{"_id":"5c6d9cf3bdec22738f5204c2","slug":"boondabaandi-aur-tej-hava-ne-thituran-badaai","type":"story","status":"publish","title_hn":"बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने ठिठुरन बढ़ाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने ठिठुरन बढ़ाई
Thu, 21 Feb 2019 12:02 AM IST
NAVEEN GUPTA
amarujala
amarujala
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:02 AM IST
विज्ञापन
file
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले का बुधवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह शुरू हुई बूंदाबांदी दोपहर तक जारी रही। 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बरकरार रही। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।
पिछले कुछ दिनों से मौसम पल पल बदल रहा है। बुधवार सुबह आकाश में बादल छाए जाने के बाद साढ़े सात बजे के लगभग बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तक जारी रही। बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान में 19 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉक्टर यूपी शाही ने बताया कि भूमध्य सागर से उठी हवाएं की तीव्रता से पश्चिमी विक्षोभ बन गया है। जाडे़ के मौसम में अक्सर पश्चिमी विक्षोभ अक्सर दिसंबर जनवरी और फरवरी में आता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश हो रही है। पहाड़ों के साथ मैदानी क्षेत्र में बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण सरसों, आलू, मटर में नुकसान है। मौजूदा समय में आलू की खुदाई का समय है। बूंदाबांदी से आलू की खुदाई प्रभावित हो रही है। गेहूं, गन्ने की फसल के लिए बारिश मुफीद है। दो से तीन दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा।
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों से मौसम पल पल बदल रहा है। बुधवार सुबह आकाश में बादल छाए जाने के बाद साढ़े सात बजे के लगभग बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तक जारी रही। बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान में 19 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉक्टर यूपी शाही ने बताया कि भूमध्य सागर से उठी हवाएं की तीव्रता से पश्चिमी विक्षोभ बन गया है। जाडे़ के मौसम में अक्सर पश्चिमी विक्षोभ अक्सर दिसंबर जनवरी और फरवरी में आता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश हो रही है। पहाड़ों के साथ मैदानी क्षेत्र में बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण सरसों, आलू, मटर में नुकसान है। मौजूदा समय में आलू की खुदाई का समय है। बूंदाबांदी से आलू की खुदाई प्रभावित हो रही है। गेहूं, गन्ने की फसल के लिए बारिश मुफीद है। दो से तीन दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा।
विज्ञापन