फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Birth certificates were not made in 22 villages for one and a half years

यूपी : 22 गांवों में डेढ़ साल से नहीं बने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

Tue, 10 Nov 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2020 11:57 PM IST
विज्ञापन
Birth certificates were not made in 22 villages for one and a half years
जन्म प्रमाण पत्र - फोटो : डेमो फोटो

जिले की 22 ग्राम पंचायतों में डेढ़ साल से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पाने से यहां के लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2019 में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जा चुकी है। 22 ग्राम पंचायतों का आईडी-पासवर्ड जारी नहीं होने से प्रमाणपत्र नहीं बन रहे हैं। जिलास्तर से बार-बार शासन को पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।

विज्ञापन


पिछले साल 2019 में सीआरएस पोर्टल पर जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डाटा अपलोड करने की व्यवस्था शुरू की गई थी, ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाए जा सकें। शासन ने आवासीय जन्म-मृत्यु पंजीकरण शत प्रतिशत करने के लिए सभी जिलों में एक अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन


हालांकि पंजीकरण का कार्य पूरा नहीं होने पर इसे बढ़ाकर 15 दिसंबर तक कर दिया गया है। जनपद में भी पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जिले की कैराना तहसील के आठ गांव, ऊन तहसील का एक और शामली तहसील के 13 गांव यानि कुल 22 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां पर जन्म-मृत्यु का डाटा सीआरएस पोर्टल पर अपलोड नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी वजह यह है कि शासन से अभी तक इन ग्राम पंचायतों को पोर्टल संचालन के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड जेनरेट नहीं हो सके हैं। इस वजह से इन गांवों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे हैं। इसके अलावा ऊन ब्लाक की ग्राम पंचायत कमालपुर का पासवर्ड भी अभी तक रिसेट नहीं हो सका है। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि 22 ग्राम पंचायतों में सीआरएस पोर्टल के संचालन के लिए आईडी, पासवर्ड शासन स्तर से जेनरेट नहीं होने के कारण पिछले साल से जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डाटा अपलोड नहीं हो रहा है। आईडी और पासवर्ड जनरेट कराने के लिए शासन को अवगत कराया जा चुका है।

ये हैं आईडी पासवर्ड से वंचित गांव
शामली तहसील के गांव ख्वाजपुर, सल्फा, हुरमजपुर, ताहिरपुर भभीसा, डांगरोल, सुन्ना, नाला, भारसी, कनियान, तितारसी, जानीपुर, नागल, दभेड़ी, कैराना तहसील के गांव मलकपुर, खंदरावली, गुज्जरपुर, मवी एहतमाम तिमाली, मन्ना माजरा, शेखपुरा, युसुफपुर उर्फ चौतरा, कबीरपुर और ऊन ब्लाक का गांव हरसाना।

 

जिले की कुछ ग्राम पंचायतों के सीआरएस पोर्टल संचालन के लिए शासन स्तर से आईडी और पासवर्ड जेनरेट नहीं हुए है, जिस कारण जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डाटा अपलोड नहीं हो रहा है। उन ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही सभी गांवों में पोर्टल चालू होने की उम्मीद है।
- डा. वीबी ढाका, सीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed