फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Bhakiyu came out against the acquisition of land

भूमि अधिग्रहण के विरोध में उतरी भाकियू

Thu, 27 Aug 2020 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
Bhakiyu came out against the acquisition of land
कैराना तहसील में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता करते एसडीएम उद्भव त्रिपाठी। - फोटो : SHAMLI
भूमि अधिग्रहण करने के विरोध में उतरी भाकियू
विज्ञापन

कैराना। भारतीय किसान यूनियन ने तहसील मुख्यालय पर राष्ट्रीय राजमार्ग 709 एडी की जद में आने वाली भूमि का गलत तरीके से अधिग्रहण करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोगों क साथ नाइंसाफी सहन नहीं किया जाएगा।

पानीपत से वाया शामली मुजफ्फरनगर होते हुए नगीना तक राष्ट्रीय राजमार्ग 709 एडी फोरलेन बनाया जा रहा है, जिसके तहत एनएचएआई द्वारा फोरलेन की जद में आने वाले किसानों की भूमि को अधिग्रहण करने का कार्य किया जा रहा है। बुधवार को भी गांव मवी अहतमाल तिमाली में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने जेसीबी से फोरलेन की जद में आने वाले कुछ मकानों को तोड़ दिया था। इस पर ग्रामीणों ने मौके पर हंगामा कर दिया तथा प्रशासन से अपने मकानों का मुआवजा देने की मांग की। वहीं, कैराना बाईपास के भी कुछ किसानों ने एनएचएआई द्वारा अधिक भूमि लेने एवं कम भूमि का मुआवजा देने का आरोप लगाया। किसानों को बिना मुआवजा दिए व गलत तरीके से भूमि की पैमाइश कर अधिग्रहण करने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ धरना प्रदर्शन किया। किसानों की मांग के बाद एसडीएम उद्भव त्रिपाठी किसानों के बीच में आकर करीब आधे घंटे तक बैठे तथा उनकी समस्याएं सुनीं। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार ने कहा कि जब तक किसानों को उनका मुआवजा नहीं मिलता तब तक प्रशासन किसानों की भूमि अधिग्रहण न करें तथा उनके मकानों को न तोड़ा जाए। इसके बाद एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है तथा जिन किसानों की जमीन की पैमाइश में अंतर है, ऐसे किसान जिला मुख्यालय पर जाकर आपत्ति दर्ज कराएं। एडीएम के निर्देश पर उनकी जमीन कि दोबारा समीक्षा कराई जाएगी। जिसके बाद कुलदीप पवार ने ऐसे किसानों द्वारा आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इस पर एसडीएम ने किसानों को चार दिन का समय दिया है, ताकि किसान मुआवजे संबंधित अपनी आपत्ति दर्ज करा सकें। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खटियान, जावेद तोमर, जिला सचिव चौधरी असजद, राजेश प्रधान, भंवर सिंह, संजीव राठी, योगेंद्र पंवार, इमरान, गय्यूर, आमिर अली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed