लोगों की आवाज है। उनके विरुद्ध कार्रवाई कराएंगे। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed