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होनहार और हंसमुख स्वभाव का था भागवत

Thu, 02 Jan 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2020 12:24 AM IST
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Bhagwat was of a promising and cheerful nature
शामली में अंतिम संस्कार के दौरान लगी भीड़। - फोटो : SHAMLI
शामली। भजन गायक अजय के बेटे भागवत की हत्या कर शव को कार में जलाने की जानकारी मिली तो लोग भावुक हो गए।
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बुधवार सुबह अजय पाठक के घर पहुंचे हनुमानधाम रामलीला टीला के शृंगार निर्देशक रामेश्वर ने दुखी मन से बताया कि भागवत बहुत ही होनहार था। हंसमुुख स्वभाव के भागवत को बचपन से कलाकार बनने का शौक था। वह रामलीला में बड़े उत्साह के साथ भाग लेता था। 10 वर्षीय भागवत को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वे ही उनका मेकअप करते थे। रामलीला में वह अंगद सहित कई पात्रों का भागवत ने अभिनय किया। परिवार के अन्य सदस्यों की तरह रामलीला से उसे लगाव था। परिजनों ने बताया कि भागवत कक्षा चार के छात्र था, जबकि वसुंधरा पाठक कक्षा-11 की छात्रा थी।
रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन थे अजय पाठक
शामली। भजन गायक के साथ समाजसेवा में भी बढ़ चढ़कर भाग लेने वाले अजय पाठक रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन थे। श्मशान घाट में पहुंचे सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि करीब दो माह पहले ही जिले में रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन बने थे। सीएमओ के साथ सोसायटी के सचिव एसीएमओ केपी सिंह और वाइस चेयरमैन कुशांक चौहान आदि भी मौजूद रहे।
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मेरे भाई की तो निशानी भी नहीं छोड़ी
शामली। अजय पाठक के बड़े भाई कपिल पाठक का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई के पूरे परिवार की हत्या होने से उनकी आंखों से आंसू नहीं थमे। कपिल रोते हुए बार-बार यही कहते रहे कि मेरे भाई को मार डाला, भाई की निशानी भी नहीं छोड़ी जालिम ने, सबको मार दिया। मेरे बच्चे का क्या कसूर था। उसे तो छोड़ देते। पूरे परिवार को खत्म कर दिया। इस तरह के शब्दों को वे बार-बार दोहराते हुए रोते रहे। लोग उन्हें ढांढस बंधाने और संभालते रहे, लेकिन उनका कलेजा रोता रहा।
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आरोपी ने छह माह पहले अजय को बांधी थी गुरु की पगड़ी
शामली। अजय के भाई दिनेश पाठक ने बताया कि उनके भाई समेत उनके परिवार की हत्या करने के आरोप में पकड़े गए हिमांशु सैनी ने उन्हें करीब छह माह पहले एक कार्यक्रम में गुरु की पगड़ी बांधी थी। अजय भी उस पर पूरा भरोसा करता था। हिमांशु उनके करीबी शिष्यों में से एक था। उनके साथ भजन जागरण मंडली में साथ रहता था।
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